21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राहुल गांधी-जितेंद्र सिंह वार्ता बेनतीजा, कांग्रेस ने लोक कल्याण मार्ग पर धरना देकर रखी 5 प्रमुख मांगें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राहुल गांधी-जितेंद्र सिंह वार्ता बेनतीजा, कांग्रेस ने लोक कल्याण मार्ग पर धरना देकर रखी 5 प्रमुख मांगें

सारांश

राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के बीच 21 जुलाई को हुई वार्ता बेनतीजा रही। सीजेपी के प्रदर्शन पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस लोक कल्याण मार्ग पर धरने पर बैठी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत 5 प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं।

मुख्य बातें

राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री डॉ.
जितेंद्र सिंह के बीच 21 जुलाई को हुई वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हुई।
कांग्रेस ने लोक कल्याण मार्ग, नई दिल्ली पर मार्च निकालकर धरना दिया; राहुल गांधी सहित सांसद जमीन पर बैठे।
पार्टी ने 5 मांगें रखीं — केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, गृह मंत्री का संसद में बयान, सदन में चर्चा, छात्र मुद्दों का समाधान और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जाँच।
विरोध का कारण 20 जुलाई को सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान हुआ कथित लाठीचार्ज है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए छात्रों से माफी माँगने की माँग की।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के बीच 21 जुलाई को हुई वार्ता किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को नई दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग तक मार्च निकाला और वहाँ धरने पर बैठ गई। केंद्र सरकार के सामने पार्टी ने 5 प्रमुख मांगें रखी हैं।

वार्ता का घटनाक्रम

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह धरनास्थल पर कांग्रेस नेताओं से बातचीत करने पहुंचे और राहुल गांधी से मुलाकात कर प्रदर्शनकारियों की मांगों पर चर्चा की। हालाँकि, दोनों पक्षों के बीच हुई इस बैठक का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला और वार्ता बेनतीजा रही।

धरना देर शाम तक जारी रहा। राहुल गांधी सहित अन्य सांसद जमीन पर बैठकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के इस्तीफे की माँग करते रहे। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।

कांग्रेस की 5 प्रमुख मांगें

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने केंद्र सरकार के समक्ष निम्नलिखित माँगें रखी हैं:

पहली — केंद्रीय शिक्षा मंत्री का तत्काल इस्तीफा। दूसरी — केंद्रीय गृह मंत्री संसद के दोनों सदनों में इस पूरे प्रकरण पर बयान दें। तीसरी — सदन में इस मामले पर विस्तृत चर्चा कराई जाए। चौथी — छात्रों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से सुना और संबोधित किया जाए। पाँचवीं — प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जाँच कराई जाए।

राहुल गांधी का बयान

धरने से पहले राहुल गांधी ने कहा, 'हमने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर संसद में छात्रों के मुद्दे पर चर्चा कराने की माँग की थी। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस पर चर्चा के लिए उन्हें सरकार से अनुमति लेनी होगी।' उन्होंने आगे कहा, 'यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। न्याय की माँग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने अब तक उनसे माफी तक नहीं माँगी है। देश के युवा ध्वस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं — प्रधानमंत्री इस पर मौन क्यों हैं? उन्हें छात्रों से माफी माँगनी चाहिए और यह दमन तत्काल रोकना चाहिए।'

पृष्ठभूमि: सीजेपी का प्रदर्शन और लाठीचार्ज

कांग्रेस का आरोप है कि 20 जुलाई को सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती बरती गई। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों में गहरी नाराजगी पहले से व्याप्त है। गौरतलब है कि इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज कर दिया है।

आगे क्या

वार्ता के विफल होने के बाद कांग्रेस के अगले कदम पर सबकी निगाहें टिकी हैं। पार्टी ने संकेत दिया है कि जब तक सरकार उनकी माँगें नहीं मानती, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। संसद सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सदन में हंगामे की भी संभावना बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन किसी रियायत के साथ नहीं। कांग्रेस की पाँच मांगों में से तीन सीधे तौर पर मंत्रियों के इस्तीफे और संसदीय जवाबदेही से जुड़ी हैं, जिन्हें स्वीकार करना सरकार के लिए राजनीतिक रूप से कठिन है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब छात्र आंदोलन और परीक्षा प्रणाली की विफलता पहले से ही राष्ट्रीय बहस का केंद्र बनी हुई है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष इस मुद्दे को संसद के भीतर उतनी ही तीव्रता से उठा पाएगा जितनी तीव्रता से वह सड़क पर दिख रहा है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी और जितेंद्र सिंह के बीच वार्ता क्यों विफल हुई?
सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच 21 जुलाई को हुई बातचीत किसी सहमति पर नहीं पहुंच सकी। कांग्रेस की माँगें — जिनमें मंत्री के इस्तीफे और संसदीय जाँच शामिल हैं — सरकार को स्वीकार्य नहीं हुईं।
कांग्रेस ने सरकार के सामने कौन-सी 5 मांगें रखी हैं?
कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, गृह मंत्री द्वारा संसद के दोनों सदनों में बयान, सदन में विस्तृत चर्चा, छात्र मुद्दों का गंभीर समाधान और 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जाँच की माँग की है।
लोक कल्याण मार्ग पर कांग्रेस का धरना किस कारण हुआ?
20 जुलाई को सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने यह धरना दिया। पार्टी का आरोप है कि पुलिस ने न्याय माँग रहे छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ अनुचित सख्ती बरती।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से क्या माँग की?
राहुल गांधी ने माँग की कि प्रधानमंत्री छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी माँगें और उन पर हो रहे दमन को तत्काल रोकें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की चुप्पी इस गंभीर मुद्दे पर अस्वीकार्य है।
इस विरोध प्रदर्शन का संसद पर क्या असर पड़ सकता है?
वार्ता विफल होने के बाद कांग्रेस ने संकेत दिया है कि विरोध जारी रहेगा। संसद सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सदन में हंगामे और स्थगन प्रस्ताव की संभावना बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 4 घंटे पहले
  4. 4 घंटे पहले
  5. 5 घंटे पहले
  6. 6 घंटे पहले
  7. 10 घंटे पहले
  8. 12 घंटे पहले