10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नीट री-एग्जाम विवाद: प्रियांक खड़गे बोले — छात्र मुद्दों पर भाजपा को उपदेश देने का अधिकार नहीं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीट री-एग्जाम विवाद: प्रियांक खड़गे बोले — छात्र मुद्दों पर भाजपा को उपदेश देने का अधिकार नहीं

सारांश

नीट री-एग्जाम में तीन छात्रों की अनुपस्थिति को लेकर भाजपा के आरोपों पर कर्नाटक मंत्री प्रियांक खड़गे ने पलटवार किया — 10 साल में 22 लाख छात्र प्रभावित और 90 कथित पेपर लीक का हवाला देकर भाजपा से पहले माफी माँगने की माँग की।

मुख्य बातें

कर्नाटक मंत्री प्रियांक खड़गे ने 22 जून 2026 को बेंगलुरु में नीट री-एग्जाम विवाद पर भाजपा के आरोपों को खारिज किया।
खड़गे ने माना कि तीन छात्र परीक्षा नहीं दे पाए, लेकिन इसके लिए सरकारी कार्यक्रम को जिम्मेदार नहीं ठहराया।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में कथित तौर पर 22 लाख छात्र प्रभावित हुए और लगभग 90 बार पेपर लीक हुए।
नीट SOP के अनुसार उम्मीदवारों को परीक्षा से कम से कम ढाई घंटे पहले केंद्र पहुँचना अनिवार्य है; आरजी कॉलेज में 720 में से 120 छात्र अनुपस्थित रहे।
खड़गे ने दिल्ली , मुंबई (परेल, डोंबिवली) में भी छात्रों की अनुपस्थिति का हवाला देकर भाजपा शासित राज्यों पर सवाल उठाया।

कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने 22 जून 2026 को बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि एक सरकारी कार्यक्रम के कारण लगे ट्रैफिक प्रतिबंधों की वजह से कुछ छात्र नीट री-एग्जाम में शामिल नहीं हो पाए। खड़गे ने पलटवार करते हुए सवाल किया कि यदि ट्रैफिक ही बाधा था, तो उसी दिन हजारों अन्य उम्मीदवार अपने परीक्षा केंद्रों तक समय पर कैसे पहुँचे।

मुख्य घटनाक्रम

रविवार को बेंगलुरु के कई परीक्षा केंद्रों पर नीट री-एग्जाम आयोजित हुई, जिसमें हजारों छात्र शामिल हुए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य नेताओं के एक बड़े कार्यक्रम के कारण लगाए गए ट्रैफिक प्रतिबंधों की वजह से कुछ छात्र परीक्षा नहीं दे पाए। इस पर खड़गे ने स्वीकार किया कि तीन छात्र परीक्षा में नहीं बैठ पाए, लेकिन उन्होंने इसके लिए सरकारी कार्यक्रम को जिम्मेदार ठहराने से इनकार किया।

तीन छात्रों की अनुपस्थिति — खड़गे का स्पष्टीकरण

खड़गे ने प्रत्येक मामले का ब्यौरा देते हुए कहा, 'यह सच है कि तीन छात्र परीक्षा नहीं दे पाए। उनमें से एक पड़ोसी शहर मगदी से आ रहा था। क्या कांग्रेस की रैली मगदी में हुई थी? एक और छात्र पुराना हॉल टिकट लेकर आया था। तीसरा छात्र आरटी नगर से आ रहा था।' उन्होंने यह भी बताया कि नीट की मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार परीक्षा केंद्र के गेट सुबह 11 बजे खुलते हैं और उम्मीदवारों को परीक्षा से कम से कम ढाई घंटे पहले पहुँचना अनिवार्य होता है। उन्होंने रेखांकित किया कि अकेले आरजी कॉलेज में लगभग 720 छात्र परीक्षा में शामिल हुए, जबकि लगभग 120 अनुपस्थित रहे।

भाजपा पर पलटवार — पेपर लीक का हवाला

खड़गे ने भाजपा की आलोचना को सीधे नकारते हुए कहा, 'हमें भाजपा से सीख लेने की जरूरत नहीं है। अगर उन्हें सच में छात्रों की चिंता है, तो उन्हें उनसे माफी मांगनी चाहिए। पिछले 10 साल में लगभग 22 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं और कथित तौर पर लगभग 90 बार परीक्षा के पेपर लीक हुए हैं। पहले उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।' उन्होंने यह भी पूछा कि नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया।

