8 अक्टूबर 2026
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मतदाता सूची पुनरीक्षण पर तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का BJP पर हमला, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग

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मतदाता सूची पुनरीक्षण पर तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का BJP पर हमला, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग

सारांश

तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी ने नई दिल्ली में 'इंडिया' गठबंधन के विरोध प्रदर्शन में लगातार दूसरे दिन BJP पर दलित, आदिवासी, OBC और अल्पसंख्यकों के वोट छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने 13 करोड़ मतदाताओं के नामों की संभावित कटौती को दुनिया में मताधिकार हनन की सबसे बड़ी घटना बताते हुए CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की।

मुख्य बातें

रेवंत रेड्डी ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में 'इंडिया' गठबंधन के विरोध प्रदर्शन में लगातार दूसरे दिन भाग लिया।
उन्होंने BJP पर आरोप लगाया कि वह दलित, आदिवासी, OBC और अल्पसंख्यकों के वोट छीनने की कोशिश कर रही है।
रेवंत रेड्डी ने चेतावनी दी कि अगर 13 करोड़ नागरिकों के वोट हटाए गए, तो यह दुनिया में मताधिकार हनन की सबसे बड़ी घटना होगी।
प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रद्द करने की माँग की गई।
राहुल गांधी सहित 'इंडिया' गठबंधन के नेता राजघाट धरने में शामिल हुए।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में 'इंडिया' गठबंधन के विरोध प्रदर्शन में लगातार दूसरे दिन भाग लेते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि BJP उन गरीब वर्गों से डरी हुई है जो उसके विरुद्ध हो गए हैं, और इसीलिए वह उनके मताधिकार को छीनने की कोशिश कर रही है।

मुख्य आरोप और बयान

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी बयान में रेवंत रेड्डी के हवाले से कहा गया, 'BJP उन गरीब लोगों से डरी हुई है जो उसके खिलाफ हो गए हैं, जिनमें दलित, आदिवासी, OBC और अल्पसंख्यक शामिल हैं, इसलिए वे उनके वोट छीनना चाहते हैं।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि BJP ने धर्म, जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर देश को बाँटने का प्रयास किया है और विपक्ष को कमज़ोर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया है।

उन्होंने कहा, 'अब जब हार तय है, तो देश को दो बड़े गुटों में बाँटा जा रहा है — एक वे जिनके पास वोट देने का अधिकार है और दूसरे वे जिनके वोट चुराए जाना चाहते हैं।'

SIR प्रक्रिया और मतदाताओं की घटती संख्या पर चिंता

रेवंत रेड्डी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'हम एक अजीब स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं, जहाँ 1952 के बाद से भारत में हर चुनाव में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है — यहाँ तक कि उन तीन आम चुनावों में भी जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता में आए। अब अगले चुनावों में मतदाताओं की कुल संख्या घट जाएगी।'

उन्होंने दावा किया कि यदि 13 करोड़ या उससे अधिक नागरिकों के वोट छीन लिए गए, तो यह दुनिया में मताधिकार हनन की सबसे बड़ी घटना होगी — एक संख्या जो कई देशों की कुल जनसंख्या से भी अधिक है। यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर विपक्षी दलों की आपत्तियाँ लगातार बढ़ रही हैं।

राजघाट पर 'इंडिया' गठबंधन का विरोध प्रदर्शन

रेवंत रेड्डी राजघाट पर आयोजित धरने में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस तथा 'इंडिया' गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ शामिल हुए। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग करना था।

गौरतलब है कि यह लगातार दूसरा दिन था जब तेलंगाना के मुख्यमंत्री इस विरोध प्रदर्शन में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे, जो इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस की गंभीरता को रेखांकित करता है।

लोकतंत्र और संविधानिक अधिकारों पर चेतावनी

रेवंत रेड्डी ने संवैधानिक अधिकारों के हनन की आशंका जताते हुए कहा, 'आज अगर सरकार गैर-कानूनी तरीके से लोगों के वोट छीन सकती है, तो कल उनके सभी अधिकार छीन लिए जाएंगे, जिनमें आरक्षण और मौलिक अधिकार भी शामिल हैं।'

उन्होंने BJP को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, 'BJP या तो CEC ज्ञानेश कुमार को हटाए, SIR प्रक्रिया को रद्द करे और हर नागरिक का वोट बहाल करे, वरना उसे भारतीय राजनीतिक इतिहास के कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा सिर्फ कांग्रेस या 'इंडिया' गठबंधन की लड़ाई नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा मसला है।

आगे क्या होगा

विरोध प्रदर्शन के बाद 'इंडिया' गठबंधन के दबाव की रणनीति आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है। BJP ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। मतदाता सूची पुनरीक्षण का यह विवाद आगामी चुनावी राजनीति में एक केंद्रीय मुद्दा बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि SIR प्रक्रिया में वास्तव में किन नागरिकों के नाम हट रहे हैं और क्यों — एक तथ्य जिसकी स्वतंत्र पड़ताल अभी बाकी है। '13 करोड़ वोट छिनने' का दावा अभी सत्यापित नहीं है और इसे केवल विपक्ष के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। यह ध्यान देने योग्य है कि चुनावी रजिस्टर से नाम हटाना और 'वोट चुराना' दो अलग-अलग बातें हैं — मीडिया कवरेज में इस अंतर को प्रायः नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। BJP की चुप्पी इस बहस को और लंबा खींचेगी।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेवंत रेड्डी ने BJP पर क्या आरोप लगाए हैं?
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया है कि BJP दलित, आदिवासी, OBC और अल्पसंख्यकों सहित उन गरीब वर्गों के मताधिकार छीनने की कोशिश कर रही है जो उसके विरुद्ध हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि BJP ने धर्म, जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर देश को बाँटा है।
SIR प्रक्रिया क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR यानी 'विशेष गहन पुनरीक्षण' चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची की समीक्षा की जाती है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के ज़रिए बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं — विशेषकर हाशिये के वर्गों — के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जो उनके मताधिकार का हनन है।
'इंडिया' गठबंधन का विरोध प्रदर्शन किस माँग के लिए हुआ?
नई दिल्ली के राजघाट पर 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की माँग की। रेवंत रेड्डी लगातार दूसरे दिन इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
रेवंत रेड्डी ने 13 करोड़ मतदाताओं का आँकड़ा क्यों दिया?
रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के चलते 13 करोड़ या उससे अधिक नागरिकों के वोट प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने इसे दुनिया में मताधिकार हनन की सबसे बड़ी संभावित घटना बताया। हालाँकि यह आँकड़ा अभी विपक्ष के दावे पर आधारित है और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।
इस विवाद का भारतीय राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
मतदाता सूची पुनरीक्षण का यह विवाद आगामी चुनावों से पहले विपक्षी एकता का एक प्रमुख मुद्दा बनता जा रहा है। 'इंडिया' गठबंधन इसे लोकतंत्र बनाम तानाशाही की लड़ाई के रूप में पेश कर रहा है, जबकि BJP ने अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
राष्ट्र प्रेस
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