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भगवंत मान का वायरल वीडियो फर्जी: फॉरेंसिक जांच में 1191 फ्रेम का विश्लेषण, चीमा बोले — साजिशकार बचेंगे नहीं

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भगवंत मान का वायरल वीडियो फर्जी: फॉरेंसिक जांच में 1191 फ्रेम का विश्लेषण, चीमा बोले — साजिशकार बचेंगे नहीं

सारांश

पंजाब सरकार ने CM भगवंत मान के वायरल वीडियो को फर्जी करार दिया। दो स्वतंत्र लैबों की फॉरेंसिक जांच में 1191 फ्रेम का विश्लेषण कर कद-काठी व चेहरे की बनावट में अंतर साबित किया गया। वित्त मंत्री चीमा ने साजिशकारों को कड़ी चेतावनी दी।

मुख्य बातें

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 18 जून 2026 को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर CM भगवंत मान का वायरल वीडियो फर्जी घोषित किया।
पंजाब से बाहर की दो स्वतंत्र फॉरेंसिक लैबों ने 1191 फ्रेम का विश्लेषण किया।
रिपोर्ट के अनुसार वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की लंबाई 5 फुट 10 इंच है, जबकि CM मान की लंबाई 5 फुट 8 इंच है।
चेहरे की संरचना, साइड-बैक प्रोफाइल, कंधों की बनावट और शरीर की मुद्रा में भी स्पष्ट अंतर पाया गया।
सरकार ने साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ देश-विदेश कहीं भी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।

पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 18 जून 2026 को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़ा वायरल वीडियो फर्जी है और दो स्वतंत्र फॉरेंसिक लैबों की जांच में 1191 फ्रेम का विश्लेषण कर यह साबित किया गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवक्ता बलतेज पन्नू भी इस प्रेस वार्ता में मौजूद रहे और सरकार का पक्ष रखा।

फॉरेंसिक रिपोर्ट में क्या निकला

वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि सरकार ने वायरल वीडियो की जांच पंजाब से बाहर स्थित दो स्वतंत्र लैबों से कराई। रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं, बल्कि उनसे मिलता-जुलता एक अन्य व्यक्ति है।

रिपोर्ट में चेहरे की संरचना, कद-काठी और शारीरिक बनावट के आधार पर स्पष्ट अंतर दर्ज किया गया है। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की अनुमानित लंबाई 5 फुट 10 इंच बताई गई है, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान की लंबाई 5 फुट 8 इंच है। इसके अतिरिक्त साइड प्रोफाइल, बैक प्रोफाइल, कंधों की बनावट और शरीर की मुद्रा में भी महत्वपूर्ण अंतर पाया गया।

सरकार का आरोप — 'पंथ विरोधी ताकतों' की साजिश

चीमा ने आरोप लगाया कि कुछ 'पंथ विरोधी ताकतें' सुनियोजित ढंग से पंजाब का माहौल बिगाड़ने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए एक संगठित साजिश रची गई और आधुनिक एडिटिंग टूल्स का इस्तेमाल कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया गया।

गौरतलब है कि चीमा ने यह भी कहा कि पंजाब के खिलाफ इस तरह की साजिशें पहले भी होती रही हैं और सरकार इन्हें कभी सफल नहीं होने देगी।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है और उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा — 'चाहे वे देश के भीतर हों या बाहर, कोई बचने वाला नहीं है।' उन्होंने संकेत दिया कि आगे और तकनीकी जांच तथा कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

जनता से अपील

चीमा ने जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक रिपोर्ट पर भरोसा करें। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में राजनीतिक तनाव पहले से बढ़ा हुआ है और सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री तेज़ी से फैलने की घटनाएँ बढ़ी हैं।

आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इस मामले में और खुलासे और कानूनी कदमों की संभावना बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विश्वसनीयता की असली कसौटी यह है कि जांच किन लैबों ने की और उनके निष्कर्ष सार्वजनिक रूप से सत्यापन-योग्य हैं या नहीं — यह अभी स्पष्ट नहीं किया गया। 'पंथ विरोधी ताकतों' जैसे अस्पष्ट आरोप बिना नाम या साक्ष्य के राजनीतिक कथा-निर्माण का हिस्सा लगते हैं। विपक्ष की प्रतिक्रिया और स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों का मूल्यांकन अभी सामने नहीं आया है, जो इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण लापता पहलू है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगवंत मान का वायरल वीडियो फर्जी कैसे साबित हुआ?
पंजाब सरकार ने वीडियो की जांच दो स्वतंत्र फॉरेंसिक लैबों से कराई, जिन्होंने 1191 फ्रेम का विश्लेषण किया। रिपोर्ट के अनुसार वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की लंबाई, चेहरे की संरचना और शारीरिक बनावट CM भगवंत मान से अलग है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट में क्या-क्या अंतर पाए गए?
रिपोर्ट में वीडियो के व्यक्ति की अनुमानित लंबाई 5 फुट 10 इंच बताई गई, जबकि CM मान की लंबाई 5 फुट 8 इंच है। इसके अलावा साइड प्रोफाइल, बैक प्रोफाइल, कंधों की बनावट और शरीर की मुद्रा में भी महत्वपूर्ण अंतर दर्ज किया गया।
हरपाल सिंह चीमा ने वीडियो फैलाने वालों को क्या चेतावनी दी?
वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि इस साजिश में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है और उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा, चाहे वे देश के भीतर हों या बाहर। उन्होंने आगे तकनीकी जांच और कानूनी कार्रवाई का भी संकेत दिया।
पंजाब सरकार ने जांच किससे कराई?
सरकार ने जांच पंजाब से बाहर स्थित दो स्वतंत्र फॉरेंसिक लैबों से कराई। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन लैबों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए।
इस वीडियो विवाद का पंजाब की राजनीति पर क्या असर है?
इस वायरल वीडियो को लेकर पंजाब में राजनीतिक तनाव बढ़ा है। AAP सरकार ने इसे 'पंथ विरोधी ताकतों' की साजिश बताया है, जबकि विपक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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