मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज: BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के रवैये को बताया 'दुर्भाग्यपूर्ण'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार, 10 जून को कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस के रवैये की कड़ी निंदा की। त्रिवेदी ने कहा कि नामांकन अस्वीकृति के बाद कांग्रेस की ओर से जो व्यवहार देखने को मिल रहा है, वह 'अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण' है और किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
मामले की पृष्ठभूमि
सुधांशु त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि मीनाक्षी नटराजन से जुड़ा मामला अदालत में विचाराधीन है। उनके अनुसार, सितंबर 2025 में इस मामले में नटराजन को समन जारी किया गया था, जिसके बाद उन्होंने अक्टूबर 2025 में न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा। त्रिवेदी ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया विधिवत तरीके से न्यायालय में चल रही है, इसलिए कांग्रेस यह नहीं कह सकती कि यह मामला बनता ही नहीं।
उन्होंने यह भी उठाया कि तेलंगाना में कांग्रेस की एक महिला कार्यकर्ता ने अपनी ही पार्टी के एक नेता के विरुद्ध शोषण और अनुचित व्यवहार का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। त्रिवेदी के अनुसार, इससे स्पष्ट होता है कि पार्टी के भीतर महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार किया जा रहा है।
कांग्रेस पर सीधे सवाल
BJP सांसद ने कांग्रेस से कई तीखे प्रश्न पूछे। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद पार्टी ने यह स्पष्ट क्यों नहीं किया कि यह मामला समाप्त हो चुका है। दूसरा सवाल यह था कि क्या न्यायालय ने इस मामले को बंद किया है — इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
त्रिवेदी ने यह भी पूछा कि नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस ने कोई वैकल्पिक प्रत्याशी क्यों नहीं उतारा। उनके अनुसार, राजनीतिक दल आमतौर पर एक वैकल्पिक उम्मीदवार तैयार रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कांग्रेस ने पहले से हार मान ली हो और नामांकन केवल आरोप लगाने के अवसर के रूप में किया हो।
महिला सशक्तिकरण पर BJP का आरोप
त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस के लिए अब महिला सशक्तिकरण महज एक नारा बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि वैधानिक दृष्टि से हर प्रत्याशी को अपने विरुद्ध लंबित सभी मुकदमों की जानकारी देना अनिवार्य है — और इसी प्रक्रिया में यह मामला सामने आया, जिसे लेकर कांग्रेस अब 'हो-हल्ला' कर रही है।
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कांग्रेस में बड़े-बड़े वकील हैं, यहाँ तक कि ऐसे लोग भी हैं जो आधी रात को अदालत खुलवाने में सक्षम हैं — फिर भी पार्टी इस मामले को नहीं देख पाई।
विपक्ष की स्थिति पर टिप्पणी
BJP सांसद ने विपक्षी दलों की मौजूदा दशा पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज विपक्षी दल अपने ही कार्यकर्ताओं को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहे हैं, और यह सिलसिला कब तक चलेगा — यह सोचने वाली बात है। उनके अनुसार, यह स्थिति कांग्रेस की आंतरिक कमज़ोरी को उजागर करती है। आने वाले दिनों में यह मामला न्यायालय में आगे बढ़ेगा और राजनीतिक बहस का केंद्र बना रहेगा।