जंतर-मंतर प्रदर्शन: सीजेपी के सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत, अजिंक्य शिंदे रिहा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) अदालत ने 14 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। जंतर-मंतर पर कथित प्रदर्शन के सिलसिले में हुई गिरफ्तारी के बाद तीनों नेताओं को अदालत में पेश किया गया, जहाँ पार्टी के तीसरे नेता अजिंक्य शिंदे को निजी बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद तीनों नेताओं को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया। अदालत ने सुनवाई के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया, जबकि अजिंक्य शिंदे को व्यक्तिगत बॉन्ड पर रिहाई मिली। गौरतलब है कि सीजेपी के कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस आदेश की जानकारी साझा की और सरकार को 'कायर' बताया।
रत्ना सिंह ने यह भी कहा कि गिरफ्तारी के कारण वही थे जो पहले से बताए गए थे। यह भी सामने आया है कि इस एसईएम कोर्ट का प्रदर्शनकारियों को दंडित करने का पुराना रिकॉर्ड रहा है।
अजिंक्य शिंदे का बयान
रिहा होने के बाद सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने कहा, 'सौरव दास और आशुतोष रांका के अलावा सीजेपी के समर्थक — हम सभी जंतर-मंतर की ओर गए थे। हमने सिर्फ भारत का झंडा लहराया और 'भारत माता की जय' बोला। इसके लिए सौरव और आशुतोष को 5 दिन के लिए जेल में भेज दिया गया है।'
शिंदे ने यह भी जोड़ा कि 14 अक्टूबर आशुतोष रांका का जन्मदिन था, और उन्हें इसी दिन तिरंगा फहराने और 'भारत माता की जय' बोलने के लिए हिरासत में रखा गया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने 'अधिकारों का गलत इस्तेमाल' करते हुए जनता के अधिकार खत्म करने की कोशिश की है।
बचाव पक्ष की दलीलें
वकील अभिष्ट हेला ने मीडिया को बताया कि दोनों नेताओं को पुलिस के इस 'शक के आधार पर' हिरासत में भेजा गया कि वे कोई अपराध कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि 'पुलिस ने कोर्ट में झूठ बोला कि उन्होंने लोगों को वहाँ आने के लिए आह्वान किया था, जबकि ऐसा कोई आह्वान नहीं किया गया था।'
हेला ने यह भी कहा कि दोनों ने अपने बॉन्ड की किसी शर्त का उल्लंघन नहीं किया और कनॉट प्लेस से जुड़ी एक अलग शिकायत का इस मामले में 'गलत इस्तेमाल' किया गया। इन दावों पर अदालत या पुलिस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस गिरफ्तारी पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोला। पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर लिखा, 'जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के कारण सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह तानाशाही है।'
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब दिल्ली में विभिन्न राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों के प्रदर्शन को लेकर पुलिस कार्रवाइयों पर पहले से ही विवाद चल रहा है।
आगे की स्थिति
सौरव दास और आशुतोष रांका अगले 5 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। सीजेपी के कानूनी दल ने संकेत दिया है कि वे उच्च अदालत में राहत के लिए अपील कर सकते हैं। अगली सुनवाई की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।