भाजपा नेता अरुण चतुर्वेदी का विपक्ष पर पलटवार: 'भारत के लोकतंत्र की जड़ें गहरी, रिजीम चेंज असंभव'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता अरुण चतुर्वेदी ने 17 अक्टूबर 2026 को जयपुर में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का पुरज़ोर बचाव किया और 'रिजीम चेंज' की माँग उठाने वाले विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया में सबसे सुदृढ़ है।
लोकतंत्र की मज़बूती पर भाजपा का रुख
चतुर्वेदी ने कहा, 'भारत में लोकतंत्र की जड़ें बहुत गहरी हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहाँ लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। हमने देखा है कि कैसे सबसे शक्तिशाली सरकारों को भी शांतिपूर्ण तरीके से वोट के ज़रिए सत्ता से बाहर कर दिया गया।' उन्होंने 1977 के उदाहरण का हवाला देते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी — जिन्हें 'आयरन लेडी' माना जाता था — को भी इसी देश की जनता ने मतपेटी के ज़रिए सत्ता से बाहर कर दिया था।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ विपक्षी नेता और नागरिक संगठन मौजूदा सरकार के खिलाफ 'रिजीम चेंज' का नारा बुलंद कर रहे हैं। चतुर्वेदी ने इसे सीधे नकारते हुए कहा कि मात्र कुछ हज़ार लोगों का दिल्ली में एकत्र होना देश की आवाज़ नहीं बन सकता।
जनता का विश्वास और संविधान
भाजपा नेता ने ज़ोर देकर कहा, 'देश का आम आदमी देश के साथ और संविधान के साथ जीता है। देश के आम आदमी का विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति है। मात्र कुछ हज़ार लोग दिल्ली में इकट्ठा होकर देश की आवाज़ नहीं बन सकते और देश को किसी भी तरह से अस्थिर करने का प्रयास नहीं कर सकते।' गौरतलब है कि यह बयान उस संदर्भ में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न विपक्षी समूहों द्वारा सरकार-विरोधी प्रदर्शनों की एक श्रृंखला देखी जा रही है।
कानून के शासन पर चतुर्वेदी का स्पष्टीकरण
कानून प्रवर्तन को लेकर चतुर्वेदी ने कहा, 'अब देश में कानून को उसी तरह लागू किया जाएगा, जिस तरह से उसे लागू किया जाना चाहिए। भारतीय न्याय संहिता (BNS) में कुछ प्रावधान दिए गए हैं, और पुलिस इन्हीं प्रावधानों के तहत कार्रवाई करती है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई किसी राजनीतिक दल की मंशा पर नहीं, बल्कि विधि के प्रावधानों पर आधारित होती है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र की मोदी सरकार के नेतृत्व में कानून का शासन पूरी तरह लागू है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण का बचाव
विपक्ष द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में चतुर्वेदी ने कहा, 'इस देश में SIR पहली बार नहीं हो रहा है। SIR की प्रक्रिया सात बार कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों के नेतृत्व में की गई है।' इस तर्क के ज़रिए उन्होंने विपक्ष पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। आलोचकों का कहना है कि SIR प्रक्रिया की समयसीमा और क्रियान्वयन पर पारदर्शिता होनी चाहिए, लेकिन चतुर्वेदी ने इसे चुनाव आयोग की स्थापित प्रक्रिया बताते हुए इन आपत्तियों को निराधार करार दिया।
विपक्ष पर सीधा प्रहार
चतुर्वेदी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और CJP के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उनका कहना था कि भारत का संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था इतनी मज़बूत है कि कोई भी बाहरी या आंतरिक दबाव इसे अस्थिर नहीं कर सकता। यह बयानबाज़ी आगामी राजनीतिक मौसम में BJP और विपक्ष के बीच बढ़ते वाकयुद्ध का हिस्सा प्रतीत होती है।