26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज: BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के रवैये को बताया 'दुर्भाग्यपूर्ण'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज: BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के रवैये को बताया 'दुर्भाग्यपूर्ण'

सारांश

BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस के रवैये को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया। उन्होंने तेलंगाना में कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता द्वारा पार्टी नेता पर लगाए आरोपों का हवाला देते हुए कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर कई तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 10 जून को कांग्रेस के रवैये को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया।
मीनाक्षी नटराजन से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन; सितंबर 2025 में समन जारी हुआ था, अक्टूबर 2025 में उन्होंने पक्ष रखा।
तेलंगाना में कांग्रेस की एक महिला कार्यकर्ता ने पार्टी नेता पर शोषण का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था।
त्रिवेदी ने पूछा — नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस ने वैकल्पिक प्रत्याशी क्यों नहीं उतारा।
BJP सांसद ने कहा, कांग्रेस अपनी ही पार्टी कार्यकर्ताओं के आरोपों को गंभीरता से नहीं ले रही।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार, 10 जून को कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस के रवैये की कड़ी निंदा की। त्रिवेदी ने कहा कि नामांकन अस्वीकृति के बाद कांग्रेस की ओर से जो व्यवहार देखने को मिल रहा है, वह 'अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण' है और किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

मामले की पृष्ठभूमि

सुधांशु त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि मीनाक्षी नटराजन से जुड़ा मामला अदालत में विचाराधीन है। उनके अनुसार, सितंबर 2025 में इस मामले में नटराजन को समन जारी किया गया था, जिसके बाद उन्होंने अक्टूबर 2025 में न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा। त्रिवेदी ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया विधिवत तरीके से न्यायालय में चल रही है, इसलिए कांग्रेस यह नहीं कह सकती कि यह मामला बनता ही नहीं।

उन्होंने यह भी उठाया कि तेलंगाना में कांग्रेस की एक महिला कार्यकर्ता ने अपनी ही पार्टी के एक नेता के विरुद्ध शोषण और अनुचित व्यवहार का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। त्रिवेदी के अनुसार, इससे स्पष्ट होता है कि पार्टी के भीतर महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार किया जा रहा है।

कांग्रेस पर सीधे सवाल

BJP सांसद ने कांग्रेस से कई तीखे प्रश्न पूछे। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद पार्टी ने यह स्पष्ट क्यों नहीं किया कि यह मामला समाप्त हो चुका है। दूसरा सवाल यह था कि क्या न्यायालय ने इस मामले को बंद किया है — इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।

त्रिवेदी ने यह भी पूछा कि नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस ने कोई वैकल्पिक प्रत्याशी क्यों नहीं उतारा। उनके अनुसार, राजनीतिक दल आमतौर पर एक वैकल्पिक उम्मीदवार तैयार रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कांग्रेस ने पहले से हार मान ली हो और नामांकन केवल आरोप लगाने के अवसर के रूप में किया हो।

महिला सशक्तिकरण पर BJP का आरोप

त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस के लिए अब महिला सशक्तिकरण महज एक नारा बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि वैधानिक दृष्टि से हर प्रत्याशी को अपने विरुद्ध लंबित सभी मुकदमों की जानकारी देना अनिवार्य है — और इसी प्रक्रिया में यह मामला सामने आया, जिसे लेकर कांग्रेस अब 'हो-हल्ला' कर रही है।

उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कांग्रेस में बड़े-बड़े वकील हैं, यहाँ तक कि ऐसे लोग भी हैं जो आधी रात को अदालत खुलवाने में सक्षम हैं — फिर भी पार्टी इस मामले को नहीं देख पाई।

विपक्ष की स्थिति पर टिप्पणी

BJP सांसद ने विपक्षी दलों की मौजूदा दशा पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज विपक्षी दल अपने ही कार्यकर्ताओं को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहे हैं, और यह सिलसिला कब तक चलेगा — यह सोचने वाली बात है। उनके अनुसार, यह स्थिति कांग्रेस की आंतरिक कमज़ोरी को उजागर करती है। आने वाले दिनों में यह मामला न्यायालय में आगे बढ़ेगा और राजनीतिक बहस का केंद्र बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी स्पष्ट है कि यह BJP की रणनीतिक राजनीति का हिस्सा है — विपक्ष को उसी के मुद्दे पर घेरना। मीनाक्षी नटराजन का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए किसी भी पक्ष के दावों को अंतिम सत्य मानना जल्दबाजी होगी। तेलंगाना की महिला कार्यकर्ता वाले प्रकरण को इस मामले से जोड़ना राजनीतिक आरोपबाजी अधिक है, न कि तथ्यात्मक संबंध। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह नहीं पूछती कि क्या BJP के अपने उम्मीदवारों के नामांकन में भी इसी तरह की जाँच होती है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन क्यों खारिज हुआ?
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन उनके विरुद्ध न्यायालय में विचाराधीन मामले के कारण खारिज हुआ। वैधानिक नियमों के अनुसार, हर प्रत्याशी को अपने विरुद्ध लंबित सभी मुकदमों की जानकारी देना अनिवार्य है।
मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ अदालती मामला कब से चल रहा है?
BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी के अनुसार, सितंबर 2025 में नटराजन को इस मामले में समन जारी किया गया था और अक्टूबर 2025 में उन्होंने न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा। यह मामला अभी भी विचाराधीन बताया जा रहा है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस से कौन-से सवाल पूछे?
त्रिवेदी ने तीन प्रमुख सवाल उठाए — तेलंगाना में सरकार होने के बावजूद कांग्रेस ने मामला बंद होने की जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की; क्या न्यायालय ने मामला समाप्त किया; और नामांकन खारिज होने के बाद कोई वैकल्पिक प्रत्याशी क्यों नहीं उतारा गया।
तेलंगाना कांग्रेस महिला कार्यकर्ता का मामला क्या है?
त्रिवेदी के अनुसार, तेलंगाना में कांग्रेस की एक महिला कार्यकर्ता ने अपनी ही पार्टी के एक नेता के विरुद्ध शोषण और अनुचित व्यवहार का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। BJP ने इसे कांग्रेस की आंतरिक कमज़ोरी के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया।
इस विवाद का राजनीतिक असर क्या हो सकता है?
यह मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण राजनीतिक और कानूनी — दोनों मोर्चों पर सक्रिय रहेगा। BJP इसे कांग्रेस की आंतरिक अव्यवस्था के रूप में उठाती रहेगी, जबकि कांग्रेस पर दबाव होगा कि वह मामले की स्थिति स्पष्ट करे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले