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भोपाल में आरिफ खान हमले के बाद शुक्रवार नमाज से पहले धारा 144 लागू, ताज-उल-मस्जिद समेत प्रमुख मस्जिदों पर कड़ी नजर

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भोपाल में आरिफ खान हमले के बाद शुक्रवार नमाज से पहले धारा 144 लागू, ताज-उल-मस्जिद समेत प्रमुख मस्जिदों पर कड़ी नजर

सारांश

भोपाल में 10 मई को आरिफ खान पर हुए कथित हमले के बाद शहर में तनाव बरकरार है। शुक्रवार की नमाज से पहले धारा 144 लागू की गई है और ताज-उल-मस्जिद समेत प्रमुख मस्जिदों पर पुलिस तैनात है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

मुख्य बातें

भोपाल के गौतम नगर समेत संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात।
ताज-उल-मस्जिद , जामा मस्जिद , मोती मस्जिद , पीर गेट मस्जिद और कुलसुम बिया मस्जिद के बाहर विशेष सुरक्षा।
शुक्रवार की नमाज दोपहर 12:40 बजे से 2:45 बजे के बीच; इस दौरान हाई अलर्ट जारी।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने भीड़ जमा होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
10 मई को आरिफ खान पर कथित हमले के बाद मंगलवार से पुराने शहर में विरोध प्रदर्शन और पत्थरबाजी की घटनाएँ।
पुलिस सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भी कड़ी नजर रख रही है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के गौतम नगर इलाके में 10 मई को आरिफ खान नामक मुस्लिम युवक पर कथित हमले के बाद उपजे तनाव के मद्देनजर पुलिस ने 15 मई को शुक्रवार की नमाज से पहले सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू है और शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

मुख्य सुरक्षा इंतजाम

प्रशासन ने ताज-उल-मस्जिद, जामा मस्जिद और मोती मस्जिद के प्रत्येक प्रवेश द्वार पर अलग से पुलिस बल तैनात किया है। इसके अलावा पीर गेट मस्जिद, बुधवारा स्थित कुलसुम बिया मस्जिद और शहर के अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं। जिला पुलिस के साथ-साथ अतिरिक्त बल की भी तैनाती की गई है।

शुक्रवार की नमाज दोपहर 12:40 बजे से 2:45 बजे के बीच होनी है, और इस दौरान पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी जाएगी। पुलिस सोशल मीडिया पर भी सतर्क दृष्टि बनाए हुए है।

पुलिस कमिश्नर की चेतावनी

पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि सभी बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने कहा, 'अगर भीड़ जमा होती है तो पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। शांति भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ पुलिस सख्त कदम उठाएगी।' उन्होंने भोपाल के सभी नागरिकों से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक जानकारियों पर भरोसा न करने की अपील की।

हमले की घटना और उसके बाद का तनाव

पुलिस के अनुसार, 10 मई को आरिफ खान पर भोपाल के एक होटल में कथित तौर पर एक हिंदू संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने हमला किया था। आरोप है कि उन्हें पीटा गया, उनके कपड़े फाड़े गए और उनके चेहरे पर स्याही व गोबर पोतकर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस घटना ने मुस्लिम समुदाय में व्यापक आक्रोश पैदा किया।

घटना के बाद मंगलवार से पुराने शहर के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन और पत्थरबाजी की घटनाएँ सामने आईं। यह ऐसे समय में हुआ जब शहर में पहले से ही सांप्रदायिक संवेदनशीलता बनी हुई थी।

आम जनता पर असर और आगे की स्थिति

गौरतलब है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में निषेधाज्ञा लागू होने से आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। स्थिति सामान्य होने तक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि हमले के आरोपियों के खिलाफ जाँच कितनी पारदर्शी और त्वरित होगी — क्योंकि न्याय की देरी ही अक्सर अफवाहों को हवा देती है। सोशल मीडिया पर निगरानी ज़रूरी है, पर साथ ही प्रशासन को समुदायों के बीच संवाद की प्रक्रिया भी तेज़ करनी होगी ताकि विश्वास की खाई न बढ़े।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोपाल में शुक्रवार नमाज से पहले सुरक्षा क्यों बढ़ाई गई है?
10 मई को भोपाल के एक होटल में आरिफ खान नामक मुस्लिम युवक पर कथित हमले के बाद शहर में तनाव फैल गया और विरोध प्रदर्शन हुए। इसी के मद्देनजर प्रशासन ने शुक्रवार की नमाज से पहले धारा 144 लागू कर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
आरिफ खान पर क्या हुआ था?
पुलिस के अनुसार, 10 मई को भोपाल के एक होटल में कथित तौर पर एक हिंदू संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने आरिफ खान को पीटा, उनके कपड़े फाड़े और उनके चेहरे पर स्याही व गोबर पोतकर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटना ने मुस्लिम समुदाय में व्यापक आक्रोश पैदा किया।
भोपाल में किन मस्जिदों के बाहर सुरक्षा तैनात की गई है?
ताज-उल-मस्जिद, जामा मस्जिद, मोती मस्जिद, पीर गेट मस्जिद और बुधवारा स्थित कुलसुम बिया मस्जिद के प्रत्येक प्रवेश द्वार पर अलग से पुलिस बल तैनात किया गया है। शहर के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने क्या कहा?
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि सभी बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और भीड़ जमा होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करने और शांति बनाए रखने की अपील की।
भोपाल में धारा 144 कब तक लागू रहेगी?
अधिकारियों के अनुसार, स्थिति सामान्य होने तक धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू रहेगी। फिलहाल कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई गई है, लेकिन शुक्रवार की नमाज के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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