भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया का राहुल गांधी पर हमला: विदेशी संगठनों से कथित संबंधों पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कथित तौर पर विदेशी संगठनों से राहुल गांधी के संबंधों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इन संगठनों के ज़रिए भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की कोशिश की जा रही है।
आरोपों का आधार
भाटिया ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि नौ देशों के 101 संगठनों ने कथित तौर पर एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया है जो नागरिकों द्वारा चुनी गई संवैधानिक सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश करता है। उन्होंने फ्रांस स्थित 'इंडियन अलायंस पेरिस' नामक संगठन का विशेष उल्लेख किया और आरोप लगाया कि 6 अक्टूबर को यह संगठन राहुल गांधी के 'सबसे करीबी' के रूप में सामने आया। भाटिया के अनुसार, जब भी राहुल गांधी को किसी विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाता है, तो यही संगठन उनके वीडियो को बढ़ा-चढ़ाकर प्रसारित करता है।
प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल पर सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की गई तस्वीरों का हवाला देते हुए दावा किया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने 10 जनपथ पर 'प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल' नामक अंतरराष्ट्रीय संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस बंद कमरे की बातचीत का विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। भाटिया ने यह भी सवाल उठाया कि इस संगठन की गतिविधियाँ फ्रांस, स्पेन, अल्बानिया और भारत में हुए कथित विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी हैं।
राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर निशाना
भाटिया ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और ब्रिटेन में दिए गए उनके बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने ब्रिटिश सांसद जेरेमी कॉर्बिन से राहुल गांधी की मुलाकात पर सवाल उठाते हुए कहा कि कॉर्बिन उन लोगों में से हैं जो कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग नहीं मानते। गौरतलब है कि भाटिया के ये आरोप ऐसे समय में आए हैं जब विजयादशमी के अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश को कमजोर करने वाली शक्तियों के प्रति सतर्क रहने की बात कही थी।
सर्वोच्च न्यायालय और फंडिंग पर आरोप
भाटिया ने राहुल गांधी पर सर्वोच्च न्यायालय परिसर में शाम 6-7 बजे याचिका के बहाने प्रवेश करने का आरोप लगाया और कहा कि इस मामले का सर्वोच्च न्यायालय ने स्वयं संज्ञान लिया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि विरोध-प्रदर्शनों के लिए धन कहाँ से आ रहा है — कथित तौर पर जॉर्ज सोरोस या प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल से। साथ ही उन्होंने शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत की सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कुछ नेता विदेशी हिंसक घटनाओं को भारत में संवैधानिक संस्थाओं के विरुद्ध माहौल बनाने के लिए उद्धृत कर रहे हैं।
भाटिया की चेतावनी और राहुल गांधी की ओर से प्रतिक्रिया नहीं
प्रेस वार्ता के अंत में भाटिया ने कहा कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा और सार्वजनिक संस्थाओं को नुकसान पहुँचाना स्वीकार्य नहीं। उन्होंने राहुल गांधी को चेतावनी देते हुए कहा कि 'भारत से नफरत' करने पर जनता उन्हें देश की भूमि पर कदम नहीं रखने देगी। इन आरोपों पर कांग्रेस या राहुल गांधी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में कांग्रेस का जवाब इस राजनीतिक विवाद की दिशा तय करेगा।