21 सितंबर 2026
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एबीवीपी के सोलंकी का राहुल गांधी पर हमला: 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम दिवालियेपन की निशानी

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एबीवीपी के सोलंकी का राहुल गांधी पर हमला: 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम दिवालियेपन की निशानी

सारांश

एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सोलंकी ने राहुल गांधी के इंदौर में हुए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को 'फर्जी' और 'दिवालियेपन का प्रमाण' करार दिया — आरोप है कि डांस, मिमिक्री और कॉमेडी के बीच छात्र मुद्दे गायब रहे और मंच से प्रधानमंत्री की माँ पर अपमानजनक टिप्पणी भी हुई।

मुख्य बातें

एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सोलंकी ने 21 सितंबर 2026 को राहुल गांधी के इंदौर स्थित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर तीखा हमला बोला।
सोलंकी ने कार्यक्रम में डांस, मिमिक्री और स्टैंड-अप कॉमेडी को छात्र मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।
एक स्टैंड-अप कॉमेडियन द्वारा प्रधानमंत्री की माँ के बारे में कथित तौर पर की गई टिप्पणी पर सोलंकी ने राहुल गांधी को जवाबदेह ठहराया।
सोलंकी ने एनएसयूआई और कांग्रेस नेताओं पर महिला उत्पीड़न के मामलों का हवाला दिया।
कांग्रेस की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सोलंकी ने 21 सितंबर 2026 को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर तीखा प्रहार किया। सोलंकी ने इस आयोजन को छात्रों के वास्तविक मुद्दों से मुँह मोड़ने की कोशिश बताते हुए इसे राहुल गांधी की 'राजनीतिक दिवालियेपन' का प्रमाण करार दिया।

कार्यक्रम पर सोलंकी की आपत्तियाँ

सोलंकी ने अपनी बातचीत में कहा, 'छात्रों की गूंज' के नाम पर आयोजित कार्यक्रम में डांस, मिमिक्री और स्टैंड-अप कॉमेडी को प्रमुखता दी गई, जबकि छात्र समस्याओं पर कोई ठोस चर्चा नहीं हुई। उन्होंने सवाल किया कि जहाँ मंच पर हास्य और नृत्य का बोलबाला हो, वहाँ युवाओं की शिक्षा, रोज़गार या अन्य चुनौतियों पर गंभीर संवाद कैसे संभव है।

सोलंकी ने कहा, 'अगर राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के हितैषी हैं, तो किसी एक कॉलेज के छात्रों की समस्याओं का समाधान करवाकर दिखाएं — यह कार्यक्रम उनके दिवालियेपन को दर्शाता है।'

प्रधानमंत्री की माँ पर टिप्पणी का मुद्दा

सोलंकी ने कार्यक्रम में एक स्टैंड-अप कॉमेडियन द्वारा प्रधानमंत्री की माँ के बारे में कथित तौर पर की गई अपमानजनक टिप्पणी पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जो लोग राजनीतिक स्तर पर प्रधानमंत्री को कोई नुकसान नहीं पहुँचा सके, वे अब उन्हें भावनात्मक चोट पहुँचाने के लिए उनके परिजनों को निशाना बना रहे हैं।

सोलंकी का तर्क था कि चाहे देश में कोई भी माँ हो — 'भारत माता' हो या कोई सामान्य माँ — हर माँ के सम्मान की रक्षा होनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि यदि मंच पर खड़े किसी व्यक्ति ने आपत्तिजनक बात कही, तो राहुल गांधी ने उसे रोका क्यों नहीं।

कांग्रेस और एनएसयूआई पर आरोप

सोलंकी ने आगे कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस या उसके छात्र संगठन एनएसयूआई के मंचों पर महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गई हों। उनके अनुसार, एनएसयूआई के कई कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों पर महिला उत्पीड़न के मामले दर्ज हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कांग्रेस नेताओं की कार्यशैली में शामिल हो चुका है।

गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में लगाए गए हैं जब कांग्रेस छात्रों को अपने साथ जोड़ने के लिए देशभर में इस तरह के आयोजन कर रही है।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष युवाओं और छात्रों के बीच अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश में है और राहुल गांधी लगातार शैक्षणिक संस्थानों और युवा मंचों से जुड़ रहे हैं। एबीवीपी — जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) से वैचारिक रूप से जुड़ा छात्र संगठन है — ने इन आयोजनों को पहले भी निशाने पर लिया है।

सोलंकी के बयान पर कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस विवाद के और गहराने की संभावना है, खासकर छात्र राजनीति के क्षेत्र में।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस शोरशराबे में युवाओं की वास्तविक चिंताएँ — बेरोज़गारी, शिक्षा की गुणवत्ता, परीक्षा प्रणाली — हाशिये पर ही रहती हैं।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम क्या है और यह विवाद में क्यों है?
'छात्रों की गूंज' कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा इंदौर में आयोजित एक छात्र-केंद्रित कार्यक्रम है। एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सोलंकी ने इसे 'फर्जी आयोजन' बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें छात्र मुद्दों की बजाय डांस, मिमिक्री और कॉमेडी को प्राथमिकता दी गई।
वीरेंद्र सोलंकी ने प्रधानमंत्री की माँ का मुद्दा क्यों उठाया?
सोलंकी ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में एक स्टैंड-अप कॉमेडियन ने प्रधानमंत्री की माँ के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की और राहुल गांधी ने उसे नहीं रोका। उनका कहना था कि हर माँ के सम्मान की रक्षा होनी चाहिए और मंच पर मौजूद नेता की इसकी जिम्मेदारी होती है।
एबीवीपी और एनएसयूआई में क्या फर्क है?
एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) भारतीय जनता पार्टी (BJP) से वैचारिक रूप से जुड़ा छात्र संगठन है, जबकि एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) का छात्र संगठन है। दोनों देश भर के विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनावों में आमने-सामने होते हैं।
कांग्रेस ने सोलंकी के आरोपों पर क्या कहा?
रिपोर्टों के अनुसार, इस बयान पर कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में पार्टी का पक्ष सामने आने की उम्मीद है।
क्या यह पहली बार है जब राहुल गांधी के किसी छात्र कार्यक्रम पर विवाद हुआ है?
नहीं, एबीवीपी पहले भी राहुल गांधी और कांग्रेस के छात्र-केंद्रित आयोजनों को निशाने पर लेती रही है। सोलंकी ने जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शनों और अन्य कार्यक्रमों का हवाला देते हुए कहा कि यह एक दोहराई जाने वाली प्रवृत्ति है।
राष्ट्र प्रेस
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