राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' पर भाजपा का पलटवार, तरुण चुघ बोले- मानसिक संतुलन खो चुके हैं
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 20 सितंबर 2026 को तीखा प्रतिआक्रमण किया। पार्टी के कई नेताओं ने कार्यक्रम में कथित तौर पर की गई टिप्पणियों को 'वैचारिक दिवालियापन' और 'स्तरहीन राजनीति' करार दिया।
तरुण चुघ का हमला
भाजपा सांसद तरुण चुघ ने कहा, 'हताशा, निराशा और गुस्से में राहुल गांधी दिन-ब-दिन अपनी राजनीति का स्तर गिरा रहे हैं। मेरा मानना है कि बार-बार हारने की वजह से राहुल गांधी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।' भाजपा प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी बुजुर्ग महिला या मां को मनोरंजन का पात्र बनाना 'भद्दे और ओछे व्यवहार का नया स्तर' है।
अन्य भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा नेता सुनील देवधर ने कहा कि दुनिया में कहीं भी कोई अपनी मां का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि 'शराफत की सारी हदें पार हो गई हैं' और यह 'बचकाना बर्ताव' प्रधानमंत्री की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जो लोग भारत के सांस्कृतिक मूल्यों से असहमत हैं, वे दीये, दीपावली और शाकाहार पर भी आपत्ति जताते हैं।
कांग्रेस और निर्दलीय का पक्ष
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि कार्यक्रम में सिर्फ कॉमेडी हुई थी और किसी ने मां का मजाक नहीं उड़ाया। उन्होंने आलोचना की कि भाजपा नेता 'कॉमेडी और गंभीरता के बीच का फर्क' नहीं समझ पा रहे। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि सरकार ने युवा पीढ़ी के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया और राहुल गांधी को पार्टी के भीतर के 'विश्वासघाती' तत्वों पर ध्यान देना चाहिए।
धार्मिक व अन्य नेताओं की राय
श्री सिद्ध शक्ति पीठ शनिधाम के पीठाधीश्वर परमहंस दाती महाराज ने कहा, 'सनातन में ऐसी बातों के लिए कोई जगह नहीं है। जो इंसान ऐसी बातें करता है, वह सच्चा सनातनी नहीं हो सकता।' छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वीडियो एक बार ध्यान से देखने पर यह विषय हंसी का नहीं लगता। भाजपा सांसद मुकेश दलाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने एक बुजुर्ग मां की नकल करके देश की सभी माताओं का अपमान किया है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच लगातार तीखी नोकझोंक जारी है। भाजपा की ओर से राहुल गांधी पर इस प्रकार के हमले पहले भी होते रहे हैं, लेकिन इस बार कई राज्यों के मंत्रियों और धार्मिक हस्तियों की भागीदारी ने इस बहस को व्यापक स्वरूप दे दिया। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक विमर्श और तेज होने की संभावना है।