मुंबई के लालबाग गणपति पंडाल में करंट से 8 वर्षीय बच्ची की मौत, 4 गंभीर रूप से घायल
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के लालबाग इलाके में 20 सितंबर 2026 की रात करीब 2 बजे गणपति पंडाल के बाहर बिजली का करंट फैलने से एक 8 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी पाँचों पीड़ितों को तत्काल भायखला स्थित मसीना अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित किया।
घटनास्थल और परिस्थितियाँ
यह दुर्घटना कालाचौकी क्षेत्र के दत्ताराम लाड मार्ग पर स्थित कालाचौकी विभाग सार्वजनिक उत्सव मंडल के पास हुई। गणपति उत्सव के चलते उस समय लालबाग में भारी भीड़ जमा थी। अचानक पंडाल में करंट फैलने से अफरातफरी मच गई और 2 लड़के तथा 3 लड़कियाँ झुलस गईं।
यह ऐसे समय में हुआ जब मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन पंडालों में दर्शन करने पहुँच रहे हैं। त्योहार के मौसम में विद्युत सुरक्षा-व्यवस्था की खामियाँ एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई हैं।
घायलों की स्थिति
हादसे के बाद एक बच्ची की अस्पताल में मौत की पुष्टि हुई। एक अन्य लड़की की हालत अत्यंत नाजुक होने के कारण उसे बेहतर उपचार के लिए परेल स्थित ग्लोबल अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। मसीना अस्पताल में भर्ती शेष तीन घायल आईसीयू में हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
लालबागचा राजा पंडाल के पास भी मौत
इससे पहले, जलगांव के 25 वर्षीय युवक जयदीप मेघराज नेमाडे की लालबागचा राजा गणेश पंडाल के निकट मौत हो गई। वह 17 सितंबर की रात अपने दोस्तों के साथ दर्शन के लिए लाइन में खड़ा था, तभी अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा।
मृतक के चाचा प्रमोद नेमाडे ने बताया कि जयदीप हर वर्ष अपने चार दोस्तों के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने आता था और उसे पहले कोई बीमारी या स्वास्थ्य समस्या नहीं थी। उन्होंने कहा, 'वह पूरी तरह स्वस्थ था। जब लाइन में खड़े होकर अंदर गया, तो उसे साँस लेने में दिक्कत हुई, इसलिए वह बाहर निकला और अचानक गिर पड़ा।'
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब गणपति उत्सव के दौरान बिजली से जुड़ी दुर्घटनाएँ सामने आई हैं। विद्युत सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अस्थायी पंडालों में कमज़ोर वायरिंग और उचित अर्थिंग के अभाव में करंट फैलने का खतरा बना रहता है। अधिकारियों के अनुसार मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।
आगे क्या होगा
मुंबई पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने घटना की जाँच शुरू कर दी है। विद्युत विभाग से यह पता लगाने को कहा गया है कि पंडाल में करंट फैलने की वजह क्या थी। घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।