28 अक्टूबर 2026
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जेपी नड्डा का अहमदाबाद में हुंकार: 'भारत का भविष्य घुसपैठियों नहीं, नौजवानों और असली मतदाताओं के जनादेश से तय होगा'

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जेपी नड्डा का अहमदाबाद में हुंकार: 'भारत का भविष्य घुसपैठियों नहीं, नौजवानों और असली मतदाताओं के जनादेश से तय होगा'

सारांश

अहमदाबाद की 'लोकतंत्र बचाओ' रैली में जेपी नड्डा का दोहरा हमला — कांग्रेस के लोकतांत्रिक दावों को आपातकाल के इतिहास से खारिज किया और SIR प्रक्रिया का बचाव करते हुए दावा किया कि 13 करोड़ 'कटे वोट' असलियत में अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लीकेट या दिवंगत मतदाता थे।

मुख्य बातें

जगत प्रकाश नड्डा ने 27 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैली को संबोधित किया।
SIR प्रक्रिया में 10,24,000 BLO घर-घर गए; लगभग 95 करोड़ मतदाताओं की पहचान की गई।
नड्डा के अनुसार 13 करोड़ 'हटाए गए वोट' — 3 करोड़ अनुपस्थित, 6.3 करोड़ स्थानांतरित, 1 करोड़ डुप्लीकेट और 2.8 करोड़ दिवंगत मतदाता थे।
बांग्लादेश सीमावर्ती जिलों में मतदाता वृद्धि का दावा — मालदा में 94.58% , मुर्शिदाबाद में 87% ।
कांग्रेस पर आरोप — अनुच्छेद 356 के तहत 100 बार निर्वाचित सरकारें बर्खास्त, आपातकाल में 1,30,000 लोगों को बिना मुकदमे के जेल।
नड्डा ने ऐलान किया — 2029 में भी PM मोदी के नेतृत्व में सरकार बनेगी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैली में कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत का भविष्य घुसपैठियों के नहीं, बल्कि देश के नौजवानों और वास्तविक मतदाताओं के जनादेश से तय होगा। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी सहित अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।

रैली का संदर्भ और BJP का आह्वान

नड्डा ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने देशभर में एक साथ हजारों स्थानों पर रैलियाँ आयोजित की हैं। उन्होंने कहा कि रैली में उमड़ी विशाल भीड़ यह दर्शाती है कि जनता का समर्थन BJP के साथ है। पार्टी का नारा — 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' — विपक्ष की कथित अराजक राजनीति के विरुद्ध एक सुनियोजित जवाब के रूप में प्रस्तुत किया गया।

एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची विवाद

नड्डा ने मतदाता सूची के विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया का विस्तार से बचाव किया। उनके अनुसार, 10,24,000 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर गए और इंडी अलायंस के बूथ लेवल एजेंटों सहित करीब 12,62,000 एजेंटों ने उनके साथ निगरानी की। इस प्रक्रिया में लगभग 95 करोड़ मतदाताओं की पहचान कर सूची में शामिल किया गया।

उन्होंने विपक्ष के 13 करोड़ वोट काटे जाने के दावे को खारिज किया और आँकड़े देते हुए कहा — लगभग 3 करोड़ मतदाता अपने पते पर नहीं मिले, 6.3 करोड़ दूसरी जगह स्थानांतरित हो गए, 1 करोड़ डुप्लीकेट वोट थे और 2 करोड़ 80 लाख मतदाताओं का निधन हो चुका था। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि SIR पहली बार नहीं, बल्कि 12वीं बार हुआ है — जिसमें 10 बार कांग्रेस शासन में और 2 बार भाजपा शासन में।

बांग्लादेश सीमावर्ती जिलों में मतदाता वृद्धि पर आरोप

नड्डा ने दावा किया कि बांग्लादेश की सीमा से लगे पश्चिम बंगाल के नौ जिलों में मतदाताओं की संख्या 70 से 100 प्रतिशत तक असामान्य रूप से बढ़ी। उनके अनुसार मालदा में 94.58%, मुर्शिदाबाद में 87%, दक्षिण 24 परगना में 83% और जलपाईगुड़ी में 82.3% की वृद्धि दर्ज हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह वृद्धि अवैध प्रवासियों और घुसपैठियों के मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के कारण हुई — हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि बिहार में मतदाताओं की संख्या 7.89 करोड़ से घटकर 7.42 करोड़ रही, फिर भी मतदान प्रतिशत 66% तक पहुँचा — जो आजादी के बाद पहली बार हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुर्शिदाबाद में आधार कार्ड बनाने की 'फैक्ट्री' जैसी स्थिति बन गई थी।

