21 जुलाई 2026
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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं तो आंदोलन नहीं रुकेगा: CJP के आशुतोष रांका का ऐलान

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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं तो आंदोलन नहीं रुकेगा: CJP के आशुतोष रांका का ऐलान

सारांश

CJP के आशुतोष रांका ने साफ कह दिया — धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही एकमात्र शर्त है। पाँच घंटे की वार्ता बेनतीजा रही, पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप है, और पार्टी का दावा है कि दबाव से आंदोलन और बड़ा होगा।

मुख्य बातें

CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने 21 जुलाई को कहा कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते।
सरकार के साथ करीब पाँच घंटे की वार्ता हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
पार्टी ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और स्वयंसेवकों के साथ मारपीट का आरोप लगाया है — ये आरोप अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
रांका का दावा है कि पुलिस कार्रवाई से आंदोलन कमज़ोर नहीं बल्कि और व्यापक होगा।
पार्टी ने सरकार से माँग की कि वह प्रदर्शन स्थल पर आकर प्रदर्शनकारियों से सीधे संवाद करे।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने 21 जुलाई को स्पष्ट किया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा। पार्टी ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए आंदोलन को और व्यापक बनाने की चेतावनी दी है।

पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप

रांका ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंदोलन को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया। उनका कहना है कि पुलिस को प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध बल प्रयोग के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन स्थल को नुकसान पहुँचाया गया और आंदोलन में सहयोग कर रहे स्वयंसेवकों के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई। हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

पाँच घंटे की वार्ता, कोई नतीजा नहीं

रांका ने बताया कि सरकार के साथ हुई बैठक करीब पाँच घंटे तक चली, लेकिन कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि यदि वह वास्तव में संवाद चाहती है, तो उसके प्रतिनिधियों को प्रदर्शन स्थल पर आकर प्रदर्शनकारियों से सीधे बात करनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच खाई बढ़ती दिख रही है।

आंदोलन और व्यापक होगा: रांका

रांका का दावा है कि पुलिस की कार्रवाई से आंदोलन कमज़ोर पड़ने के बजाय और विस्तृत होगा। उन्होंने कहा, 'हमारी मांगें पूरी होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और कथित हिंसा का हम लगातार आकलन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने जंतर-मंतर पहुँचना चाहते थे, लेकिन पुलिस की कार्रवाई ने सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।' उनके अनुसार, पहले से अधिक लोग अब दिल्ली पहुँचेंगे।

प्रमुख माँग: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

CJP की केंद्रीय माँग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा है। गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन शिक्षा नीति या परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों को लेकर जारी है। रांका ने स्पष्ट किया कि जब तक यह माँग पूरी नहीं होती, आंदोलन किसी भी स्थिति में वापस नहीं लिया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जंतर-मंतर पर उसका धरना एक बड़े सवाल की ओर इशारा करता है — क्या शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमा हो रहा असंतोष केवल एक दल की राजनीति है या व्यापक छात्र-जन आक्रोश की अभिव्यक्ति? पाँच घंटे की वार्ता का बेनतीजा रहना बताता है कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच की खाई महज़ प्रक्रियागत नहीं, बल्कि वैचारिक है। दिल्ली पुलिस पर लाठीचार्ज के आरोप — यदि सत्यापित होते हैं — तो यह सवाल उठाते हैं कि क्या शांतिपूर्ण असहमति के लिए संवैधानिक स्थान सिकुड़ रहा है। मीडिया कवरेज अक्सर ऐसे छोटे दलों के आंदोलनों को हाशिये पर रखती है, लेकिन इस्तीफे की माँग और पुलिस टकराव का संयोग इसे नज़रअंदाज़ करना मुश्किल बनाता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CJP का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किस बारे में है?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। पार्टी का आरोप है कि शिक्षा नीति या परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों के लिए मंत्री जवाबदेह हैं।
आशुतोष रांका कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
आशुतोष रांका कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। उन्होंने 21 जुलाई को स्पष्ट किया कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा और आंदोलन और व्यापक होगा।
दिल्ली पुलिस पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
CJP ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, प्रदर्शन स्थल को नुकसान पहुँचाया और स्वयंसेवकों के साथ मारपीट की। ये आरोप कथित तौर पर लगाए गए हैं और अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
सरकार के साथ वार्ता का क्या नतीजा रहा?
रांका के अनुसार, सरकार के साथ करीब पाँच घंटे तक बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। पार्टी ने माँग की है कि सरकार के प्रतिनिधि प्रदर्शन स्थल पर आकर सीधे संवाद करें।
आगे आंदोलन की क्या दिशा होगी?
CJP का कहना है कि पुलिस कार्रवाई से आंदोलन कमज़ोर नहीं होगा, बल्कि और अधिक लोग जंतर-मंतर पहुँचेंगे। जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, विरोध प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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