12 अगस्त 2026
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जुलाई में खुदरा महंगाई दर 4.45%, आलू-भिंडी-मटर सस्ते; चांदी ज्वेलरी 110% महंगी

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जुलाई में खुदरा महंगाई दर 4.45%, आलू-भिंडी-मटर सस्ते; चांदी ज्वेलरी 110% महंगी

सारांश

जुलाई में खुदरा महंगाई 4.45% पर पहुंची — आलू 16.56% सस्ता हुआ तो चांदी ज्वेलरी करीब दोगुनी महंगी। ग्रामीण इलाकों में दबाव शहरों से अधिक, और RBI ने FY27 के लिए 5% का अनुमान बरकरार रखा है।

मुख्य बातें

जुलाई 2026 में खुदरा महंगाई दर सालाना आधार पर 4.45 प्रतिशत रही, जो जून की 4.38 प्रतिशत से मामूली अधिक है।
ग्रामीण महंगाई 4.84% , शहरी महंगाई 3.96% ; खाद्य महंगाई दर 5.52 प्रतिशत रही।
आलू की कीमत -16.56% , भिंडी -5.52% , मटर -5.27% और टमाटर -4.59% घटी।
चांदी ज्वेलरी 109.84% , अदरक 83.62% , लहसुन 35.36% और प्याज 22.54% महंगे हुए।
सर्वाधिक महंगाई वाले राज्य: तेलंगाना (6.32%) , आंध्र प्रदेश (5.72%) , तमिलनाडु (5.44%) ।
RBI ने FY27 के लिए महंगाई 5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया; पहली तिमाही में दर अनुमान से 30 आधार अंक कम रही।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में खुदरा महंगाई दर (CPI) जुलाई 2026 में सालाना आधार पर 4.45 प्रतिशत रही — जो जून के 4.38 प्रतिशत से मामूली अधिक है। यह वृद्धि भले ही सीमित दिखती है, लेकिन इसके भीतर कुछ वस्तुओं के दाम में तीखी उठापटक दर्ज की गई है।

ग्रामीण और शहरी महंगाई में अंतर

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 4.84 प्रतिशत रही, जबकि शहरी इलाकों में यह 3.96 प्रतिशत थी। यह अंतर बताता है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों का बोझ ग्रामीण उपभोक्ताओं पर अपेक्षाकृत अधिक पड़ रहा है। खाद्य महंगाई दर जुलाई में 5.52 प्रतिशत रही — ग्रामीण क्षेत्रों में 5.79 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 5.05 प्रतिशत

किन वस्तुओं के दाम घटे

आम उपभोक्ताओं को राहत देने वाली खबर यह है कि आलू की कीमत सालाना आधार पर -16.56 प्रतिशत घटी — यानी पिछले साल की तुलना में काफी सस्ता। इसी तरह भिंडी में -5.52 प्रतिशत, मटर में -5.27 प्रतिशत और टमाटर में -4.59 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जीप और मोटर कार की कीमतों में भी -6.72 प्रतिशत की कमी आई।

किन वस्तुओं ने सबसे ज़्यादा महंगाई झेली

दूसरी तरफ, चांदी की ज्वेलरी में महंगाई दर सालाना आधार पर 109.84 प्रतिशत रही — यानी लगभग दोगुनी कीमत। अदरक में 83.62 प्रतिशत, लहसुन में 35.36 प्रतिशत, सोना/हीरा/प्लैटिनम ज्वेलरी में 32.98 प्रतिशत और प्याज में 22.54 प्रतिशत की महंगाई दर्ज की गई। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ारों में कीमती धातुओं की कीमतें ऊँची बनी हुई हैं।

क्षेत्रवार महंगाई का ब्यौरा

श्रेणीवार आंकड़ों के अनुसार, फूड एंड बेवरेज में महंगाई दर 5.24 प्रतिशत, पान, तंबाकू और इनटॉक्सिकेंट्स में 4.79 प्रतिशत, परिवहन में 4.43 प्रतिशत, शैक्षणिक सेवाओं में 3.64 प्रतिशत, कपड़ा एवं जूता में 3.38 प्रतिशत और स्वास्थ्य में 1.34 प्रतिशत रही।

