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भारत सेवा क्षेत्र PMI मई में 59.8 पर, नए ऑर्डर और निर्यात मांग से दस महीने का उच्च स्तर

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भारत सेवा क्षेत्र PMI मई में 59.8 पर, नए ऑर्डर और निर्यात मांग से दस महीने का उच्च स्तर

सारांश

भारत का सेवा क्षेत्र मई में और मज़बूत हुआ — HSBC इंडिया सर्विसेज़ PMI 58.8 से बढ़कर 59.8 पर। माल ढुलाई, डिजिटल, ई-कॉमर्स और IT की माँग से नए ऑर्डर छह महीनों की सबसे तेज़ रफ़्तार से बढ़े। लागत दबाव चार महीने के निचले स्तर पर, विदेशी माँग में रिकवरी, और रोज़गार सृजन साल की दूसरी सबसे तेज़ गति पर।

मुख्य बातें

HSBC इंडिया सर्विसेज़ PMI मई में बढ़कर 59.8 , अप्रैल में 58.8 था।
नए कारोबार में पिछले छह महीनों की सबसे तेज़ वृद्धि — फ्रेट, डिजिटल, ई-कॉमर्स, मनोरंजन और IT की माँग से प्रेरित।
इनपुट लागत महंगाई चार महीने के निचले स्तर पर; शुल्क वृद्धि जनवरी के बाद सबसे धीमी।
विदेशी ऑर्डर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, हांगकांग, मलेशिया, UAE और UK से बढ़े।
रोज़गार सृजन पिछले लगभग एक वर्ष में दूसरी सबसे तेज़ रफ़्तार पर, परन्तु 7% से कम कंपनियों ने नई भर्ती की।

भारत के सेवा क्षेत्र की कारोबारी गतिविधि मई में और तेज़ हुई, जिसमें HSBC इंडिया सर्विसेज़ PMI बढ़कर 59.8 पर पहुँच गया — अप्रैल के 58.8 से ऊपर। बुधवार को जारी सर्वेक्षण के अनुसार, माल ढुलाई, डिजिटल सेवाओं, ई-कॉमर्स, मनोरंजन और IT सेवाओं की मज़बूत माँग के दम पर नए कारोबार में पिछले छह महीनों की सबसे तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मुख्य आँकड़े

50 से ऊपर का PMI विस्तार दर्शाता है, और मई का स्तर सेवा क्षेत्र में मज़बूत गति की पुष्टि करता है। नए ऑर्डर बढ़ने से कंपनियों ने उत्पादन और सेवा-वितरण दोनों में तेज़ी लाई, और कर्मचारियों की भर्ती का सिलसिला भी जारी रखा।

आँकड़ों के अनुसार, रोज़गार सृजन की रफ़्तार पिछले लगभग एक वर्ष में दूसरी सबसे तेज़ रही — इससे बेहतर प्रदर्शन केवल अप्रैल में दर्ज हुआ था। हालाँकि सर्वेक्षण में शामिल 7 प्रतिशत से भी कम कंपनियों ने नई भर्ती की बात कही, जबकि अधिकांश ने स्टाफ़ की संख्या यथावत रखी।

लागत दबाव में नरमी

इनपुट लागत में महंगाई ऐतिहासिक रूप से ऊँचे स्तर पर बनी हुई है, परन्तु मई में यह पिछले चार महीनों के सबसे निचले स्तर पर आ गई। इसी कारण कंपनियों को सेवाओं की कीमतों में केवल सीमित बढ़ोतरी करनी पड़ी, और शुल्क वृद्धि की रफ़्तार जनवरी के बाद सबसे धीमी रही।

HSBC की चीफ़ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा, “मई में भारत के सेवा क्षेत्र में कारोबारी गतिविधियों का विस्तार जारी रहा, जिसे नए कारोबार में लगातार बढ़ोतरी का समर्थन मिला।” उन्होंने जोड़ा कि इनपुट लागत में महंगाई कम होने से कंपनियों पर कीमतें बढ़ाने का दबाव भी घटा है।

विदेशी माँग में रिकवरी

भंडारी के अनुसार, भारत से दी जाने वाली सेवाओं की विदेशी (एक्सटर्नल) माँग भी मई में तेज़ हुई और अप्रैल की गिरावट से ठोस रिकवरी देखी गई। कंपनियों ने ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, हांगकांग, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और यूनाइटेड किंगडम से अधिक ऑर्डर मिलने की बात कही।

