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फरवरी में भारत में थोक महंगाई दर बढ़कर 2.13 प्रतिशत हुई

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फरवरी में भारत में थोक महंगाई दर बढ़कर 2.13 प्रतिशत हुई

सारांश

नई दिल्ली में जारी आंकड़ों के अनुसार, थोक महंगाई दर फरवरी में 2.13 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो खाद्य और गैर-खाद्य उत्पादों की कीमतों में वृद्धि का परिणाम है। जानें इस महंगाई के पीछे के कारण और इससे जुड़े अन्य आंकड़े।

मुख्य बातें

थोक महंगाई दर: 2.13 प्रतिशत जनवरी में महंगाई दर: 1.81 प्रतिशत फूड महंगाई दर: 3.47 प्रतिशत ग्रामीण महंगाई दर: 3.37 प्रतिशत शहरी महंगाई दर: 3.02 प्रतिशत

नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आधार पर महंगाई दर फरवरी में 2.13 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इस वृद्धि का मुख्य कारण खाद्य और गैर-खाद्य उत्पादों की कीमतों में इजाफा है। यह जानकारी सोमवार को सरकार द्वारा जारी की गई।

जनवरी में थोक महंगाई दर 1.81 प्रतिशत थी, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह 2.45 प्रतिशत थी।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, "फरवरी 2026 में महंगाई दर सकारात्मक रहने का कारण मैन्युफैक्चरिंग, बुनियादी धातुओं, गैर-खाद्य उत्पादों, खाद्य उत्पादों और टेक्सटाइल की कीमतों में वृद्धि है।"

सांख्यिकी के अनुसार, फरवरी में खाद्य उत्पादों की थोक महंगाई दर 2.19 प्रतिशत रही, जो पिछले महीने 1.55 प्रतिशत थी। सब्जियों में यह दर 4.73 प्रतिशत रह गई, जबकि जनवरी में यह 6.78 प्रतिशत थी।

हालांकि, दालों, आलू, अंडे, मांस और मछली की थोक महंगाई दर में पिछले महीने की तुलना में वृद्धि हुई।

मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों में फरवरी में थोक महंगाई दर 2.92 प्रतिशत हो गई, जो जनवरी में 2.86 प्रतिशत थी। गैर-खाद्य पदार्थों की श्रेणी में यह दर जनवरी के 7.58 प्रतिशत से बढ़कर फरवरी में 8.80 प्रतिशत हो गई।

फ्यूल और पावर बास्केट में थोक महंगाई दर सालाना आधार पर नकारात्मक रही। फरवरी में यह -3.78 प्रतिशत थी, जबकि जनवरी में यह -4.01 प्रतिशत थी।

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में खुदरा महंगाई दर फरवरी में 3.21 प्रतिशत रही, जो जनवरी की 2.74 प्रतिशत से 0.47 प्रतिशत अधिक है।

फरवरी में ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा महंगाई दर 3.37 प्रतिशत रही, जबकि जनवरी में यह 2.73 प्रतिशत थी।

शहरी क्षेत्रों में फरवरी में खुदरा महंगाई दर 3.02 प्रतिशत रही, जो जनवरी में 2.75 प्रतिशत थी।

खाद्य महंगाई दर फरवरी में 3.47 प्रतिशत रही। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई दर 3.46 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 3.48 प्रतिशत थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि महंगाई दर में यह वृद्धि खाद्य और गैर-खाद्य उत्पादों की कीमतों में वृद्धि को दर्शाती है। यह आर्थिक स्थिरता के लिए एक चेतावनी है, जिसे गंभीरता से लेना चाहिए।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

थोक महंगाई दर क्या है?
थोक महंगाई दर, थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार पर मापी जाती है, जो विभिन्न उत्पादों के थोक मूल्य में वृद्धि या कमी को दर्शाती है।
फरवरी में खाद्य महंगाई दर क्या थी?
फरवरी में खाद्य महंगाई दर 3.47 प्रतिशत रही है।
क्या थोक महंगाई दर में वृद्धि का असर खुदरा महंगाई पर पड़ता है?
हां, थोक महंगाई में वृद्धि आमतौर पर खुदरा महंगाई में भी बढ़ोतरी का संकेत देती है।
फरवरी में थोक महंगाई दर की तुलना जनवरी से कैसे की जा सकती है?
फरवरी में थोक महंगाई दर 2.13 प्रतिशत थी, जबकि जनवरी में यह 1.81 प्रतिशत थी।
सरकार ने महंगाई दर के आंकड़े कब जारी किए?
सरकार ने ये आंकड़े 16 मार्च को जारी किए।
राष्ट्र प्रेस
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