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मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द: कांग्रेस ने भाजपा और चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

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मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द: कांग्रेस ने भाजपा और चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

सारांश

कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला। सांसद जे.बी. माथर ने इसे 'भाजपा का ड्रामा' बताया, तो सुरेंद्र राजपूत ने सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान की माँग की। भाजपा ने हलफनामे में तथ्य छिपाने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द किया गया, जिसे कांग्रेस ने 'भाजपा का ड्रामा' बताया।
कांग्रेस सांसद जे.बी.
माथर ने चुनाव आयोग पर भाजपा के दबाव में काम करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा — नटराजन पर कोई आपराधिक मामला नहीं, केवल BNS की एक धारा के तहत नोटिस था जिसका जवाब दिया जा चुका था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन.
रामचंद्र राव ने कहा — हलफनामे में अदालती समन का उल्लेख न करना निर्वाचन आयोग के नियमों का उल्लंघन है।
कांग्रेस ने सर्वोच्च न्यायालय से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने की माँग की है।

कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद 10 मई को पार्टी नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारत निर्वाचन आयोग पर तीखे आरोप लगाए। कांग्रेस सांसद जे.बी. माथर ने इसे 'भाजपा का ड्रामा' करार दिया और आयोग पर सत्ताधारी दल के दबाव में काम करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस सांसद जे.बी. माथर के आरोप

कांग्रेस सांसद जे.बी. माथर ने कहा कि यह नामांकन रद्द करना भाजपा की ओर से रचा गया ड्रामा है और चुनाव आयोग इस ड्रामे में सहयोगी की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा, 'आयोग की जिम्मेदारी भारत में चुनावों की निष्पक्षता और पवित्रता बनाए रखने की होनी चाहिए, लेकिन वह सत्ताधारी भाजपा के दबाव में काम कर रहा है और देश में लोकतंत्र व संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रहा है।' माथर ने यह भी बताया कि कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के बाहर धरना दिया, परंतु आयोग ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया।

सुरेंद्र राजपूत का तीखा हमला

कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि भाजपा पहले वोट चुराती थी, अब सीटें भी चुराने लगी है। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हुआ है, वह लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले भाजपा नेताओं की भी आंखें खोल देने वाला है।' राजपूत ने स्पष्ट किया कि मीनाक्षी नटराजन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है — उन्हें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की एक धारा के तहत केवल नोटिस दिया गया था, जिसका उन्होंने जवाब भी दे दिया था।

नामांकन रद्द होने की वजह

राजपूत के अनुसार, अदालती नोटिस की जानकारी हलफनामे में न देना अपराध नहीं है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने इस पर अलग रुख अपनाया। उन्होंने कहा, 'हलफनामा अधूरा था और कुछ तथ्यों को छिपाया गया था। उन्हें एक आपराधिक मामले में समन मिला था और उन्होंने अपना जवाब भी दाखिल किया था, लेकिन उन्होंने अपने हलफनामे में इसका उल्लेख नहीं किया, जो भारत निर्वाचन आयोग के नामांकन नियमों के तहत अनिवार्य है।'

सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद

कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि सर्वोच्च न्यायालय इस मामले का स्वतः संज्ञान लेगा, क्योंकि चुनाव आयोग ने धरने पर बैठे नेताओं की बात सुनने से मना कर दिया है। यह विवाद आगामी दिनों में संसदीय और न्यायिक दोनों मोर्चों पर और गहरा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भाजपा का तर्क भी नियम-आधारित है: हलफनामे में अदालती नोटिस का उल्लेख न करना निर्वाचन आयोग के स्थापित नियमों का उल्लंघन माना जाता है। असली सवाल यह है कि क्या यह नियम सभी दलों के उम्मीदवारों पर समान रूप से लागू होता है, या चयनात्मक रूप से — और इसका जवाब केवल सर्वोच्च न्यायालय ही दे सकता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन क्यों रद्द हुआ?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन को एक आपराधिक मामले में अदालती समन मिला था, जिसका उल्लेख उन्होंने अपने नामांकन हलफनामे में नहीं किया। भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत यह जानकारी देना अनिवार्य है, जिसके आधार पर नामांकन रद्द किया गया।
कांग्रेस ने इस मामले में क्या आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस सांसद जे.बी. माथर ने इसे भाजपा का 'रचा गया ड्रामा' बताया और चुनाव आयोग पर सत्ताधारी दल के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि नटराजन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और BNS नोटिस का जवाब दिया जा चुका था।
क्या मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है?
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत के अनुसार, नटराजन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उन्हें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की एक धारा के तहत केवल नोटिस दिया गया था, जिसका उन्होंने जवाब भी दे दिया था।
कांग्रेस अब इस मामले में आगे क्या कदम उठाएगी?
कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के बाहर धरना दिया, लेकिन आयोग ने उनकी बात नहीं सुनी। अब पार्टी ने सर्वोच्च न्यायालय से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने की माँग की है।
भाजपा का इस विवाद पर क्या पक्ष है?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने कहा कि हलफनामा अधूरा था और तथ्यों को छिपाया गया था। उनके अनुसार, अदालती समन की जानकारी नामांकन नियमों के तहत अनिवार्य रूप से हलफनामे में दर्ज करनी होती है, जो नटराजन ने नहीं की।
राष्ट्र प्रेस
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