910 करोड़ में जयपुर-किशनगढ़ हाईवे का 6-लेन विकास और महाराष्ट्र के कागल में एलिवेटेड कॉरिडोर: नितिन गडकरी
सारांश
Key Takeaways
- जयपुर-किशनगढ़ मार्ग का 6-लेन उन्नयन 910.90 करोड़ रुपए में होगा।
- कागल में एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण 357.99 करोड़ रुपए में होगा।
- इससे यात्रा समय में कमी और सुरक्षा में वृद्धि होगी।
- यह परियोजना आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।
नई दिल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत सरकार ने नेशनल हाईवे-48 को और भी आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि राजस्थान के जयपुर-किशनगढ़ मार्ग को 6-लेन में अपग्रेड करने और महाराष्ट्र के कागल में एक एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को स्वीकृति दी गई है।
गडकरी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया, "राजस्थान के जयपुर और अजमेर जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के जयपुर-किशनगढ़ (लंबाई 89.785 किमी) खंड के लिए 6-लेन अपग्रेडिंग का काम, जिसमें फ्लाईओवर और सर्विस रोड का निर्माण शामिल है, 910.90 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत किया गया है।"
उन्होंने पोस्ट में आगे कहा, "इस कॉरिडोर का विकास आंशिक रूप से एक्सेस कंट्रोल्ड राजमार्ग के रूप में किया जाएगा, जिससे वाहनों की औसत गति में सुधार होगा और यात्रा का समय मौजूदा 2 घंटे से लगभग 1 घंटे कम होगा। स्थानीय यातायात का पृथक्करण, दोनों ओर सर्विस रोड और फ्लाईओवर का प्रावधान सुरक्षा बढ़ाने में भी मदद करेगा।"
गडकरी ने एक अन्य पोस्ट में बताया, "महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के कागल में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर दोनों ओर 3-लेन कंक्रीट सर्विस रोड के साथ 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 357.99 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृति दी गई है।"
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-48 भारत के गोल्डन क्वाड्रिलैटरल (जीक्यू) नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो दिल्ली, मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ता है।
उन्होंने आगे बताया कि कागल में 5-स्टार एमआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण इस क्षेत्र में व्यापार और उद्योग तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे इस हाईवे पर मालवाहक वाहनों का भारी दबाव रहता है। यह ट्रैफिक जाम की समस्या को उत्पन्न करता है और प्रदूषण के स्तर को भी बढ़ाता है।
गडकरी ने कहा, "स्वीकृत एलिवेटेड कॉरिडोर लंबी दूरी के एक्सप्रेस ट्रैफिक को स्थानीय वाहनों से अलग करेगा, जिससे स्थानीय ट्रैफिक का प्रवाह सुगम होगा। इसके परिणामस्वरूप यात्रियों और मालवाहक वाहनों की यात्रा तेज और सुरक्षित होगी।"
इस एलिवेटेड हाईवे प्रोजेक्ट से क्षेत्रीय उत्पादकता और आर्थिक समृद्धि में वृद्धि की उम्मीद है। साथ ही, यह आपातकालीन सेवाओं की कुशल डिलीवरी भी सुनिश्चित करेगा। कुल मिलाकर, यह प्रोजेक्ट घरेलू परिवहन व्यवस्था को सुधारने और माल ढुलाई की दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।