भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा का राहुल गांधी पर हमला: 'प्रोग्रेसिव अलायंस से गांधी परिवार का क्या नाता?'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता तुहिन ए. सिन्हा ने 22 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर विदेशी संगठनों से कथित संबंधों, घरेलू विरोध-प्रदर्शनों में उनकी भूमिका और पार्टी की राजनीतिक कार्यशैली को लेकर तीखे सवाल दागे। सिन्हा ने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी संस्थाएँ राहुल गांधी को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पीड़ित के रूप में प्रस्तुत करने में जुटी हैं।
प्रोग्रेसिव अलायंस पर सवाल
सिन्हा ने 'प्रोग्रेसिव अलायंस' का उल्लेख करते हुए दावा किया कि यह 101 कथित संदिग्ध संगठनों का एक समूह है, जिसे विभिन्न देशों में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों और अशांति से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने अप्रैल 2025 में कांग्रेस के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर साझा की गई एक तस्वीर का हवाला देते हुए कहा कि इसमें सोनिया गांधी और प्रोग्रेसिव अलायंस के प्रतिनिधियों के बीच मुलाकात दर्ज है। उन्होंने पूछा कि गांधी परिवार का इस संगठन से वास्तविक संबंध क्या है।
'इंडियन अलायंस पेरिस' और हिरासत वाला प्रकरण
सिन्हा ने 'इंडियन अलायंस पेरिस' नामक एक अन्य संगठन का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, पिछले सप्ताह राहुल गांधी के कथित हिरासत में लिए जाने से जुड़े वीडियो इस संगठन ने दुनिया भर में प्रसारित किए और उन्हें पीड़ित के रूप में चित्रित किया। सिन्हा ने कहा कि नियम-कानूनों का उल्लंघन करने के बावजूद राहुल गांधी ऐसे संगठनों के लिए 'नायक' बन गए।
उन्होंने तीखे लहजे में सवाल किया कि क्या राहुल गांधी को अपने दम पर चुनाव लड़ने और जीतने का भरोसा नहीं है, इसीलिए उन्हें कथित तौर पर विदेशी संगठनों के समर्थन की जरूरत पड़ती है। सिन्हा ने यह भी कहा कि कांग्रेस देश के भीतर प्रभावी गठबंधन बनाने में विफल है, लेकिन वैश्विक स्तर पर ऐसे गठबंधन खड़े करने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस की परंपरा और आत्ममंथन की अपील
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस की ऐतिहासिक अहिंसक राजनीतिक परंपरा का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अब हिंसा को बढ़ावा देने वाली ताकतों के साथ खड़ी दिख रही है। उन्होंने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ एक पूरी पीढ़ी ने कांग्रेस की सरकार नहीं देखी है। सिन्हा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी वोट चोरी के आरोपों पर सबूत जुटाने के बजाय जल्द ही मुद्दे से आगे बढ़ जाते हैं, जिससे पार्टी की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँच रहा है।
अमित शाह के नशा-मुक्त भारत के लक्ष्य पर भरोसा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जन्मदिन की बधाई देते हुए सिन्हा ने कहा कि शाह ने इससे पहले भी अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण, नक्सलवाद के खिलाफ अभियान और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लागू करने जैसे बड़े लक्ष्य तय समय में हासिल किए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि 2029 तक भारत को नशा-मुक्त बनाने का लक्ष्य भी पूरा होगा। सिन्हा ने स्पष्ट किया कि नशे का सेवन करने वाले युवा पीड़ित हैं और मुख्य दोषी ड्रग तस्कर हैं — उन पर प्रभावी कार्रवाई ही इस समस्या का समाधान है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब BJP और कांग्रेस के बीच राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और उनकी कथित विदेशी संपर्कों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति तेज हो रही है। गौरतलब है कि कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसदीय राजनीति में और अधिक गर्माने की संभावना है।