सर्वाधिक महंगाई वाले राज्य

राज्यवार आंकड़ों में तेलंगाना 6.32 प्रतिशत के साथ सबसे ऊपर रहा, इसके बाद आंध्र प्रदेश (5.72 प्रतिशत), तमिलनाडु (5.44 प्रतिशत), मध्य प्रदेश (4.91 प्रतिशत) और कर्नाटक (4.89 प्रतिशत) का नंबर आया। गौरतलब है कि दक्षिणी राज्यों में महंगाई का दबाव राष्ट्रीय औसत से अधिक दिख रहा है।

RBI का अनुमान और गवर्नर का बयान

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2027 के लिए खुदरा महंगाई दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है और कहा है कि वैश्विक अस्थिरता के कारण अल्पावधि में महंगाई में बढ़ोतरी हो सकती है। RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले की घोषणा करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि लगातार 16 महीनों तक केंद्रीय बैंक के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे रहने के बाद महंगाई दर जून में बढ़कर 4.4 प्रतिशत हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि पहली तिमाही में महंगाई दर RBI के पूर्व अनुमान से 30 आधार अंक कम रही, जो इनपुट लागत के दबाव के सीमित असर का संकेत देती है। आने वाले महीनों में खरीफ फसलों की आवक और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें महंगाई की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके भीतर की असमानता चिंताजनक है — चांदी ज्वेलरी में 110% और अदरक में 84% की उछाल बताती है कि महंगाई का बोझ समान रूप से नहीं पड़ रहा। ग्रामीण और शहरी महंगाई के बीच करीब एक प्रतिशत का अंतर दर्शाता है कि खाद्य कीमतों की मार गाँवों पर ज़्यादा है, जहाँ आय के स्रोत सीमित हैं। RBI का FY27 के लिए 5% का अनुमान यह भी संकेत देता है कि केंद्रीय बैंक फिलहाल दर कटौती की जल्दी में नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या खरीफ आपूर्ति और वैश्विक कमोडिटी दबाव मिलकर महंगाई को RBI के 4% के आदर्श लक्ष्य की ओर वापस ले जाएंगे, या अगले कुछ महीने और प्रतीक्षा करनी होगी।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जुलाई 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर क्या रही?
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के अनुसार, जुलाई 2026 में खुदरा महंगाई दर (CPI) सालाना आधार पर 4.45 प्रतिशत रही, जो जून की 4.38 प्रतिशत से मामूली अधिक है।
जुलाई में कौन-सी सब्ज़ियाँ सस्ती हुईं?
जुलाई में आलू की कीमत सालाना आधार पर -16.56 प्रतिशत घटी, जबकि भिंडी में -5.52 प्रतिशत, मटर में -5.27 प्रतिशत और टमाटर में -4.59 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
जुलाई में किन वस्तुओं की महंगाई सबसे ज़्यादा रही?
चांदी की ज्वेलरी में महंगाई दर सालाना आधार पर 109.84 प्रतिशत रही — लगभग दोगुनी। इसके अलावा अदरक में 83.62 प्रतिशत, लहसुन में 35.36 प्रतिशत, सोना/हीरा/प्लैटिनम ज्वेलरी में 32.98 प्रतिशत और प्याज में 22.54 प्रतिशत की महंगाई दर्ज की गई।
RBI ने FY27 के लिए महंगाई का क्या अनुमान जताया है?
भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्त वर्ष 2027 के लिए खुदरा महंगाई दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के कारण अल्पावधि में महंगाई में बढ़ोतरी हो सकती है।
किन राज्यों में जुलाई में सबसे अधिक खुदरा महंगाई रही?
जुलाई 2026 में तेलंगाना (6.32%), आंध्र प्रदेश (5.72%), तमिलनाडु (5.44%), मध्य प्रदेश (4.91%) और कर्नाटक (4.89%) में सबसे अधिक खुदरा महंगाई दर्ज की गई।
राष्ट्र प्रेस
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