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नीट-यूजी पेपर लीक पर DU वीसी योगेश सिंह: 'दोबारा परीक्षा सही, NTA जिम्मेदार'

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नीट-यूजी पेपर लीक पर DU वीसी योगेश सिंह: 'दोबारा परीक्षा सही, NTA जिम्मेदार'

सारांश

दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह ने नीट-यूजी पेपर लीक को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और NTA को सीधे जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने 21 जून की दोबारा परीक्षा का समर्थन करते हुए छात्रों और संगठनों से विरोध प्रदर्शन छोड़ तैयारी पर ध्यान देने की अपील की।

मुख्य बातें

दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह ने नीट-यूजी पेपर लीक को 'बिल्कुल नहीं होना चाहिए था' कहकर निंदा की।
NTA को परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित न कर पाने के लिए सीधे जिम्मेदार ठहराया।
दोबारा नीट-यूजी परीक्षा 21 जून को होगी; कुलपति ने इसे सही फैसला बताया।
छात्रों और संगठनों से विरोध प्रदर्शन बंद कर तैयारी पर ध्यान देने की अपील।
अगली परीक्षा कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) प्रारूप में हो सकती है; NTA सुधारों पर बाद में चर्चा होगी।

दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह ने नीट-यूजी पेपर लीक विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि प्रश्नपत्र का इस तरह लीक होना पूरी तरह अस्वीकार्य था और केंद्र सरकार द्वारा दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय बिल्कुल सही है। उन्होंने 16 मई को यह भी कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

NTA की जवाबदेही

कुलपति योगेश सिंह ने कहा, 'मुझे राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के संगठनात्मक ढाँचे के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं है, लेकिन यह सच है कि इसके लिए वे ही जिम्मेदार हैं। परीक्षा आयोजित कराना उनका दायित्व था, इसलिए यह सुनिश्चित करना भी उन्हीं की जिम्मेदारी थी कि इस तरह की चूक न हो।' उन्होंने यह भी कहा कि यदि आरोपियों को पकड़ा न जाता और परीक्षा रद्द न की जाती, तो ऐसे छात्रों को प्रवेश मिल जाता जो उसके हकदार नहीं थे — और यह ईमानदारी से पढ़ने वाले लाखों छात्रों के साथ घोर अन्याय होता।

विरोध प्रदर्शन पर सलाह

NTA द्वारा दोबारा परीक्षा की तारीख 21 जून घोषित किए जाने के बाद, योगेश सिंह ने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा, 'पहले भी मुझे नहीं लगा था कि विरोध प्रदर्शन की जरूरत है और आज भी यही कहूँगा — यह एक संवेदनशील विषय है जो हमारे छात्रों के भविष्य से जुड़ा है।' उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि परीक्षा में कुछ ही दिन बचे हैं, इसलिए वे पूरे मन से तैयारी करें।

राजनीतिकरण पर कड़ी आपत्ति

जब उनसे दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर के राजनीतिकरण के बारे में पूछा गया, तो योगेश सिंह ने सीधे शब्दों में कहा कि वे इस विषय पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन छात्र संगठनों से विशेष अनुरोध किया कि वे इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने से बचें। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से कुछ बयान देकर लोगों को भड़काया जा रहा है, उसकी कोई जरूरत नहीं। इससे माहौल जहरीला बनता है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि बहुत सारे संगठनों को समझना होगा कि यह राजनीति से कहीं बड़ा विषय है।

NTA सुधार और तकनीकी चुनौतियाँ

योगेश सिंह ने संकेत दिया कि 21 जून की परीक्षा के बाद NTA के ढाँचे में संभावित सुधारों पर विचार-विमर्श होगा। उन्होंने कहा कि अगली परीक्षा कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) प्रारूप में हो सकती है, हालाँकि साइबर हमलों की चुनौती भी उतनी ही गंभीर है। उनके अनुसार, 'जब तक इन गिरोहों और समूहों को तोड़ा नहीं जाता, तब तक चुनौतियाँ बनी रहेंगी। मुझे पूरा भरोसा है कि इस बार इस मामले की तह तक जाया जाएगा।'

आगे क्या होगा

दोबारा नीट-यूजी परीक्षा 21 जून को निर्धारित है। NTA के ढाँचागत सुधारों पर परीक्षा के बाद विचार होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब देशभर में चिकित्सा प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर पहले से सवाल उठाए जा रहे थे। कुलपति का यह बयान शिक्षा जगत की उस चिंता को रेखांकित करता है जो परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े सवाल को अनुत्तरित छोड़ता है — NTA की जवाबदेही महज स्वीकृति तक सीमित नहीं होनी चाहिए, उसके लिए संस्थागत परिणाम भी होने चाहिए। कंप्यूटर-आधारित परीक्षा को 'समाधान' बताना भी अधूरा है, क्योंकि साइबर सुरक्षा की कमज़ोरियाँ पहले भी सामने आ चुकी हैं। विरोध प्रदर्शनों को 'राजनीति' कहकर खारिज करना उन छात्रों की वैध पीड़ा को कम आँकना है जिनका एक साल बर्बाद हुआ। असली सुधार तभी होगा जब NTA के ढाँचे की स्वतंत्र समीक्षा हो — परीक्षा के बाद की 'चर्चा' का वादा पर्याप्त नहीं है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DU कुलपति योगेश सिंह ने नीट-यूजी पेपर लीक पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र का इस तरह लीक होना बिल्कुल नहीं होना चाहिए था और इसके लिए NTA सीधे जिम्मेदार है। उन्होंने दोबारा परीक्षा के केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराया।
नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा कब होगी?
NTA ने दोबारा परीक्षा की तारीख 21 जून घोषित की है। कुलपति योगेश सिंह ने छात्रों से अपील की है कि वे विरोध प्रदर्शन छोड़कर परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दें।
NTA के ढाँचे में सुधार कब होगा?
कुलपति योगेश सिंह के अनुसार, 21 जून की परीक्षा के बाद NTA के संचालन और ढाँचे में सुधार पर विचार-विमर्श होगा। उन्होंने कहा कि अभी कई समाधानों पर एक साथ बहस करने से केवल भ्रम पैदा होगा।
क्या नीट परीक्षा भविष्य में कंप्यूटर-आधारित होगी?
कुलपति योगेश सिंह ने संकेत दिया कि अगली परीक्षा कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) प्रारूप में हो सकती है। हालाँकि उन्होंने यह भी माना कि साइबर हमलों की चुनौती बनी रहती है और जब तक परीक्षा माफिया गिरोहों को तोड़ा नहीं जाता, चुनौतियाँ जारी रहेंगी।
नीट विरोध प्रदर्शनों पर DU कुलपति का क्या रुख है?
योगेश सिंह ने विरोध प्रदर्शनों को अनावश्यक बताया और छात्र संगठनों से अपील की कि वे इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करें। उनके अनुसार, यह देश के लिए संवेदनशील विषय है और भड़काऊ बयानों से माहौल जहरीला होता है।
राष्ट्र प्रेस
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