हालाँकि अंतरराष्ट्रीय ऑर्डरों की वृद्धि कुल बिक्री की तुलना में थोड़ी कम रही, और 2025 के औसत स्तर से भी नीचे रही — फिर भी निर्यात-आधारित सेवाओं का रुझान सकारात्मक रहा।

क्यों मायने रखता है

वित्त वर्ष की पहली तिमाही की शुरुआत में सेवा क्षेत्र की यह मज़बूती मार्च में दिखी सुस्ती को पीछे छोड़ती है। सेवा क्षेत्र भारत के सकल घरेलू उत्पाद में सबसे बड़ा योगदानकर्ता है, इसलिए इसकी निरंतर वृद्धि व्यापक आर्थिक गति और शहरी रोज़गार बाज़ार दोनों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

आगे क्या

यदि लागत दबाव में नरमी और बाहरी माँग में सुधार का यह रुझान बना रहा, तो आगामी महीनों में मार्जिन और भर्ती दोनों में और सुधार की संभावना है। बाज़ार अब आने वाले मैन्युफ़ैक्चरिंग और कम्पोज़िट PMI आँकड़ों पर नज़र रखेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

परन्तु ज़मीनी रोज़गार तस्वीर इस आशावाद को संयमित करती है — सर्वेक्षण में शामिल केवल 7 प्रतिशत से कम कंपनियों ने वास्तव में भर्ती बढ़ाई, जो ‘मज़बूत रोज़गार सृजन’ की हेडलाइन और शहरी श्रम बाज़ार की वास्तविकता के बीच का अंतर उजागर करता है। बाहरी माँग में रिकवरी सकारात्मक है, परन्तु यह अब भी 2025 के औसत से नीचे है — वैश्विक अनिश्चितता का स्पष्ट संकेत। असली परीक्षा यह होगी कि क्या लागत दबाव में यह नरमी मार्जिन सुधार और मध्यवर्गीय खपत वृद्धि में बदलती है, या केवल एक मौसमी राहत बनकर रह जाती है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का सेवा क्षेत्र PMI मई 2026 में कितना रहा?
HSBC इंडिया सर्विसेज़ PMI मई में बढ़कर 59.8 पर पहुँच गया, जो अप्रैल में 58.8 था। 50 से ऊपर का स्तर विस्तार दर्शाता है, और यह आँकड़ा सेवा क्षेत्र में मज़बूत गति की पुष्टि करता है।
सेवा क्षेत्र में इस वृद्धि के पीछे क्या कारण हैं?
नए कारोबार में बढ़ोतरी का मुख्य कारण माल ढुलाई (फ्रेट), डिजिटल सेवाओं, ई-कॉमर्स, मनोरंजन और IT सेवाओं की मज़बूत माँग रही। नए ऑर्डरों में पिछले छह महीनों की सबसे तेज़ वृद्धि दर्ज की गई।
क्या सेवा क्षेत्र में रोज़गार बढ़ रहा है?
हाँ, मई में रोज़गार सृजन की रफ़्तार पिछले लगभग एक वर्ष में दूसरी सबसे तेज़ रही। हालाँकि सर्वेक्षण में शामिल 7 प्रतिशत से भी कम कंपनियों ने वास्तविक भर्ती बढ़ाई, जबकि अधिकांश ने कर्मचारियों की संख्या यथावत रखी।
लागत और कीमतों पर क्या असर पड़ा?
इनपुट लागत में महंगाई पिछले चार महीनों के सबसे निचले स्तर पर आ गई, हालाँकि यह ऐतिहासिक रूप से ऊँची बनी हुई है। नतीजतन सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी की रफ़्तार जनवरी के बाद सबसे धीमी रही।
भारतीय सेवाओं की विदेशी माँग कैसी रही?
विदेशी माँग में मई में रिकवरी देखी गई, ख़ासकर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, हांगकांग, मलेशिया, UAE और UK से। हालाँकि अंतरराष्ट्रीय ऑर्डरों की वृद्धि कुल बिक्री और 2025 के औसत स्तर से थोड़ी कम रही।
राष्ट्र प्रेस
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