अयोध्या में रामलला झूलनोत्सव 15 अगस्त से शुरू, 28 अगस्त तक चलेगा उत्सव
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के राम मंदिर में रामलला झूलनोत्सव का शुभारंभ 15 अगस्त 2026 को हुआ और यह उत्सव 28 अगस्त तक जारी रहेगा। राम मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक समिति के सदस्य राजकुमार दास ने यह जानकारी देते हुए बताया कि स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर इस उत्सव का आरंभ विशेष महत्व रखता है।
मुख्य घटनाक्रम
झूलनोत्सव के दौरान कुबेर टीला तक विशेष पालकी यात्रा निकाली जाएगी। प्रतिदिन शाम की आरती से पूर्व झूला दर्शन का आयोजन होगा। इसके साथ ही मंदिर के पुजारियों के लिए पीले रेशमी वस्त्रों का नया ड्रेस कोड भी लागू किया जाएगा, जिसका निर्णय पहले ही एक बैठक में लिया जा चुका था।
राजकुमार दास का वक्तव्य
राजकुमार दास ने कहा कि 500 वर्षों के दीर्घ संघर्ष के पश्चात रामलला का यह वैभव सनातन धर्म के स्वर्णिम काल का प्रतीक है। उन्होंने कहा, 'पुरानी पीढ़ियाँ संघर्ष करके चली गईं, किंतु नई पीढ़ी का यह सौभाग्य है कि उन्हें इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने का अवसर मिल रहा है।' उन्होंने सनातन धर्म के अनुयायियों को झूलनोत्सव की बधाई दी और युवा पीढ़ी से अयोध्या आकर दर्शन करने का आग्रह किया।
स्वतंत्रता दिवस और वंदे मातरम् का संदर्भ
राजकुमार दास ने 15 अगस्त को देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि साधु-संतों की ओर से समस्त देशवासियों को इस राष्ट्रीय पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएँ।
पुजारियों का ड्रेस कोड
धार्मिक समिति के सदस्य ने स्पष्ट किया कि पुजारियों के लिए पीले रेशमी वस्त्रों का ड्रेस कोड पूर्व निर्धारित बैठक में तय किया गया था और अब इसे शीघ्र लागू किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी पुजारी इस नियम का पालन करेंगे।
आम श्रद्धालुओं पर असर
झूलनोत्सव के दौरान 28 अगस्त तक प्रतिदिन विशेष दर्शन और पालकी यात्रा का लाभ श्रद्धालु उठा सकेंगे। यह आयोजन देश भर से आने वाले भक्तों के लिए एक दुर्लभ धार्मिक अनुभव प्रदान करेगा। राजकुमार दास ने इसे एक अभूतपूर्व अवसर बताते हुए सभी से उपस्थित होने की अपील की।