ईरान का अमेरिका को कड़ा जवाब: सीरिक शादी समारोह हमले में 50+ निर्दोष हताहत, बाघेई की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि ईरान इन क्रूर घटनाओं का दृढ़ता से जवाब देगा। उनके अनुसार, मंगलवार रात सीरिक के कुहेस्ताक इलाके में एक रिहायशी घर पर हमला किया गया, जहाँ परिवार शादी का जश्न मना रहे थे — इस हमले में 50 से अधिक निर्दोष पुरुष, महिलाएँ और बच्चे मारे गए और घायल हुए।
हमले का विवरण और ईरानी आरोप
बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह घटना ईरान के खिलाफ अमेरिका की ओर से किए गए अत्याचारों की सूची में एक और दुखद अध्याय जोड़ती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुहेस्ताक में हुए इस हमले को मिनाब, लामेर्द, केशम और अन्य स्थानों पर पहले हुई घटनाओं से अलग नहीं देखा जा सकता।
बाघेई के अनुसार, इन हमलों के लिए भ्रामक वजहें पेश की गई थीं — और यही पैटर्न बार-बार दोहराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सैन्य ठिकानों पर हुए पिछले हमलों की तरह इस बार भी नागरिक आबादी को निशाना बनाया गया।
अंतरराष्ट्रीय चुप्पी पर तीखा प्रहार
बाघेई ने उन सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को भी आड़े हाथों लिया जो ऐसी घटनाओं पर मौन रहती हैं। उनके बयान में कहा गया — 'बम से भी ज्यादा खतरनाक बात बमबारी को सामान्य मान लेना है, और चुप्पी से भी ज्यादा खतरनाक है उस चुप्पी को वैधता का रूप दे देना।'
उन्होंने तर्क दिया कि जब गैरकानूनी हमलों और गंभीर अपराधों को राजनीतिक सुविधा के लिए नजरअंदाज किया जाता है, तो अपराध की निंदा और उसे सामान्य बना देने के बीच की रेखा मिट जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव पहले से ही चरम पर है।
ईरान की चेतावनी
बाघेई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान इन क्रूर घटनाओं का दृढ़ता से जवाब देगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग आज चुप हैं, वे कल इसके परिणामों से अछूते नहीं रहेंगे। उनके अनुसार, अन्याय को नजरअंदाज करने से वह रुकता नहीं, बल्कि उसे अंजाम देने वालों का हौसला और बढ़ता है।
आगे क्या
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका-ईरान संबंध पहले से ही तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और संयुक्त राष्ट्र का रुख इस मामले में निर्णायक साबित हो सकता है। ईरान के इस कड़े बयान के बाद क्षेत्रीय स्थिरता पर असर की आशंका और गहरी हो गई है।