भारत की खुदरा महंगाई दर अप्रैल में 3.48%, चांदी ज्वेलरी 144% उछली, आलू-प्याज सस्ते
सारांश
मुख्य बातें
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 12 मई 2025 को जारी आँकड़ों में बताया कि भारत की खुदरा महंगाई दर (CPI) अप्रैल में सालाना आधार पर 3.48 प्रतिशत रही, जो मार्च के 3.40 प्रतिशत से मामूली अधिक है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महंगाई भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है।
शहरी बनाम ग्रामीण महंगाई
मंत्रालय के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र में खुदरा महंगाई दर 3.74 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में 3.16 प्रतिशत रही। यह अंतर दर्शाता है कि ग्रामीण उपभोक्ता अभी भी शहरी उपभोक्ताओं की तुलना में अधिक मूल्य दबाव झेल रहे हैं। खाद्य महंगाई दर अप्रैल में बढ़कर 4.20 प्रतिशत हो गई, जो मार्च में 3.87 प्रतिशत थी।
सबसे ज़्यादा महंगी और सस्ती चीज़ें
अप्रैल में सालाना आधार पर चांदी की ज्वेलरी के दाम सबसे अधिक 144.34 प्रतिशत चढ़े, इसके बाद नारियल (44.55 प्रतिशत), सोना/चांदी/प्लेटिनम ज्वेलरी (40.72 प्रतिशत), टमाटर (35.28 प्रतिशत) और फूलगोभी (25.58 प्रतिशत) का स्थान रहा। दूसरी ओर, आलू (-23.69 प्रतिशत), प्याज (-17.67 प्रतिशत), मोटर कार और जीप (-7.12 प्रतिशत), मटर और चना (-6.75 प्रतिशत) तथा एयर कंडीशनर (-5.06 प्रतिशत) के दाम घटे, जिससे आम उपभोक्ता को कुछ राहत मिली।
सेगमेंट-वार महंगाई का विवरण
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, फूड और बेवरेज में 4.01 प्रतिशत, पान, तंबाकू और इन्टॉक्सिकेन्ट में 4.76 प्रतिशत, कपड़े और जूते में 2.80 प्रतिशत, स्वास्थ्य सेवाएँ में 1.64 प्रतिशत, सूचना और संचार में 2.11 प्रतिशत तथा शैक्षिक सेवाओं में 3.15 प्रतिशत की महंगाई दर्ज की गई।
राज्य-वार स्थिति
राज्यों की बात करें तो तेलंगाना (5.81 प्रतिशत) सबसे अधिक खुदरा महंगाई वाला राज्य रहा, इसके बाद आंध्र प्रदेश (4.20 प्रतिशत), तमिलनाडु (4.18 प्रतिशत), कर्नाटक (4.00 प्रतिशत) और राजस्थान (3.77 प्रतिशत) का स्थान रहा। गौरतलब है कि दक्षिणी राज्यों में महंगाई का दबाव राष्ट्रीय औसत से अधिक बना हुआ है।
RBI का अनुमान और विशेषज्ञ दृष्टिकोण
RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश की खुदरा महंगाई दर 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा,