क्या बिहार विधानसभा में हम अपनी बातें मजबूती से रखेंगे?

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क्या बिहार विधानसभा में हम अपनी बातें मजबूती से रखेंगे?

सारांश

पटना में 18वीं बिहार विधानसभा का सत्र शुरू हुआ, जहां आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने विधानसभा में अपनी बातों को मजबूती से रखने का संकल्प लिया। यह सत्र नवनिर्वाचित विधायकों के लिए नई उम्मीदों का दिन है।

मुख्य बातें

बिहार विधानसभा का पहला सत्र शुरू हुआ।
भाई वीरेंद्र ने विधानसभा में मजबूत आवाज उठाने का संकल्प लिया।
राजनीतिक नेताओं ने जनता के समर्थन की बात की।
सदन में गरीबों और वंचितों के न्याय की उम्मीद।
आलोक मेहता ने जनादेश का महत्व बताया।

पटना, 1 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। 18वीं बिहार विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से आरंभ हो चुका है। इस सत्र के पहले दिन नवनिर्वाचित विधायक बहुत उत्साहित नजर आए। इस मौके पर आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि हम विधानसभा में अपनी बातें मजबूती से रखेंगे।

भाई वीरेंद्र ने कहा, "हम हमेशा आपके सामने और सत्र में अपनी बात रखने का कार्य करते हैं। हम सत्र के अंदर और बाहर दोनों जगह ऐसा करते रहेंगे। हम, जो 35 लोग जीते हैं, अपनी बातें मजबूती से रखेंगे। सत्र में हमारी संख्या भले ही कम हो, लेकिन बाहर हमारी संख्या काफी है। लोगों ने हमें अपना समर्थन दिया है, एक करोड़ से अधिक वोट हमारे पक्ष में आए हैं। यदि हमें एक बार भी इशारा मिल जाए, तो हम पूरे बिहार में अपनी उपस्थिति का एहसास करा सकते हैं। लेकिन यदि केंद्र सरकार इसी तरह बेईमानी और धोखा देती रही, तो कल जनता सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आएगी।"

आरजेडी विधायक गौतम कृष्ण ने कहा, "मैं सबसे पहले आपके चैनल के माध्यम से लोकतंत्र के मंदिर को नमन करता हूं। मैं इस सत्र के नेताओं और आम लोगों को दिल से सलाम करता हूं, जिन्होंने अपने वोटों के आशीर्वाद से मुझे विधायक बनाया और सदन में भेजा। आज मैं शपथ ले रहा हूं।"

एआईएमआईएम विधायक अख्तरुल इमान ने कहा, "यह पहला दिन है, लेकिन यह हमारे लिए नई ख्वाहिशों का दिन नहीं है। हम मानते हैं कि यह सदन बिहार के लोगों के आशीर्वाद से चलता है। लोग गरीबों के खून-पसीने की कमाई से अपने घरों में आराम से बैठते हैं। हम यहां इस उम्मीद के साथ आए हैं कि बिहार का विकास होगा और गरीबों, पिछड़ों और वंचितों को न्याय मिलेगा।"

आरजेडी विधायक आलोक मेहता ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ पार्टियों के बारे में जो बातें कही हैं, वे एक तरह का मजाक हैं। मेरा मानना है कि किसी को भी जनता के जनादेश का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। लोगों ने जो भी जनादेश दिया है, उसे मानना चाहिए, और हम इसे मानते हैं। हालाँकि, यह जनादेश कैसे आया, यह जांच और रिव्यू का विषय होना चाहिए। लेकिन हमारे लिए, जनता के मुद्दे हमेशा सबसे ऊपर रहेंगे और नंबर सबसे जरूरी घटक नहीं हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह जनता की आवाज को सुनने का भी एक अवसर है। विधायकों का यह प्रयास दर्शाता है कि वे अपनी बातों को सदन में प्रभावी तरीके से रखना चाहते हैं। यह लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार विधानसभा का पहला सत्र कब शुरू हुआ?
18वीं बिहार विधानसभा का पहला सत्र 1 दिसंबर को शुरू हुआ।
भाई वीरेंद्र ने क्या कहा?
भाई वीरेंद्र ने कहा कि वे विधानसभा में अपनी बातें मजबूती से रखेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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