28 जून 2026
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बहरीन में ईरानी हमले से मुहर्रक की रिहायशी इमारत क्षतिग्रस्त, कोई हताहत नहीं; खाड़ी में तनाव चरम पर

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बहरीन में ईरानी हमले से मुहर्रक की रिहायशी इमारत क्षतिग्रस्त, कोई हताहत नहीं; खाड़ी में तनाव चरम पर

सारांश

बहरीन के मुहर्रक में रिहायशी इमारत क्षतिग्रस्त, कोई जनहानि नहीं — लेकिन असली संकट इससे कहीं बड़ा है। आईआरजीसी की अमेरिकी ठिकानों को नुकसान की धमकी, कुवैत की कड़ी निंदा और अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर टूटने के आरोपों ने पश्चिम एशिया को एक नए टकराव की कगार पर ला खड़ा किया है।

मुख्य बातें

बहरीन के मुहर्रक में 28 जून 2025 को ईरानी हमले में एक रिहायशी इमारत क्षतिग्रस्त हुई; कोई हताहत नहीं।
बहरीन के गृह मंत्रालय ने अलार्म सायरन सक्रिय किए और नागरिकों से संयम की अपील की।
कुवैत ने ईरानी हमलों को संप्रभुता का 'खुला उल्लंघन' बताते हुए कड़ी निंदा की।
आईआरजीसी ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचाने की चेतावनी दी।
अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर एमओयू-आधारित सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ईरान को अस्तित्व समाप्त होने की चेतावनी दी।

बहरीन के गृह मंत्रालय ने 28 जून 2025 को पुष्टि की कि मुहर्रक क्षेत्र में एक रिहायशी इमारत ईरानी हमले में क्षतिग्रस्त हुई, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मनामा ने ईरान पर आवासीय इलाकों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है, जिससे पश्चिम एशिया में पहले से उबलता तनाव और गहरा हो गया है।

मुहर्रक में क्या हुआ

बहरीन के गृह मंत्रालय के अनुसार, मुहर्रक के एक आवासीय भवन को नुकसान पहुँचा और घटनास्थल पर संबंधित अधिकारी तत्काल पहुँच गए। मंत्रालय ने आम नागरिकों से संयम बनाए रखने की अपील की और बताया कि देश में अलार्म सायरन सक्रिय कर दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है।

कुवैत की कड़ी निंदा

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान की इस कार्रवाई को 'बार-बार की गई गंभीर आक्रामकता' बताते हुए कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने कहा, "यह कुवैत की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है।" मंत्रालय ने यह भी चेताया कि इस तरह के हमले क्षेत्र में तनाव कम करने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को कमज़ोर करते हैं और शांति बहाली के प्रयासों को सीधी चुनौती देते हैं।

आईआरजीसी की चेतावनी और सीजफायर विवाद

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक बयान में कहा कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। आईआरजीसी ने यह भी कहा कि अमेरिका का सीरिक शहर पर किया गया हमला होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के नियंत्रण को कमज़ोर नहीं कर सकता।

यह तनाव तब और बढ़ा जब सिंगापुर के एक कार्गो जहाज पर शुक्रवार को आईआरजीसी के हमले के जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के तटीय इलाकों पर कार्रवाई का दावा किया। इसके बाद तेहरान ने खाड़ी देशों को निशाना बनाना शुरू किया।

अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर पर ठनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर चेतावनी देते हुए कहा, "अगर ईरान नहीं बचा तो उसका अस्तित्व खत्म हो जाएगा।" दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने दक्षिणी तटीय इलाकों पर हुए अमेरिकी हवाई हमलों को 'क्रूर' करार देते हुए कहा कि यह तेहरान और वाशिंगटन के बीच हुए मेमोरेंडम (एमओयू) के तहत लागू युद्धविराम का सीधा उल्लंघन है।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, "यह साफ है कि अमेरिकी सरकार अपने वादों और प्रतिबद्धताओं की कोई परवाह नहीं करती और समझौतों को तोड़ना उसकी नीति का हिस्सा है।" यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क के धागे पहले से ही बेहद कमज़ोर हैं।

आगे क्या होगा

खाड़ी देशों में बढ़ती अस्थिरता और होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव के मद्देनज़र वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर की आशंका बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़र अब इस पर है कि क्या अमेरिका-ईरान के बीच एमओयू के तहत बनी युद्धविराम व्यवस्था पूरी तरह टूट जाती है या कोई नई कूटनीतिक पहल शुरू होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सांकेतिक रूप से सबसे खतरनाक। जब आवासीय इलाके युद्ध की ज़द में आते हैं, तो संघर्ष सैन्य से नागरिक धरातल पर उतर आता है — और यही वह रेखा है जिसे पार करना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सबसे गंभीर उल्लंघन माना जाता है। अमेरिका-ईरान के बीच एमओयू-आधारित सीजफायर का दोनों पक्षों द्वारा उल्लंघन का आरोप यह बताता है कि यह समझौता कागज़ पर ज़्यादा और ज़मीन पर कम था। होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव और सिंगापुर के कार्गो जहाज पर हमले की परिणति अगर इसी तरह बढ़ती रही, तो वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला पर असर अपरिहार्य होगा — और उसकी कीमत सबसे पहले भारत जैसे आयात-निर्भर देश चुकाएंगे।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बहरीन के मुहर्रक में ईरानी हमले में क्या हुआ?
बहरीन के गृह मंत्रालय के अनुसार, 28 जून 2025 को मुहर्रक क्षेत्र की एक रिहायशी इमारत ईरानी हमले में क्षतिग्रस्त हुई। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और अधिकारी घटनास्थल पर तत्काल पहुँच गए।
आईआरजीसी ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। यह चेतावनी अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा ईरान के तटीय इलाकों पर कार्रवाई के बाद आई।
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर क्यों टूट रहा है?
दोनों देशों ने एक-दूसरे पर एमओयू-आधारित युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सिंगापुर के कार्गो जहाज पर आईआरजीसी के हमले के जवाब में ईरानी तटीय इलाकों पर कार्रवाई का दावा किया, जबकि ईरान ने इसे समझौते का उल्लंघन बताया।
कुवैत ने ईरान की कार्रवाई पर क्या कहा?
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरानी हमलों को 'बार-बार की गई गंभीर आक्रामकता' और कुवैत की संप्रभुता का 'खुला उल्लंघन' बताते हुए कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि ये हमले क्षेत्र में शांति बहाली के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को सीधी चुनौती देते हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का क्या रुख है?
आईआरजीसी ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण बरकरार रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। ईरान ने कहा कि अमेरिकी हमले इस नियंत्रण को कमज़ोर नहीं कर सकते।
राष्ट्र प्रेस
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