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अयोध्या सावन झूला मेला 2025: रामलला दर्शन निर्बाध, 9 सेक्टरों में सुरक्षा, नौकायन पर रोक

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अयोध्या सावन झूला मेला 2025: रामलला दर्शन निर्बाध, 9 सेक्टरों में सुरक्षा, नौकायन पर रोक

सारांश

राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद पहले पूर्ण सावन मेले में अयोध्या पूरी तरह तैयार है — रामलला चांदी के झूले पर विराजेंगे, मेला क्षेत्र 9 सेक्टरों में बँटा है और ड्रोन-CCTV से निगरानी होगी। लेकिन सरयू का बढ़ता जलस्तर चिंता का विषय बना, नौकायन पर रोक लगाई गई।

मुख्य बातें

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और जिला प्रशासन ने सावन झूला मेले की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।
ट्रस्ट सदस्य महंत दिनेंद्र दास के अनुसार रामलला के दर्शन निर्बाध जारी हैं और सभी धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान से हो रहे हैं।
इस वर्ष भी रामलला को पारंपरिक चांदी के झूले पर विराजमान कर झुलाया जाएगा।
पूरे मेला क्षेत्र को 9 सेक्टरों में बाँटा गया है; SDRF , अतिरिक्त पुलिस, CCTV और ड्रोन निगरानी तैनात।
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण अगले आदेश तक सभी नौकायन गतिविधियाँ बंद कर दी गई हैं।

अयोध्या में गुरु पूर्णिमा और श्रावण मास के आगमन से पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और जिला प्रशासन ने सावन झूला मेले की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने स्पष्ट किया है कि रामलला के दर्शन में किसी प्रकार की बाधा नहीं है और श्रद्धालुओं को पूरी सुविधा मिल रही है।

दर्शन व्यवस्था और धार्मिक अनुष्ठान

महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि राम मंदिर में परंपराओं के अनुसार सभी धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न हो रहे हैं। मंदिर के पुजारी नियमित पूजा-पाठ कर रहे हैं और संत-महंत भी मौजूदा व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। शासन और मंदिर प्रशासन मिलकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं में लगातार सुधार कर रहे हैं।

रामलला का पारंपरिक चांदी झूला उत्सव

सावन के विशेष अवसर पर इस वर्ष भी रामलला को पारंपरिक चांदी के झूले पर विराजमान कर झुलाया जाएगा। यह परंपरा अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। गौरतलब है कि राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह पहले पूर्ण सावन मेलों में से एक है, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

अयोध्या के सर्किल अधिकारी आशुतोष तिवारी ने बताया कि सावन झूला मेले के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र को 9 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

संवेदनशील स्थानों पर SDRF की टीमें और अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात हैं। पूरे मेला क्षेत्र में CCTV कैमरों, ड्रोन निगरानी और कंट्रोल रूम के ज़रिए निरंतर निगरानी रखी जाएगी।

सरयू जलस्तर बढ़ने पर नौकायन बंद

सीओ आशुतोष तिवारी ने जानकारी दी कि सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अगले आदेश तक सभी प्रकार की नौकायन गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। यह निर्णय एहतियाती उपाय के रूप में लिया गया है।

आगे की तैयारियाँ

यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या में धार्मिक पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सावन के पूरे महीने श्रद्धालुओं को निर्बाध दर्शन और सुरक्षित वातावरण मिले।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र कितना प्रभावी साबित होता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या में सावन झूला मेला कब शुरू होगा और रामलला के दर्शन कैसे होंगे?
सावन झूला मेला श्रावण मास की शुरुआत के साथ अयोध्या में प्रारंभ होगा। महंत दिनेंद्र दास के अनुसार रामलला के दर्शन की व्यवस्था सुचारु है और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
सावन में रामलला को चांदी के झूले पर क्यों विराजमान किया जाता है?
यह अयोध्या की पुरानी धार्मिक परंपरा है जिसमें सावन मास में भगवान को झूले पर विराजमान कर झुलाया जाता है। इस वर्ष भी रामलला को पारंपरिक चांदी के झूले पर विराजित किया जाएगा।
अयोध्या सावन मेले में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं?
सर्किल अधिकारी आशुतोष तिवारी के अनुसार पूरे मेला क्षेत्र को 9 सेक्टरों में बाँटा गया है। SDRF टीमें, अतिरिक्त पुलिस बल, CCTV कैमरे, ड्रोन निगरानी और कंट्रोल रूम के ज़रिए निरंतर निगरानी की जाएगी।
अयोध्या में नौकायन पर रोक क्यों लगाई गई है?
सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए अगले आदेश तक सभी प्रकार की नौकायन गतिविधियाँ बंद कर दी गई हैं।
गुरु पूर्णिमा और सावन मेले में अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं को क्या ध्यान रखना चाहिए?
प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, लेकिन सरयू में नौकायन पर रोक है। श्रद्धालु मेला क्षेत्र के 9 सेक्टरों में तैनात पुलिस बल से सहायता ले सकते हैं और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
राष्ट्र प्रेस
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