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रक्षाबंधन पर अयोध्या में रामलला को 56 भोग, देशभर से आईं हजारों राखियाँ

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रक्षाबंधन पर अयोध्या में रामलला को 56 भोग, देशभर से आईं हजारों राखियाँ

सारांश

रक्षाबंधन पर अयोध्या में आस्था का सैलाब उमड़ा — रामलला को 56 भोग, नए वस्त्र और बहन शांता की ओर से राखी अर्पित की गई। देशभर से हजारों राखियाँ मंदिर पहुँचीं। कनक भवन में भी लाल साहब दरबार में सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में भव्य उत्सव मनाया गया।

मुख्य बातें

अयोध्या के राम मंदिर में 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर रामलला को 56 भोग और नए वस्त्र अर्पित किए गए।
देशभर से हजारों राखियाँ रामलला के लिए भेजी गईं; बहन शांता की ओर से भी राखी समर्पित की गई।
मुख्य पुजारी संतोष ने विधि-विधान से रामलला के चरणों में राखियाँ अर्पित कीं और मंदिर के सभी पुजारियों को भी राखियाँ धारण कराई गईं।
कनक भवन में महंत रामनरेश दास की उपस्थिति में सुबह 8 बजे लाल साहब को राखी, तिलक और भोग अर्पित किया गया।
श्रृंगी आश्रम में संतों ने माता शांता की ओर से भेजी राखियाँ अर्पित कीं।

अयोध्या के राम मंदिर में 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व विशेष धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। रामलला और कनक भवन के बाल स्वरूप लाल साहब को राखियाँ अर्पित की गईं, तथा देशभर से श्रद्धालुओं ने हजारों राखियाँ भिजवाईं। इस अवसर पर रामलला को 56 भोग लगाया गया और नए वस्त्र धारण कराए गए।

राम मंदिर में विशेष पूजन और श्रृंगार

रक्षाबंधन के पावन अवसर पर राम मंदिर में विशेष पूजन-अर्चना का आयोजन किया गया। रामलला को नए वस्त्र पहनाए गए और 56 भोग का प्रसाद अर्पित किया गया। इसके उपरांत रामलला के साथ-साथ उनके चारों भाइयों, राम दरबार और हनुमान जी को भी राखियाँ समर्पित की गईं।

विशेष रूप से, रामलला की बहन शांता की ओर से भी राखी समर्पित की गई — यह परंपरा इस मंदिर की अपनी अनूठी धार्मिक रीति को दर्शाती है। दिल्ली से प्रतिदिन आने वाली माला भी आज रामलला को पहनाई गई।

मुख्य पुजारी संतोष ने बताई परंपरा

मुख्य पुजारी संतोष ने विधि-विधान से रामलला के चरणों में राखियाँ अर्पित कीं। उन्होंने कहा, 'हम बहुत खुश हैं। माता शांता की ओर से भगवान रामलला और उनके चारों भाइयों के लिए राखियाँ भेजी गई हैं। ये राखियाँ गुरुवार को मिली थीं और आज पूजा के बाद संतों ने श्रृंगी आश्रम में इन्हें अर्पित किया।'

मुख्य पुजारी ने यह भी बताया कि मंदिर के सभी पुजारियों के लिए भी विशेष राखियाँ आई थीं, जिन्हें पूजन के पश्चात उन्होंने धारण किया। गौरतलब है कि राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह रक्षाबंधन पर्व विशेष महत्त्व रखता है, क्योंकि देशभर के भक्त अब सीधे मंदिर तक अपनी आस्था पहुँचा रहे हैं।

कनक भवन में लाल साहब दरबार का उत्सव

कनक भवन स्थित लाल साहब दरबार में सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में राखी बाँधने का कार्यक्रम संपन्न हुआ। महंत रामनरेश दास की उपस्थिति में लाल साहब का विशेष श्रृंगार और भोग का आयोजन किया गया।

महंत रामनरेश दास ने बताया, 'लाल साहब दरबार में देशभर से हजारों भक्तों की राखियाँ आईं। रक्षाबंधन के अवसर पर भगवान को राखी अर्पित की गई। उन्हें तिलक और भोग भी लगाया गया।' यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।

देशभर से उमड़ी आस्था

रक्षाबंधन पर अयोध्या में श्रद्धालुओं का विशेष जमावड़ा रहा। देश के कोने-कोने से भक्तों ने रामलला और लाल साहब के लिए राखियाँ भेजकर अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह परंपरा हर वर्ष और अधिक व्यापक होती जा रही है। आने वाले त्योहारों पर भी इसी प्रकार के विशेष आयोजन अयोध्या में होते रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मंदिर प्रशासन के लिए बढ़ती भीड़ और प्रसाद प्रबंधन एक दीर्घकालिक चुनौती भी बनती जा रही है, जिस पर मुख्यधारा की कवरेज प्रायः ध्यान नहीं देती।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या में रक्षाबंधन पर रामलला को क्या अर्पित किया गया?
28 अगस्त को रक्षाबंधन पर रामलला को 56 भोग और नए वस्त्र अर्पित किए गए। इसके साथ ही उनके चारों भाइयों, राम दरबार और हनुमान जी को भी राखियाँ समर्पित की गईं।
रामलला की बहन शांता की ओर से राखी कैसे अर्पित की गई?
माता शांता की ओर से राखियाँ गुरुवार को मंदिर पहुँची थीं। मुख्य पुजारी संतोष के अनुसार, पूजा के बाद संतों ने श्रृंगी आश्रम में इन राखियाँ रामलला को अर्पित कीं।
कनक भवन में रक्षाबंधन का उत्सव कैसे मनाया गया?
कनक भवन स्थित लाल साहब दरबार में सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में राखी बाँधी गई। महंत रामनरेश दास की उपस्थिति में लाल साहब का विशेष श्रृंगार, तिलक और भोग का आयोजन हुआ।
राम मंदिर के पुजारियों को भी राखियाँ मिलीं?
हाँ, मुख्य पुजारी संतोष ने बताया कि मंदिर के सभी पुजारियों के लिए भी विशेष राखियाँ आई थीं, जिन्हें पूजन के पश्चात उन्होंने धारण किया।
अयोध्या में रक्षाबंधन पर देशभर से कितनी राखियाँ आईं?
मंदिर प्रशासन के अनुसार, रक्षाबंधन पर देशभर से हजारों राखियाँ रामलला और लाल साहब दरबार के लिए अयोध्या भेजी गईं। यह संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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