नीट-यूजी पेपर लीक पर DU वीसी योगेश सिंह: 'दोबारा परीक्षा सही, 21 जून को हो परीक्षा'
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर योगेश सिंह ने नीट-यूजी पेपर लीक विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि प्रश्न पत्र का इस तरह लीक होना किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं था। उन्होंने 21 जून को पुनः परीक्षा आयोजित करने के केंद्र सरकार के निर्णय को न्यायसंगत ठहराया और छात्रों तथा संगठनों से विरोध प्रदर्शन का रास्ता छोड़ने की अपील की।
पेपर लीक पर वाइस चांसलर का सीधा बयान
प्रोफेसर योगेश सिंह ने कहा, "मुझे एनटीए के संगठनात्मक ढाँचे के बारे में बहुत ज़्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन यह सच है कि इसके लिए वे ही ज़िम्मेदार हैं। वे ही यह परीक्षा आयोजित करवा रहे थे, इसलिए यह सुनिश्चित करना उनकी ही ज़िम्मेदारी है कि इस तरह की चूक न हो।" उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जिन ईमानदार और मेहनती छात्रों को प्रश्न पत्र नहीं मिला था, उनके साथ अन्याय न हो — इसीलिए परीक्षा रद्द करना और दोबारा आयोजित करना सही कदम था।
उन्होंने कहा कि अगर आरोपी न पकड़े जाते और परीक्षा रद्द न की जाती, तो अयोग्य अभ्यर्थियों को प्रवेश मिल जाता — जो न केवल व्यवस्था की विफलता होती, बल्कि लाखों परिश्रमी छात्रों के साथ गहरा अन्याय भी।
विरोध प्रदर्शन पर चेतावनी
नीट विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए प्रोफेसर योगेश सिंह ने कहा, "एनटीए ने अब नई तारीख का ऐलान कर दिया है। परीक्षा 21 जून को होगी। पहले भी मुझे नहीं लगा था कि विरोध प्रदर्शन की कोई ज़रूरत है, और आज भी मैं यही कहूँगा।" उन्होंने इसे एक संवेदनशील विषय बताते हुए कहा कि इसे राजनीतिक रंग देना देश और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने छात्र संगठनों से विशेष रूप से अपील की कि वे इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार न बनाएँ। उनके शब्दों में, "यह राजनीति से कहीं बड़ा विषय है। जिस तरह से कुछ बयान दिए जा रहे हैं और लोगों को भड़काया जा रहा है, उसकी कोई ज़रूरत नहीं है। इससे माहौल ज़हरीला बनता है।"
एनटीए के ढाँचे में सुधार पर राय
जब उनसे पूछा गया कि क्या राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के संगठनात्मक ढाँचे में बदलाव होने चाहिए, तो प्रोफेसर योगेश सिंह ने सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि 21 जून की परीक्षा की घोषणा हो चुकी है, इसलिए अभी एक साथ कई समाधानों पर बहस करना भ्रम पैदा करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे की कार्यप्रणाली पर विस्तृत विचार-विमर्श बाद में होगा।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगली परीक्षा कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) प्रारूप में हो सकती है। साथ ही उन्होंने साइबर खतरों की गंभीरता रेखांकित करते हुए कहा, "जब तक इन गिरोहों और समूहों को तोड़ा नहीं जाता, तब तक चुनौतियाँ बनी रहेंगी। मुझे पूरा भरोसा है कि इस बार इस मामले की तह तक जाया जाएगा।"
डीयू परिसर के राजनीतिकरण पर प्रतिक्रिया
दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस में राजनीतिक गतिविधियों पर पूछे गए सवाल पर प्रोफेसर योगेश सिंह ने सीधी टिप्पणी से परहेज़ किया। उन्होंने कहा, "राजनीति पर बात करना मेरा विषय नहीं है, लेकिन मैं छात्र संगठनों से यह ज़रूर कहूँगा — कृपया हर चीज़ में राजनीति न करें। यह बच्चों के भविष्य से जुड़ा है।"
उनकी यह अपील ऐसे समय में आई है जब नीट विवाद को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों के बीच तीखी नोकझोंक जारी है। प्रोफेसर योगेश सिंह ने छात्रों को सलाह दी कि वे 21 जून की परीक्षा की तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित करें, क्योंकि उनका भविष्य इसी पर टिका है।