20 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एशियन गेम्स 2026: सूरज सिंह मयंगलमबम वुशु में 0.040 पॉइंट्स से पदक चूके, 11वाँ स्थान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एशियन गेम्स 2026: सूरज सिंह मयंगलमबम वुशु में 0.040 पॉइंट्स से पदक चूके, 11वाँ स्थान

सारांश

सिर्फ 0.040 पॉइंट्स — इतने छोटे अंतर से सूरज सिंह मयंगलमबम एशियन गेम्स 2026 के चांगक्वान वुशु फाइनल में कांस्य पदक से चूक गए। ए-स्कोर और सी-स्कोर में परफेक्ट मार्क्स के बावजूद 11वाँ स्थान — यह भारतीय वुशु की बढ़ती ताकत और एशियाई मंच पर बेहद पतले अंतर की कहानी है।

मुख्य बातें

सूरज सिंह मयंगलमबम ने आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 के चांगक्वान वुशु फाइनल में 9.683 पॉइंट्स के साथ 11वाँ स्थान हासिल किया।
वे कांस्य पदक से महज 0.040 पॉइंट्स के अंतर से चूक गए।
सूरज ने ए-स्कोर में परफेक्ट 5.00 और सी-स्कोर में 2.00 हासिल किए — कोई कटौती नहीं।
मकाऊ के कुओंग ची हिन ( 9.723 पॉइंट्स ) ने स्वर्ण और ची कुआन सोंग ( 9.720 पॉइंट्स ) ने रजत पदक जीता।
फाइनल में 21 एथलीटों ने हिस्सा लिया और स्टार्टिंग क्रम रैंडम ड्रॉ से तय हुआ।

नागोया में चल रहे आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत के सूरज सिंह मयंगलमबम रविवार को पुरुषों के चांगक्वान वुशु फाइनल में 11वें स्थान पर रहे और महज 0.040 पॉइंट्स के अंतर से कांस्य पदक से वंचित रह गए। आइची प्रीफेक्चुरल मार्शल आर्ट्स हॉल में 21 एथलीटों के बीच हुए इस मुकाबले में सूरज का प्रदर्शन तकनीकी दृष्टि से उत्कृष्ट था, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया।

सूरज का स्कोरकार्ड

सूरज ने फाइनल में कुल 9.683 पॉइंट्स अर्जित किए। उन्होंने क्वालिटी ऑफ मूवमेंट (ए-स्कोर) में परफेक्ट 5.00 और डिग्री ऑफ डिफिकल्टी (सी-स्कोर) में 2.00 पॉइंट्स हासिल किए — दोनों श्रेणियों में कोई कटौती नहीं हुई। ओवरऑल परफॉर्मेंस (बी-स्कोर) में उन्हें 2.683 पॉइंट्स मिले। कांस्य पदक के लिए आवश्यक अंक से वे केवल 0.040 पॉइंट्स पीछे रहे, जो इस स्तर की प्रतिस्पर्धा में बेहद मामूली अंतर है।

विजेता और शीर्ष प्रदर्शन

मकाऊ के कुओंग ची हिन 9.723 पॉइंट्स के साथ स्वर्ण पदक विजेता रहे, जबकि उन्हीं के हमवतन ची कुआन सोंग ने 9.720 पॉइंट्स के साथ रजत पदक अपने नाम किया। शीर्ष के इन परिणामों से यह स्पष्ट है कि फाइनल में प्रतिभागियों के बीच स्कोर का अंतर अत्यंत कम था, जो इस खेल की प्रतिस्पर्धात्मकता को रेखांकित करता है।

चांगक्वान — एक चुनौतीपूर्ण अनुशासन

चांगक्वान, वुशु के सबसे गतिशील और तकनीकी रूप से कठिन अनुशासनों में गिना जाता है। इसमें एथलीटों को पारंपरिक उत्तरी चीनी कुंग फू की शैली में तेज़ पंच, गहरे लंजिंग स्टांस, ऊँची किक, एरियल जंप और स्पिन समेत एक पूरा रूटीन लगभग 90 सेकंड में प्रस्तुत करना होता है। यह अनुशासन शक्ति, लय और तकनीकी परिशुद्धता का दुर्लभ संयोजन माँगता है।

फाइनल का प्रारूप

फाइनल में प्रदर्शन का क्रम सीडिंग या प्री-इवेंट रैंकिंग पर आधारित नहीं था। 21 फाइनलिस्टों को कंप्यूटर या मैनुअल रैंडम ड्रॉ के ज़रिये एक स्टार्टिंग नंबर दिया गया, जिससे यह तय हुआ कि वे मैट पर कब उतरेंगे। इस प्रारूप में हर एथलीट को समान अवसर मिला।

भारत के लिए संकेत

सूरज का ए-स्कोर और सी-स्कोर दोनों में परफेक्ट मार्क्स यह दर्शाते हैं कि उनके रूटीन की तकनीकी गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च थी। 0.040 पॉइंट्स का यह अंतर भारतीय वुशु के बढ़ते स्तर का प्रमाण है और आने वाले टूर्नामेंटों में पदक की उम्मीद जगाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरज सिंह मयंगलमबम एशियन गेम्स 2026 में किस स्थान पर रहे?
सूरज सिंह मयंगलमबम नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 के पुरुष चांगक्वान वुशु फाइनल में 9.683 पॉइंट्स के साथ 11वें स्थान पर रहे। वे केवल 0.040 पॉइंट्स से कांस्य पदक चूक गए।
चांगक्वान वुशु में स्कोरिंग कैसे होती है?
चांगक्वान वुशु में तीन स्कोर होते हैं — ए-स्कोर (क्वालिटी ऑफ मूवमेंट), बी-स्कोर (ओवरऑल परफॉर्मेंस) और सी-स्कोर (डिग्री ऑफ डिफिकल्टी)। सूरज ने ए-स्कोर में परफेक्ट 5.00 और सी-स्कोर में 2.00 अंक हासिल किए, जबकि बी-स्कोर में उन्हें 2.683 मिले।
एशियन गेम्स 2026 चांगक्वान वुशु में स्वर्ण पदक किसने जीता?
मकाऊ के कुओंग ची हिन ने 9.723 पॉइंट्स के साथ स्वर्ण पदक जीता। उनके हमवतन ची कुआन सोंग ने 9.720 पॉइंट्स के साथ रजत पदक हासिल किया।
चांगक्वान वुशु क्या होता है?
चांगक्वान पारंपरिक उत्तरी चीनी कुंग फू पर आधारित वुशु का एक प्रमुख अनुशासन है। इसमें एथलीट लगभग 90 सेकंड के रूटीन में तेज़ पंच, गहरे स्टांस, ऊँची किक, एरियल जंप और स्पिन प्रदर्शित करते हैं।
सूरज सिंह मयंगलमबम भारत के लिए पदक क्यों नहीं जीत पाए?
सूरज का तकनीकी प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा — ए-स्कोर और सी-स्कोर में परफेक्ट मार्क्स मिले। हालाँकि, बी-स्कोर (ओवरऑल परफॉर्मेंस) में 0.040 पॉइंट्स का मामूली अंतर उन्हें पदक की पोज़िशन से बाहर ले गया, जो इस स्तर की प्रतिस्पर्धा की कठोरता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले