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राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' पर भाजपा का पलटवार, तरुण चुघ बोले- मानसिक संतुलन खो चुके हैं

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राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' पर भाजपा का पलटवार, तरुण चुघ बोले- मानसिक संतुलन खो चुके हैं

सारांश

राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम ने नई सियासी जंग छेड़ दी — भाजपा ने इसे 'वैचारिक दिवालियापन' बताया, तो कांग्रेस ने इसे महज कॉमेडी कहकर पलटवार किया। तरुण चुघ से शाजिया इल्मी तक, पार्टी के कई नेताओं ने एक साथ मोर्चा खोला।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद तरुण चुघ ने कहा कि राहुल गांधी 'बार-बार हारने' के कारण मानसिक संतुलन खो चुके हैं।
भाजपा प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने कार्यक्रम को 'भद्दे और ओछे व्यवहार का नया स्तर' करार दिया।
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने पलटवार करते हुए कहा कि कार्यक्रम में सिर्फ कॉमेडी थी, किसी ने मां का अपमान नहीं किया।
परमहंस दाती महाराज ने कहा कि सनातन में ऐसी बातों की कोई जगह नहीं।
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राहुल गांधी को पार्टी के भीतरी 'विश्वासघाती' तत्वों को हटाने की सलाह दी।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 20 सितंबर 2026 को तीखा प्रतिआक्रमण किया। पार्टी के कई नेताओं ने कार्यक्रम में कथित तौर पर की गई टिप्पणियों को 'वैचारिक दिवालियापन' और 'स्तरहीन राजनीति' करार दिया।

तरुण चुघ का हमला

भाजपा सांसद तरुण चुघ ने कहा, 'हताशा, निराशा और गुस्से में राहुल गांधी दिन-ब-दिन अपनी राजनीति का स्तर गिरा रहे हैं। मेरा मानना है कि बार-बार हारने की वजह से राहुल गांधी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।' भाजपा प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी बुजुर्ग महिला या मां को मनोरंजन का पात्र बनाना 'भद्दे और ओछे व्यवहार का नया स्तर' है।

अन्य भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

भाजपा नेता सुनील देवधर ने कहा कि दुनिया में कहीं भी कोई अपनी मां का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि 'शराफत की सारी हदें पार हो गई हैं' और यह 'बचकाना बर्ताव' प्रधानमंत्री की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जो लोग भारत के सांस्कृतिक मूल्यों से असहमत हैं, वे दीये, दीपावली और शाकाहार पर भी आपत्ति जताते हैं।

कांग्रेस और निर्दलीय का पक्ष

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि कार्यक्रम में सिर्फ कॉमेडी हुई थी और किसी ने मां का मजाक नहीं उड़ाया। उन्होंने आलोचना की कि भाजपा नेता 'कॉमेडी और गंभीरता के बीच का फर्क' नहीं समझ पा रहे। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि सरकार ने युवा पीढ़ी के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया और राहुल गांधी को पार्टी के भीतर के 'विश्वासघाती' तत्वों पर ध्यान देना चाहिए।

धार्मिक व अन्य नेताओं की राय

श्री सिद्ध शक्ति पीठ शनिधाम के पीठाधीश्वर परमहंस दाती महाराज ने कहा, 'सनातन में ऐसी बातों के लिए कोई जगह नहीं है। जो इंसान ऐसी बातें करता है, वह सच्चा सनातनी नहीं हो सकता।' छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वीडियो एक बार ध्यान से देखने पर यह विषय हंसी का नहीं लगता। भाजपा सांसद मुकेश दलाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने एक बुजुर्ग मां की नकल करके देश की सभी माताओं का अपमान किया है।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच लगातार तीखी नोकझोंक जारी है। भाजपा की ओर से राहुल गांधी पर इस प्रकार के हमले पहले भी होते रहे हैं, लेकिन इस बार कई राज्यों के मंत्रियों और धार्मिक हस्तियों की भागीदारी ने इस बहस को व्यापक स्वरूप दे दिया। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक विमर्श और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक संदेश है। 'मां के अपमान' का कथा-निर्माण भावनात्मक रूप से प्रभावशाली है, लेकिन मूल विवाद — कि वास्तव में कार्यक्रम में क्या हुआ — पर से ध्यान हटाने का जोखिम भी रखता है। यह वही पैटर्न है जो भाजपा और कांग्रेस के बीच बार-बार दोहराया जाता है: एक पक्ष कॉमेडी और व्यंग्य का दावा करता है, दूसरा सांस्कृतिक मर्यादा का। असली सवाल यह है कि क्या इस बहस का असर उस युवा मतदाता पर पड़ेगा जिसे 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम संबोधित करना चाहता था।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम क्या है?
'छात्रों की गूंज' लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम है, जिसे युवाओं और छात्रों से संवाद के उद्देश्य से रखा गया था। इसी कार्यक्रम में कथित तौर पर की गई टिप्पणियों को लेकर भाजपा ने तीखी आपत्ति जताई।
भाजपा ने इस कार्यक्रम पर आपत्ति क्यों जताई?
भाजपा नेताओं का आरोप है कि कार्यक्रम में एक बुजुर्ग महिला की नकल कर मां के सम्मान को ठेस पहुंचाई गई। तरुण चुघ, शाजिया इल्मी और कई राज्य मंत्रियों ने इसे 'स्तरहीन राजनीति' और 'वैचारिक दिवालियापन' बताया।
कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों का क्या जवाब दिया?
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि कार्यक्रम में केवल कॉमेडी हुई थी और किसी ने मां का मजाक नहीं उड़ाया। उन्होंने भाजपा पर 'कॉमेडी और गंभीरता में फर्क न समझ पाने' का आरोप लगाया।
इस विवाद में किन-किन नेताओं ने प्रतिक्रिया दी?
भाजपा की ओर से तरुण चुघ, शाजिया इल्मी, सुनील देवधर, संतोष कुमार सुमन, प्रहलाद सिंह पटेल, विजय शर्मा और मुकेश दलाल ने प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस से राशिद अल्वी और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी अपनी राय रखी।
क्या यह पहली बार है जब भाजपा ने राहुल गांधी के किसी कार्यक्रम पर इस तरह हमला किया?
नहीं, भाजपा इससे पहले भी राहुल गांधी के विभिन्न कार्यक्रमों और बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देती रही है। हालांकि, इस बार कई राज्यों के मंत्रियों और धार्मिक हस्तियों की एक साथ भागीदारी इस विवाद को अपेक्षाकृत व्यापक बनाती है।
राष्ट्र प्रेस
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