बिहार को टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में कदम, मंत्री श्रेयसी सिंह ने केंद्र से मांगा सहयोग
सारांश
Key Takeaways
- बिहार को एक प्रमुख टेक हब बनाने की दिशा में कदम।
- नवीनतम नीतियों का उद्देश्य निवेश आकर्षित करना।
- केंद्र और राज्य के बीच सहयोग की आवश्यकता।
- युवाओं को नए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास।
- डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करने की योजनाएं।
पटना, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार राज्य की सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह ने शनिवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से औपचारिक मुलाकात की। इस मौके पर बिहार के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विकास, निवेश के अवसरों, नवाचार, रोजगार सृजन और डिजिटल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में बिहार में तकनीकी निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बिहार आईटी पॉलिसी-2024, बिहार जीसीसी पॉलिसी-2026, और बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 के मुख्य बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। इन नीतियों का उद्देश्य बिहार को निवेशकों के लिए एक आकर्षक और प्रतिस्पर्धी गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।
मंत्री ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी पटना में रिसर्च पार्क एवं स्टार्टअप इन्क्यूबेशन (फेज-II) की स्थापना, मेगा एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विकास की संभावनाओं पर जानकारी दी और गया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संबंधित विनिर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए केंद्र से सहयोग का अनुरोध किया।
इसके अलावा, राज्य के तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण की आवश्यकता और विभिन्न क्षेत्रों में एसटीपीआई एवं एनआईईएलआईटी केंद्रों के विस्तार पर भी जोर दिया गया।
बैठक में आईटी, आईटीईएस, जीसीसी, सेमीकंडक्टर और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में बड़े निवेश को आकर्षित करने के लिए केंद्र से निवेश लीड्स उपलब्ध कराने, एंकर इकाइयों को प्रोत्साहित करने और वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के लिए अनुरोध किया गया।
राज्य सरकार ने यह भी बताया कि बिहार निवेशकों को भूमि, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, आधुनिक आधारभूत संरचना और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार की अपार संभावनाओं, राज्य की युवा शक्ति और तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी परिदृश्य की सराहना की और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
श्रेयसी सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों से बिहार जल्द ही पूर्वी भारत के एक प्रमुख टेक हब के रूप में उभरेगा, जिससे राज्य में डिजिटल परिवर्तन, नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।