बारामती उपचुनाव: मतदान के बाद सुनेत्रा पवार ने बताया अजित दादा को सच्ची श्रद्धांजलि
सारांश
Key Takeaways
- बारामती उपचुनाव में 23 अप्रैल 2026 को मतदान संपन्न हुआ, जिसमें करीब 60%25 वोटिंग दर्ज की गई।
- सुनेत्रा पवार ने मतदान को दिवंगत पति अजित पवार की याद में सच्ची श्रद्धांजलि बताया।
- एनसीपी-एसपी (शरद पवार गुट) और कांग्रेस ने उम्मीदवार न उतारकर मुकाबला एकतरफा बना दिया।
- चुनाव में कुल 23 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन प्रमुख विपक्षी दल पीछे हट गए।
- महायुति गठबंधन (भाजपा, एनसीपी, शिवसेना) ने पूरी ताकत से सुनेत्रा पवार का समर्थन किया।
- नतीजे 4 मई 2026 को घोषित होंगे, जो पवार परिवार की राजनीतिक विरासत का भविष्य तय करेंगे।
बारामती, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा उपचुनाव में गुरुवार को मतदान संपन्न होने के बाद राज्य की उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने समर्थकों व मतदाताओं के प्रति गहरा आभार प्रकट किया। उन्होंने इस मतदान को अपने दिवंगत पति और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार को सच्ची भावनात्मक श्रद्धांजलि करार दिया। 4 मई 2026 को मतगणना होनी है।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि और मतदान का उत्साह
यह उपचुनाव पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के जनवरी 2026 में निधन के कारण आवश्यक हुआ। बारामती सीट पवार परिवार की राजनीतिक विरासत का केंद्र रही है और इस बार भी मतदाताओं ने असाधारण उत्साह दिखाया।
एनसीपी सूत्रों के अनुसार, भीषण गर्मी के बावजूद करीब 60 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि बारामती की जनता ने इस चुनाव को महज एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जनादेश के रूप में लिया।
सुनेत्रा पवार का भावुक बयान
सुनेत्रा पवार ने अपने बयान में कहा, ''आज का मतदान सिर्फ एक राजनीतिक प्रक्रिया नहीं था, बल्कि अजित दादा की याद में सच्ची श्रद्धांजलि था। बारामती के लिए उनके अथक प्रयास और लोगों के प्रति उनका प्यार हर मतदाता के व्यवहार में दिखा।''
उन्होंने यह भी कहा कि बारामती के नागरिकों की इस भागीदारी से उनके दिवंगत पति के प्रति गहरे प्रेम और उनके कार्यों पर अटूट विश्वास का परिचय मिलता है। यह बयान उन्होंने स्पष्ट रूप से भावुक होते हुए दिया।
विपक्ष का समर्थन और एकतरफा मुकाबला
इस चुनाव में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम यह रहा कि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी-एसपी ने सुनेत्रा पवार के सम्मान में उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा। इसके अलावा, कांग्रेस ने भी अंतिम समय में अपना उम्मीदवार वापस ले लिया।
इन फैसलों से मुकाबला लगभग एकतरफा हो गया, हालांकि कुल 23 उम्मीदवार मैदान में थे। महायुति गठबंधन (भाजपा, एनसीपी और शिवसेना) ने पूरी ताकत से सुनेत्रा पवार का समर्थन किया।
सुनेत्रा पवार ने महायुति गठबंधन, महा विकास अघाड़ी (एमवीए) और विभिन्न सामाजिक संगठनों का भी हृदय से धन्यवाद किया, जिन्होंने चुनावी प्रक्रिया को सफल बनाने में योगदान दिया।
चुनाव प्रबंधन और शांतिपूर्ण मतदान
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने चुनाव अधिकारियों, पुलिस बल और पार्टी कार्यकर्ताओं की विशेष सराहना की, जिन्होंने अत्यधिक गर्मी में भी मतदान को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और अनुशासित तरीके से संपन्न कराया।
गौरतलब है कि बारामती राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। पवार परिवार का इस सीट से दशकों पुराना संबंध है और यहां के मतदाता राजनीतिक रूप से जागरूक माने जाते हैं।
राजनीतिक विश्लेषण: पवार परिवार की विरासत का सवाल
यह उपचुनाव केवल एक सीट का नहीं, बल्कि पवार परिवार की राजनीतिक विरासत की परीक्षा का भी प्रतीक है। शरद पवार और अजित पवार के बीच एनसीपी के विभाजन के बाद यह पहला बड़ा मौका है जब दोनों गुट एक ही मंच पर आए — भले ही परोक्ष रूप से।
एनसीपी-एसपी का उम्मीदवार न उतारना राजनीतिक परिपक्वता का संकेत है या चुनावी रणनीति — यह विश्लेषकों के बीच बहस का विषय बना हुआ है। हालांकि, इससे सुनेत्रा पवार की जीत की राह लगभग निर्विरोध हो गई है।
बारामती उपचुनाव के नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। जीत की स्थिति में सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र विधानसभा में पवार परिवार की राजनीतिक उपस्थिति को एक नए अध्याय में ले जाएंगी।