भारत की खुदरा महंगाई दर अप्रैल में 3.48%, चांदी ज्वेलरी 144% उछली, आलू-प्याज सस्ते

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भारत की खुदरा महंगाई दर अप्रैल में 3.48%, चांदी ज्वेलरी 144% उछली, आलू-प्याज सस्ते

सारांश

अप्रैल में भारत की खुदरा महंगाई 3.48% पर मामूली बढ़ी, लेकिन RBI के 4% लक्ष्य से नीचे बनी रही। चांदी ज्वेलरी 144% उछली, जबकि आलू-प्याज के दाम घटे। तेलंगाना सबसे महंगा राज्य रहा और RBI ने 2026-27 के लिए 4.6% महंगाई का अनुमान बरकरार रखा है।

मुख्य बातें

भारत की खुदरा महंगाई दर अप्रैल 2025 में 3.48 प्रतिशत , मार्च के 3.40 प्रतिशत से मामूली अधिक।
ग्रामीण महंगाई 3.74% और शहरी महंगाई 3.16% — दोनों RBI के 4% लक्ष्य से नीचे।
चांदी ज्वेलरी के दाम 144.34% उछले; आलू -23.69% और प्याज -17.67% सस्ते हुए।
तेलंगाना (5.81%) सबसे अधिक खुदरा महंगाई वाला राज्य रहा।
RBI ने 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई 4.6% रहने का अनुमान लगाया है।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 12 मई 2025 को जारी आँकड़ों में बताया कि भारत की खुदरा महंगाई दर (CPI) अप्रैल में सालाना आधार पर 3.48 प्रतिशत रही, जो मार्च के 3.40 प्रतिशत से मामूली अधिक है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महंगाई भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है।

शहरी बनाम ग्रामीण महंगाई

मंत्रालय के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र में खुदरा महंगाई दर 3.74 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में 3.16 प्रतिशत रही। यह अंतर दर्शाता है कि ग्रामीण उपभोक्ता अभी भी शहरी उपभोक्ताओं की तुलना में अधिक मूल्य दबाव झेल रहे हैं। खाद्य महंगाई दर अप्रैल में बढ़कर 4.20 प्रतिशत हो गई, जो मार्च में 3.87 प्रतिशत थी।

सबसे ज़्यादा महंगी और सस्ती चीज़ें

अप्रैल में सालाना आधार पर चांदी की ज्वेलरी के दाम सबसे अधिक 144.34 प्रतिशत चढ़े, इसके बाद नारियल (44.55 प्रतिशत), सोना/चांदी/प्लेटिनम ज्वेलरी (40.72 प्रतिशत), टमाटर (35.28 प्रतिशत) और फूलगोभी (25.58 प्रतिशत) का स्थान रहा। दूसरी ओर, आलू (-23.69 प्रतिशत), प्याज (-17.67 प्रतिशत), मोटर कार और जीप (-7.12 प्रतिशत), मटर और चना (-6.75 प्रतिशत) तथा एयर कंडीशनर (-5.06 प्रतिशत) के दाम घटे, जिससे आम उपभोक्ता को कुछ राहत मिली।

सेगमेंट-वार महंगाई का विवरण

सरकारी आँकड़ों के अनुसार, फूड और बेवरेज में 4.01 प्रतिशत, पान, तंबाकू और इन्टॉक्सिकेन्ट में 4.76 प्रतिशत, कपड़े और जूते में 2.80 प्रतिशत, स्वास्थ्य सेवाएँ में 1.64 प्रतिशत, सूचना और संचार में 2.11 प्रतिशत तथा शैक्षिक सेवाओं में 3.15 प्रतिशत की महंगाई दर्ज की गई।

राज्य-वार स्थिति

राज्यों की बात करें तो तेलंगाना (5.81 प्रतिशत) सबसे अधिक खुदरा महंगाई वाला राज्य रहा, इसके बाद आंध्र प्रदेश (4.20 प्रतिशत), तमिलनाडु (4.18 प्रतिशत), कर्नाटक (4.00 प्रतिशत) और राजस्थान (3.77 प्रतिशत) का स्थान रहा। गौरतलब है कि दक्षिणी राज्यों में महंगाई का दबाव राष्ट्रीय औसत से अधिक बना हुआ है।

RBI का अनुमान और विशेषज्ञ दृष्टिकोण

RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश की खुदरा महंगाई दर 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन खाद्य महंगाई का मार्च के 3.87% से बढ़कर 4.20% होना और चांदी ज्वेलरी का 144% उछलना बताता है कि दबाव चुनिंदा लेकिन तीखा है। असली चिंता यह है कि ग्रामीण महंगाई शहरी से लगातार अधिक बनी हुई है — यह उस वर्ग पर अतिरिक्त बोझ है जिसकी आय में उतनी तेज़ी नहीं आई। RBI का 4.6% का वार्षिक अनुमान बताता है कि केंद्रीय बैंक को भी आगे दबाव की उम्मीद है, और दर कटौती की राह उतनी सीधी नहीं जितनी बाज़ार मान रहा है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अप्रैल 2025 में भारत की खुदरा महंगाई दर कितनी रही?
अप्रैल 2025 में भारत की खुदरा महंगाई दर सालाना आधार पर 3.48 प्रतिशत रही, जो मार्च की 3.40 प्रतिशत से मामूली अधिक है। यह RBI के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है।
अप्रैल में खाद्य महंगाई दर क्या रही?
अप्रैल में खाद्य महंगाई दर 4.20 प्रतिशत रही, जो मार्च में 3.87 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 4.26% और शहरी क्षेत्रों में 4.10% दर्ज की गई।
किन चीज़ों के दाम सबसे ज़्यादा बढ़े और घटे?
चांदी की ज्वेलरी (144.34%), नारियल (44.55%) और टमाटर (35.28%) के दाम सबसे अधिक बढ़े। वहीं आलू (-23.69%), प्याज (-17.67%) और मटर-चना (-6.75%) के दाम घटे।
RBI ने 2026-27 के लिए महंगाई का क्या अनुमान लगाया है?
RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई दर 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रबी की अच्छी फसल को राहत का कारण बताया, लेकिन वैश्विक ऊर्जा कीमतों को जोखिम बताया।
किस राज्य में खुदरा महंगाई सबसे अधिक रही?
अप्रैल 2025 में तेलंगाना में खुदरा महंगाई दर 5.81 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक रही। इसके बाद आंध्र प्रदेश (4.20%), तमिलनाडु (4.18%), कर्नाटक (4.00%) और राजस्थान (3.77%) का स्थान रहा।
राष्ट्र प्रेस