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क्या दिल्ली के अस्पताल में युवती का यौन शोषण शर्मनाक है?

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क्या दिल्ली के अस्पताल में युवती का यौन शोषण शर्मनाक है?

सारांश

दिल्ली के जग प्रवेश चंद्र अस्पताल में एक युवती का यौन शोषण और उसकी मौत ने स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने सरकार की लापरवाही पर तीखा हमला किया है। इस घटना ने न केवल अस्पताल की सुरक्षा बल्कि महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न की हैं।

मुख्य बातें

युवती का यौन शोषण एक गंभीर समस्या है।
दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।
महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है।
सरकार को जवाबदेह होना चाहिए ।
नशे की लत और बेरोजगारी भी अपराधों को बढ़ावा दे रही है।

नई दिल्ली, 26 जून (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के जग प्रवेश चंद्र अस्पताल में भर्ती 23 वर्षीय युवती के साथ हुए यौन शोषण और उसकी मौत की घटना ने न केवल दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है, बल्कि अस्पताल परिसरों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।

देवेंद्र यादव ने गुरुवार को कहा कि यह अत्यंत दुखद और शर्मनाक है कि एक युवती, जिसे इलाज की आवश्यकता थी, उसे अस्पताल जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह में शोषण और अंततः मौत का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि दिल्ली में न तो स्वास्थ्य सेवाएं सुरक्षित हैं और न ही महिलाएं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली और केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली महिला अपराधों में देश में पहले नंबर पर है और दिल्ली पुलिस की पहली तिमाही की रिपोर्ट इसका प्रमाण है। रिपोर्ट के अनुसार, 379 छेड़छाड़ और 370 बलात्कार जैसे जघन्य अपराध दर्ज हुए हैं, यानी रोज़ाना 4-5 मामले महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराधों के होते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा सरकार कानून व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, तो फिर अस्पताल जैसी जगहों में भी महिलाएं सुरक्षित क्यों नहीं हैं?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जुबानी हमला करते हुए देवेंद्र यादव ने कहा कि वह सिर्फ फोटो सेशन में व्यस्त हैं और जनता की समस्याओं से पूरी तरह बेखबर हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली कांग्रेस ने समय-समय पर अस्पतालों की खस्ताहाल सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर आवाज उठाई है, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की और कहा कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अब वक्त आ गया है कि दिल्ली के अस्पतालों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए ताकि मरीजों को, खासकर महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिल सके। उन्होंने कहा कि यह गंभीर जांच का विषय है कि युवती का यौन शोषण जग प्रवेश चंद्र अस्पताल में हुआ और उसकी मौत जीटीबी अस्पताल में हुई। पुलिस सिर्फ आरोपी को पकड़ कर खानापूर्ति कर रही है, लेकिन इससे अस्पतालों की अव्यवस्था और लापरवाही नहीं छिपाई जा सकती।

यादव ने बताया कि दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने भी हाल ही में अस्पतालों में सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं, डॉक्टरों के आवास आदि को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन उसके बावजूद यह भयावह घटना हुई, जो सरकारी लापरवाही को दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में नशे की बढ़ती लत और बेरोजगारी भी अपराधों को बढ़ावा दे रही है। इसी कारण कांग्रेस ने नशे के विरुद्ध-युद्ध नाम से अभियान शुरू किया है, जिसमें पार्टी कार्यकर्ता युवाओं को नशे से बाहर लाने और नशा कारोबार के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि दिल्ली की घटना ने हमारे समाज की संरचना और सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल उठाए हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराधों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है और यह दर्शाता है कि हमें एकजुट होकर इस समस्या का समाधान खोजना होगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के अस्पताल में युवती के यौन शोषण का क्या कारण है?
यह घटना अस्पताल में सुरक्षा के अभाव और महिलाओं के प्रति समाज में बढ़ती असुरक्षा को दर्शाती है।
सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
क्या अस्पतालों में सुरक्षा को बढ़ाने की आवश्यकता है?
बिल्कुल, अस्पतालों में सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है ताकि मरीजों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
राष्ट्र प्रेस
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