कांग्रेस के लोकतांत्रिक दावों पर ऐतिहासिक प्रहार

नड्डा ने कांग्रेस के लोकतंत्र-रक्षक होने के दावे को इतिहास के आईने में परखा। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान 1,30,000 लोगों को बिना मुकदमे के MISA और DIR के तहत दो साल तक जेल में रखा गया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान ब्रिटिश सरकार ने जितने लोगों को गिरफ्तार किया था, उससे अधिक लोगों को इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी में कैद किया।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि न्यायमूर्ति जगमोहन लाल सिन्हा ने इंदिरा गांधी को छह साल तक चुनाव लड़ने के अयोग्य ठहराया था, जिसके बाद उन्होंने न्यायपालिका को निष्प्रभावी करने के लिए नया कानून बनाया। साथ ही उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत कांग्रेस ने 100 बार चुनी हुई सरकारें बर्खास्त कीं — जिसमें से 50 बार अकेले इंदिरा गांधी ने किया।

2029 और आगे का राजनीतिक संदेश

नड्डा ने कहा कि कांग्रेस तमिलनाडु में 58 साल, पश्चिम बंगाल में 48 साल, गुजरात और बिहार में 35-35 साल और उत्तर प्रदेश में भी 35 साल से सत्ता से बाहर है। उन्होंने केंद्र की सत्ता से भी कांग्रेस की 12 साल की दूरी का उल्लेख किया।

नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के स्वर्गीय पिता के बारे में की गई टिप्पणी को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2029 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनेगी और SIR की प्रक्रिया पूरी होकर रहेगी। उनका अंतिम संदेश था — भारत को घुसपैठिए नहीं चलाएंगे, बल्कि देश के नौजवान और वास्तविक मतदाता ही भारत का भविष्य तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि SIR विवाद को राष्ट्रीय सुरक्षा के फ्रेम में ढालने की सुनियोजित कोशिश है — जहाँ चुनावी तकनीकी विवाद को 'घुसपैठिया बनाम असली नागरिक' की भाषा में परिवर्तित किया गया। BJP के लिए यह कथा दोधारी है: इससे वोट सूची की सफाई को देशभक्ति का कदम दिखाया जा सकता है, लेकिन विपक्ष इसे अल्पसंख्यक और प्रवासी मतदाताओं को निशाना बनाने की आड़ बता रहा है। नड्डा के आँकड़े — बांग्लादेश सीमावर्ती जिलों में 70-100% मतदाता वृद्धि — गंभीर हैं और स्वतंत्र जाँच की माँग करते हैं; महज राजनीतिक खंडन से इनका समाधान नहीं होगा। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि SIR का 12 बार का इतिहास — जिसमें 10 बार कांग्रेस शासन शामिल है — इस पूरी बहस को दलगत आरोपों से परे एक संस्थागत जवाबदेही के सवाल में बदल देता है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैली क्या है?
यह भारतीय जनता पार्टी द्वारा 27 अक्टूबर 2026 को देशभर में एक साथ आयोजित रैली श्रृंखला है, जिसका उद्देश्य SIR प्रक्रिया और चुनावी संस्थाओं के बचाव में जनमत तैयार करना है। अहमदाबाद में इसे जेपी नड्डा ने संबोधित किया।
जेपी नड्डा ने SIR प्रक्रिया में 13 करोड़ वोट कटने के विपक्ष के दावे का क्या जवाब दिया?
नड्डा ने कहा कि ये वोट 'काटे' नहीं गए — इनमें 3 करोड़ अनुपस्थित, 6.3 करोड़ स्थानांतरित, 1 करोड़ डुप्लीकेट और 2.8 करोड़ दिवंगत मतदाता थे। उन्होंने यह भी कहा कि SIR 12वीं बार हुआ है, जिसमें 10 बार कांग्रेस शासनकाल में।
नड्डा ने बांग्लादेश सीमावर्ती जिलों में मतदाता वृद्धि पर क्या दावा किया?
नड्डा के अनुसार, बांग्लादेश सीमा से लगे पश्चिम बंगाल के नौ जिलों में मतदाताओं की संख्या 70 से 100% तक बढ़ी — मालदा में 94.58%, मुर्शिदाबाद में 87%, दक्षिण 24 परगना में 83% और जलपाईगुड़ी में 82.3%। उन्होंने इसे अवैध घुसपैठियों के नाम सूची में दर्ज होने का परिणाम बताया।
नड्डा ने कांग्रेस के लोकतंत्र-रक्षक दावे पर किन ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला दिया?
उन्होंने आपातकाल में 1,30,000 लोगों को बिना मुकदमे के दो साल जेल में रखने, अनुच्छेद 356 के तहत 100 बार निर्वाचित सरकारें बर्खास्त करने और न्यायमूर्ति जगमोहन लाल सिन्हा के फैसले को नकारने के लिए नया कानून बनाने का उल्लेख किया।
नड्डा ने 2029 के चुनाव को लेकर क्या संदेश दिया?
नड्डा ने स्पष्ट किया कि 2029 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों के सहारे न तो देश चलाया जाएगा और न ही सरकार बनाई जाएगी — भारत का भविष्य देश के नौजवान और असली मतदाता तय करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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