जेपी नड्डा का खड़गे पर बड़ा हमला — मतदाता सूची पर झूठ फैलाने का आरोप, अमित शाह का किया बचाव
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने 14 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर मतदाता सूची और गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े बयानों को लेकर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया। नड्डा ने स्पष्ट किया कि शाह ने कभी 13.39 करोड़ भारतीयों को घुसपैठिया नहीं कहा और खड़गे का यह दावा बेबुनियाद है।
मतदाता सूची पर विवाद का असल सच
नड्डा ने एक पोस्ट के ज़रिए चुनाव आयोग के रुख को सामने रखते हुए बताया कि 13.39 करोड़ की यह संख्या अंतिम रूप से हटाए गए मतदाताओं की नहीं, बल्कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में विभिन्न श्रेणियों में रखे गए नामों की है।
उनके अनुसार इस संख्या में 2.80 करोड़ मृतक, 6.30 करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता, 3.01 करोड़ अनुपस्थित और 1.02 करोड़ डुप्लिकेट नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन आँकड़ों को तोड़-मरोड़कर पेश करना जनता को गुमराह करने की कोशिश है।
एसआईआर प्रक्रिया पर पलटवार
नड्डा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) प्रक्रिया से जोड़ने की कांग्रेस की कोशिशों को सिरे से खारिज कर दिया।
उन्होंने तर्क दिया कि एसआईआर 2024 के बाद लागू हुई, जबकि कांग्रेस गुजरात में 31 वर्षों से, त्रिपुरा में 33 वर्षों से और पश्चिम बंगाल में 54 वर्षों से सत्ता से बाहर है। उनके अनुसार, यह गिरावट किसी चुनावी प्रक्रिया का नतीजा नहीं, बल्कि जनता के भरोसे का खोना है।
कांग्रेस की राजनीति पर सवाल
नड्डा ने कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में मतदाताओं द्वारा कांग्रेस को बार-बार नकारना पार्टी के प्रति जनविश्वास के क्षरण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह खाई नकारात्मक राजनीति और भ्रामक प्रचार से नहीं पाटी जा सकती।
उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से अपील की कि वे एसआईआर का बहाना बनाने और घुसपैठियों को संरक्षण देने की बजाय जनता का वास्तविक विश्वास अर्जित करने पर ध्यान केंद्रित करें।
2029 पर दावा और एनडीए का आत्मविश्वास
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि जनता का भरोसा प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पर बरकरार है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि 2029 के आम चुनाव में एनडीए भारी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी, जबकि कांग्रेस को लगातार चौथी बार राष्ट्रीय स्तर पर हार का सामना करना पड़ेगा।
नड्डा ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, 'सिर्फ आरोपों से जनता के जनादेश की सच्चाई को बदला नहीं जा सकता।' यह टकराव ऐसे समय में आया है जब बिहार विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं और दोनों प्रमुख दलों के बीच चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर वाकयुद्ध तेज़ हो गया है।