ओमान तट पर डूबे 'विराट-1' से अमेरिकी नौसेना ने बचाए 14 भारतीय नाविक, सभी सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
उत्तरी अरब सागर में रविवार, 14 जून को भारतीय झंडे वाले मैकेनाइज्ड सेलिंग वेसल (MSV) 'विराट-1' के इंजन फेल होकर डूब जाने के बाद अमेरिकी नौसेना के सर्च-एंड-रेस्क्यू हेलीकॉप्टर ने 14 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया। भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं और एमवी जबल अली 9 जहाज पर सवार होकर मुंबई की ओर रवाना हो चुके हैं।
कैसे आई मुसीबत और कैसे मिली मदद
अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा साझा जानकारी के अनुसार, फंसे हुए नाविकों ने लगभग रात 12:30 बजे IST पर आपातकालीन कॉल किया। इसके तुरंत बाद अमेरिकी नौसेना का P-8 एयरक्राफ्ट सबसे पहले घटनास्थल पर पहुँचा। नौसेना ने एक सर्च-एंड-रेस्क्यू किट गिराई, जिसमें एक लाइफ राफ्ट भी शामिल था — और सभी 14 नाविक उस राफ्ट पर सवार हो गए।
बहुस्तरीय रेस्क्यू ऑपरेशन
एमवी जबल अली 9 बाद में मौके पर पहुँचा और राफ्ट से 11 क्रू मेंबर्स को सफलतापूर्वक निकाला। शेष तीन नाविकों की राफ्ट समुद्र में पलट गई, जिसके बाद निमित्ज-क्लास एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन (CVN 72) से तैनात MH-60 सी हॉक हेलीकॉप्टर ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। तीनों को भी एमवी जबल अली 9 पर स्थानांतरित किया गया। आर्ले बर्क-क्लास गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस माइकल मर्फी (DDG 112) ने भी नाविकों की आपातकालीन कॉल पर तत्काल प्रतिक्रिया दी।
भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया
भारतीय दूतावास ने बयान जारी करते हुए कहा, 'भारतीय झंडे वाले एमएसवी विराट-1 का रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया। सभी 14 क्रू मेंबर्स को बचा लिया गया और वे अभी जहाज जबल अली 9 पर सवार होकर मुंबई जा रहे हैं। क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं और उनकी सेहत अच्छी है।'
व्यापक संदर्भ: ओमान तट पर तनाव की पृष्ठभूमि
यह घटना ऐसे समय में आई है जब हाल के दिनों में ओमान के तट पर भारतीय क्रू मेंबर्स को ले जा रहे कमर्शियल जहाजों पर हमलों में भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है। उन घटनाओं के बाद विदेश मंत्रालय ने 48 घंटों के भीतर अमेरिकी राजदूत को दो बार तलब किया था। गौरतलब है कि यूएस 5वीं फ्लीट का ऑपरेशन क्षेत्र लगभग 25 लाख वर्ग मील के जलक्षेत्र को कवर करता है, जिसमें अरेबियन गल्फ, गल्फ ऑफ ओमान, लाल सागर, हिंद महासागर के कुछ हिस्से और होर्मुज स्ट्रेट, स्वेज नहर तथा बाब अल-मंडेब जैसे तीन अहम चोक पॉइंट शामिल हैं।
आगे क्या
सभी बचाए गए नाविक मुंबई की ओर रवाना हो चुके हैं। अरब सागर में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर राजनयिक और समुद्री सुरक्षा दोनों मोर्चों पर आने वाले दिनों में और स्पष्टता सामने आने की उम्मीद है।