अन्य राज्यों का संदर्भ

खड़गे ने इस मुद्दे को व्यापक परिप्रेक्ष्य में रखते हुए कहा कि दिल्ली में भी कथित तौर पर कुछ छात्र परीक्षा नहीं दे पाए, और मुंबई के परेलडोंबिवली इलाकों में भी छात्रों को इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने सवाल किया कि क्या इसका अर्थ यह है कि वहाँ भाजपा नेतृत्व वाली सरकारें जिम्मेदार हैं। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश में एक अदालत द्वारा रेलवे अधिकारियों पर देरी के लिए ₹9 लाख का जुर्माना लगाए जाने का उदाहरण भी दिया और पूछा कि क्या केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उस मामले में इस्तीफा दिया था।

आगे क्या

यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब नीट परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पहले से ही राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। खड़गे ने विपक्ष से आग्रह किया कि वह इस मामले को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने के बजाय तार्किक और जिम्मेदार दृष्टिकोण से देखे। गौरतलब है कि नीट प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग अब केवल एक राज्य तक सीमित नहीं रही — यह एक राष्ट्रीय प्रश्न बन चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह मूल प्रश्न से ध्यान नहीं हटाता — क्या राज्य सरकार ने नीट री-एग्जाम की तारीख और अपने बड़े कार्यक्रम के बीच समन्वय सुनिश्चित किया था? भाजपा के पेपर लीक इतिहास को उठाना जायज़ है, पर यह कर्नाटक की प्रशासनिक जिम्मेदारी को प्रतिस्थापित नहीं करता। तीन छात्रों की संख्या भले ही छोटी लगे, लेकिन नीट जैसी परीक्षा में एक भी छात्र का वंचित रहना व्यवस्था की विफलता है। असली सवाल यह है कि क्या राज्य और केंद्र — दोनों — परीक्षा प्रशासन में जवाबदेही का एक साझा मानक तय करने को तैयार हैं, या यह मुद्दा भी केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ जाएगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट री-एग्जाम में बेंगलुरु के छात्र क्यों नहीं दे पाए परीक्षा?
विपक्ष का आरोप है कि एक सरकारी कार्यक्रम के कारण लगे ट्रैफिक प्रतिबंधों की वजह से कुछ छात्र परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुँच पाए। हालाँकि मंत्री प्रियांक खड़गे ने स्पष्ट किया कि तीन अनुपस्थित छात्रों में से एक मगदी से था, एक पुराना हॉल टिकट लेकर आया था, और तीसरा आरटी नगर से था — इनमें से कोई भी सीधे रैली-प्रभावित क्षेत्र से नहीं था।
प्रियांक खड़गे ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
खड़गे ने कहा कि भाजपा को छात्र मुद्दों पर उपदेश देने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में कथित तौर पर 22 लाख छात्र प्रभावित हुए और लगभग 90 बार पेपर लीक हुए, जिसके लिए भाजपा को पहले माफी माँगनी चाहिए।
नीट परीक्षा की SOP के अनुसार उम्मीदवारों को कब पहुँचना होता है?
नीट की मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार परीक्षा केंद्र के गेट सुबह 11 बजे खुलते हैं और उम्मीदवारों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम ढाई घंटे पहले पहुँचना अनिवार्य है। खड़गे ने यह भी बताया कि आरजी कॉलेज में 720 में से लगभग 120 छात्र अनुपस्थित रहे।
क्या अन्य राज्यों में भी छात्र नीट री-एग्जाम नहीं दे पाए?
खड़गे के अनुसार, दिल्ली और मुंबई के परेल व डोंबिवली इलाकों में भी कथित तौर पर कुछ छात्र परीक्षा नहीं दे पाए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन मामलों में भाजपा नेतृत्व वाली सरकारें जिम्मेदार मानी जाएंगी।
नीट पेपर लीक विवाद में केंद्रीय मंत्रियों की जवाबदेही पर खड़गे ने क्या कहा?
खड़गे ने पूछा कि नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया, और उत्तर प्रदेश में रेलवे देरी पर ₹9 लाख का जुर्माना लगने के बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस्तीफा नहीं दिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 6 दिन पहले
  3. 6 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले