अयोध्या राम मंदिर में रामलला का झूलनोत्सव शुरू, स्वर्ण जड़ित चांदी के झूले पर हुए मनोहारी दर्शन
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में 18 अगस्त 2025 (सोमवार) से रामलला का झूलनोत्सव आरंभ हो गया, जिसमें उत्सव मूर्ति को स्वर्ण जड़ित चांदी से निर्मित फूलों से सजे भव्य झूले पर विराजमान कराया गया। सावन के पावन माह में आयोजित इस पारंपरिक उत्सव में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह सुबह से ही उमड़ पड़ा।
मुख्य घटनाक्रम
गर्भगृह को विशेष रूप से सजाया गया और रामलला की उत्सव मूर्ति को स्वर्ण जड़ित चांदी के झूले पर आसीन किया गया। फूलों की सुंदर सजावट के बीच श्रद्धालुओं ने सखी भाव से भक्ति गीत, कजरी और भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए। मंदिर परिसर भक्ति और उल्लास के वातावरण से सराबोर रहा।
झूलनोत्सव की धार्मिक पृष्ठभूमि
स्थानीय संतों के अनुसार, रामनगरी के मठ-मंदिरों में सावन के दौरान भगवान को झूला झुलाने की परंपरा सदियों पुरानी है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान श्रीराम के जन्म के लगभग चार माह पश्चात माता कौशल्या ने राजा दशरथ की अन्य रानियों के साथ मिलकर रामलला और उनके भाइयों को झूला झुलाया था, और इस अवसर पर सावन के पारंपरिक कजरी गीत गाए गए थे। कालांतर में यही परंपरा अयोध्या के धार्मिक उत्सवों का अभिन्न अंग बन गई।
मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में सावन के पूरे माह रामलला को प्रतिदिन विशेष वस्त्रों और आभूषणों से अलंकृत कर झूला झुलाने की परंपरा निभाई जा रही है। भजन-कीर्तन और पारंपरिक गीतों की मधुर स्वर-लहरियों के बीच श्रद्धालु झूले पर विराजमान रामलला के दर्शन कर आनंदित हुए। सुबह से ही मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।
नाग पंचमी और शेषावतार मंदिर
इसी क्रम में नाग पंचमी के अवसर पर अयोध्या के शेषावतार मंदिर में भगवान लक्ष्मण के दर्शन और तस्वीरें भी श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान लक्ष्मण को शेषनाग का अवतार माना जाता है।
अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत
रामनगरी में सावन झूला उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अयोध्या की प्राचीन सांस्कृतिक और भक्ति परंपरा का जीवंत प्रतिबिंब है। अयोध्या के विभिन्न मंदिरों में भगवान श्रीराम, माता सीता और अन्य विग्रहों को झूले पर विराजमान कराकर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, जो इस नगरी की सांस्कृतिक पहचान को और गहरा करती है।