राहुल गांधी का PM आवास के बाहर धरना, जितेंद्र सिंह ने की बातचीत; छात्र लाठीचार्ज पर विपक्ष एकजुट
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने मंगलवार, 22 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के निकट धरना दिया। यह प्रदर्शन सोमवार को जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के संसद मार्च में शामिल छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में था। धरने के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी से मिलने पहुँचे और दोनों नेताओं के बीच कुछ देर बातचीत हुई।
मुख्य घटनाक्रम
बताया जाता है कि केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से विरोध-प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की। धरने में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अनेक अन्य सांसद भी शामिल थे। सांसदों ने जमीन पर बैठकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री का इस्तीफा माँगा। सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
राहुल गांधी का बयान
धरने से पहले राहुल गांधी ने कहा, 'हमने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर संसद में छात्रों के मुद्दे पर चर्चा कराने की माँग की थी। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस पर चर्चा कराने के लिए उन्हें सरकार से अनुमति लेनी होगी। यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। न्याय की माँग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है और उनके साथ मारपीट की जा रही है। प्रधानमंत्री ने अब तक उनसे माफी तक नहीं माँगी है। देश के युवा ध्वस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। प्रधानमंत्री इस पर मौन क्यों हैं? उन्हें छात्रों से माफी माँगनी चाहिए और छात्रों पर हो रहे इस दमन को तत्काल रोकना चाहिए।'
अन्य सांसदों की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, 'हम यहाँ छात्रों पर हुए अत्याचार, लाठीचार्ज और आँसू गैस के गोले छोड़े जाने के विरोध में आए हैं। हम उन छात्रों के समर्थन में भी यहाँ आए हैं, जो अस्पतालों में भर्ती हैं और जिनके माता-पिता बहुत परेशान हैं।'
कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने कहा, 'दिल्ली में छात्रों के साथ जैसा व्यवहार किया गया, उसके बारे में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी संसद में आवाज उठाना चाह रहे थे। लेकिन हमारे नेताओं को सदन में अपनी बात रखने नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री न खुद सदन में आते हैं और न ही विपक्ष की बात सुनते हैं। ऐसे में हमने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया है। उन्हें जवाब देना ही होगा।'
पृष्ठभूमि: क्यों उठी यह माँग
गौरतलब है कि सोमवार को जंतर-मंतर पर सीजेपी के संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया था और आँसू गैस के गोले दागे थे। कई छात्र घायल हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर छात्रों में व्यापक असंतोष है।
आगे क्या होगा
विपक्ष का दबाव संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह जारी है। आलोचकों का कहना है कि सरकार की चुप्पी और संसद में चर्चा न होने देना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार छात्रों के मुद्दे पर जवाब नहीं देती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।