हार्दिक पांड्या की कप्तानी पर अश्विन का बचाव: 'सिर्फ कप्तान को दोष देना उचित नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस (MI) के खराब प्रदर्शन के लिए हार्दिक पांड्या को अकेले जिम्मेदार ठहराने की आलोचना की है। अश्विन का कहना है कि जब पूरी टीम विफल हो, तो कप्तान पर ही सारा दोष मढ़ना न्यायसंगत नहीं है। MI इस सीजन 12 मैचों में केवल 4 जीत दर्ज कर सकी है और प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है।
अश्विन ने क्या कहा
अश्विन ने 'ईएसपीएन क्रिकइंफो' से बातचीत में स्पष्ट किया कि वह इस सीजन पांड्या की कप्तानी की समीक्षा करने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'मैं इस साल उनकी कप्तानी का बिल्कुल भी रिव्यू नहीं करूंगा। सच कहूं तो, जब आपका सीजन ऐसा जाता है, तो कप्तान पर इल्जाम लगाना काफी गलत है। कोई नहीं आगे आया। टीम खेलने में नाकाम रही और हार्दिक खुद पर इल्जाम ले लें, आप उनसे कुछ ज्यादा ही करने के लिए कह रहे हैं।'
गुजरात टाइटन्स का हवाला और रोहित की विरासत
अश्विन ने पांड्या के नेतृत्व रिकॉर्ड का भी ज़िक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि हार्दिक पांड्या ने गुजरात टाइटन्स के साथ दो उल्लेखनीय सीजन खेले — एक में खिताब जीता और दूसरे में टीम रनर-अप रही। अश्विन के अनुसार, 'साफ है कि एक लीडर के तौर पर उन्होंने वहां कुछ सही किया।' उन्होंने आगे कहा कि MI में लौटने पर पांड्या को एक असाधारण चुनौती का सामना करना पड़ा — रोहित शर्मा जैसे कप्तान की जगह लेना, जिन्होंने MI को पाँच आईपीएल खिताब और एक T20 विश्व कप दिलाया है।
अश्विन ने कहा, 'रोहित शर्मा जैसे मौजूदा भारतीय कप्तान, व्हाइट-बॉल कप्तान की जगह लेना आसान नहीं है। आईपीएल में पाँच खिताब। रोहित ने एक T20 वर्ल्ड कप जीता है और हार्दिक आकर उनकी जगह ले लेते हैं।' उन्होंने सोशल मीडिया के दबाव का भी उल्लेख किया और कहा कि आजकल सार्वजनिक जीवन में बने रहने के लिए मोटी चमड़ी रखनी पड़ती है।
गेंदबाजी और टीम की सामूहिक विफलता
अश्विन ने जोर देकर कहा कि MI की नाकामी सिर्फ कप्तानी की कमी नहीं, बल्कि सामूहिक विफलता है। उन्होंने कहा, 'मैं उनकी कप्तानी को ज्यादा जज नहीं करूंगा क्योंकि गेंदबाजी ने भी हर तरफ रन लुटाए हैं। हर बार जब कोई ओवर छह या सात रन के लिए फेंका जाता है, तो 15 रन का ओवर आता है। एक कप्तान के तौर पर आप क्या करते हैं?' उन्होंने यह भी माना कि पांड्या ने कुछ विवादास्पद निर्णय लिए हैं, लेकिन कहा कि कप्तानी की छवि काफी हद तक टीम के प्रदर्शन पर निर्भर करती है।
कप्तानी और कोचिंग: जिम्मेदारी का बँटवारा
अश्विन का मानना है कि अच्छे सीजन में कप्तान को जितना श्रेय दिया जाता है, बुरे सीजन में उतना दोष देना भी उचित नहीं है। उन्होंने कोच की भूमिका का भी ज़िक्र करते हुए कहा कि कोच खिलाड़ियों को मैदान पर भेजता है, इसलिए नतीजों की जिम्मेदारी सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं डाली जा सकती। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब MI के प्रबंधन और चयन नीति पर भी सवाल उठ रहे हैं। आने वाले सीजन में टीम के पुनर्गठन की दिशा अब बड़ा सवाल बन गई है।