वैश्विक संकट में भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत, GDP ग्रोथ 7% रहने का अनुमान: गौरव वल्लभ
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और अर्थशास्त्री गौरव वल्लभ ने 15 मई 2026 को कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह मजबूत है और किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययिता अपील को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला संकट के संदर्भ में एक समझदारी भरा कदम बताया, न कि किसी आर्थिक कमज़ोरी का संकेत।
मितव्ययिता अपील की पृष्ठभूमि
वल्लभ के अनुसार, इस समय दुनिया तीन प्रमुख भू-राजनीतिक संकटों से जूझ रही है — पश्चिम एशिया संघर्ष, रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-चीन के बीच कमोडिटी मूल्य को लेकर तनाव। इन संकटों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को गहरे रूप से प्रभावित किया है।
उन्होंने बताया कि भारत अपनी पेट्रोल-डीजल आवश्यकता का लगभग 87 प्रतिशत और सोने की खपत का 99 प्रतिशत विदेशों से आयात करता है। वित्तीय वर्ष 2026 में केवल कच्चे तेल और सोने का कुल आयात लगभग ₹18 लाख करोड़ रहा। वल्लभ का तर्क है कि यदि 140 करोड़ भारतीय केवल 10 प्रतिशत खपत कम करें, तो लगभग ₹1 लाख 80 हजार करोड़ की विदेशी मुद्रा बचाई जा सकती है।
अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति
वल्लभ ने कहा कि भारत के पास 60 दिनों का कच्चे तेल का रिज़र्व और 45 दिनों का एलपीजी गैस रिज़र्व उपलब्ध है। उन्होंने दावा किया कि विदेशी मुद्रा भंडार 690 बिलियन डॉलर है और राजकोषीय घाटा नियंत्रण में है। वित्तीय वर्ष 2027 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है, 8 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है और 40 करोड़ से अधिक लोगों को मुद्रा योजना के तहत ऋण दिया गया है। उनके अनुसार, अगले वर्ष तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
ऊर्जा सुरक्षा और विदेश नीति
तेल और गैस आपूर्ति की सुरक्षा पर वल्लभ ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज़ों की आवाजाही बाधित होने के बावजूद भारतीय ध्वजवाहक जहाज़ निर्बाध रूप से कच्चा तेल और गैस पहुँचाते रहे। उन्होंने इसे भारत की मजबूत विदेश नीति का परिणाम बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत रूस, अमेरिका, यूरोपीय संघ और पश्चिम एशियाई देशों सभी से संबंध रखता है, लेकिन 'राष्ट्र सर्वोपरि' की नीति के साथ — किसी के दबाव में झुके बिना।
विपक्ष पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री की मितव्ययिता अपील को 'आर्थिक संकट का संकेत' बताए जाने पर वल्लभ ने कहा कि भारत को 'डेड इकोनॉमी' कहना देश का अपमान है। उन्होंने राहुल गांधी, असदुद्दीन ओवैसी और अखिलेश यादव से अपील की कि वे स्वयं मेट्रो व सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करके उदाहरण प्रस्तुत करें।
कांग्रेस-शासित राज्यों पर उन्होंने कहा कि कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में आर्थिक रूप से अव्यवहारिक वादों के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि खर्च और शहरी विकास ठप हो गया है।
व्यावहारिक सुझाव और आगे की राह
वल्लभ ने कहा कि यदि नागरिक सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, एक दिन वर्क फ्रॉम होम करें और एक दिन वर्चुअल मीटिंग करें, तो वैश्विक संकट के आर्थिक प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने विदेश यात्रा की जगह जैसलमेर, बाड़मेर, शिलांग और केरल जैसे घरेलू पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता देने का भी आह्वान किया। उनके अनुसार, सेवा क्षेत्र, मैन्युफैक्चरिंग और कृषि — तीनों मिलकर भारत को हर वैश्विक चुनौती से पार ले जाने में सक्षम हैं।