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रक्सौल में पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, WhatsApp OTP भेजने के आरोप में दो गिरफ्तार

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रक्सौल में पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, WhatsApp OTP भेजने के आरोप में दो गिरफ्तार

सारांश

बिहार के रक्सौल से पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ — दो आरोपी भारतीय मोबाइल नंबरों के WhatsApp OTP पाकिस्तानी एजेंटों को बेचते थे। विजयवाड़ा और रक्सौल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में खुलासा, मोबाइल से साक्ष्य बरामद।

मुख्य बातें

बिहार के रक्सौल में 27 अक्टूबर 2026 को पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार ।
आरोपी आदित्य पांडेय (रक्सौल, पूर्वी चंपारण) और राजा कुमार (मूल: मधुबनी) पर WhatsApp OTP पाकिस्तानी एजेंटों को भेजने का आरोप।
दोनों के पास से दो मोबाइल फोन ज़ब्त; फोन में OTP डेटा व भुगतान के साक्ष्य मिलने की बात।
25 अक्टूबर को विजयवाड़ा पुलिस की सूचना पर रक्सौल पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी की गई।
आरोप — OTP से बनाए जाते थे भारतीय नंबरों पर WhatsApp अकाउंट, कथित तौर पर भारत-विरोधी जासूसी में उपयोग।
आगे की जांच विजयवाड़ा पुलिस के अधीन जारी।

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक कथित पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें 27 अक्टूबर 2026 को दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि ये दोनों आरोपी भारतीय मोबाइल नंबरों पर व्हाट्सऐप अकाउंट बनाने के लिए आवश्यक OTP पाकिस्तानी एजेंटों को भेजते थे और इसके बदले मोटी रकम वसूलते थे।

गिरफ्तारी और बरामदगी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदित्य पांडेय और राजा कुमार के रूप में हुई है। आदित्य पांडेय पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल थाना क्षेत्र के नागा रोड का निवासी है, जबकि राजा कुमार मूलतः मधुबनी जिले के हरलाखी थाना क्षेत्र का रहने वाला है और फिलहाल रक्सौल के नोनियाडीह में रह रहा था। पुलिस ने दोनों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी जांच में पाकिस्तानी एजेंट को भेजे गए OTP से संबंधित डेटा तथा भुगतान के साक्ष्य मिलने की बात अधिकारियों ने कही है।

मामले का खुलासा कैसे हुआ

25 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश की विजयवाड़ा पुलिस ने एक अलग मामले की जांच के दौरान रक्सौल थाना को इस नेटवर्क की सूचना दी। सूचना में बताया गया कि रक्सौल बाज़ार से कुछ लोग भारतीय मोबाइल नंबरों पर आने वाले OTP पाकिस्तानी एजेंटों को पहुँचा रहे हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए रक्सौल पुलिस और विजयवाड़ा पुलिस ने संयुक्त छापेमारी दल गठित किया और रक्सौल थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई की।

कथित जासूसी गतिविधियाँ

प्रारंभिक जांच के अनुसार, पाकिस्तानी एजेंट इन OTP का उपयोग कर भारतीय मोबाइल नंबरों पर व्हाट्सऐप अकाउंट बनाते थे। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इन अकाउंट का इस्तेमाल भारत-विरोधी जासूसी गतिविधियों में किया जा सकता है। गौरतलब है कि यह पद्धति — जिसमें भारतीय नागरिकों को नकद प्रलोभन देकर OTP साझा कराया जाता है — साइबर जासूसी का एक उभरता खतरा है।

कार्रवाई में शामिल अधिकारी

इस संयुक्त अभियान में रक्सौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष कुमार आनंद और रक्सौल थानाध्यक्ष रमेश कुमार महतो की अहम भूमिका रही। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की गई और उनके मोबाइल फोन का फोरेंसिक विश्लेषण जारी है।

आगे की जांच

इस मामले में आगे की कार्रवाई विजयवाड़ा पुलिस द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों और कथित जासूसी गतिविधियों के विस्तार के बारे में और जानकारी सामने आने की संभावना है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारत-पाकिस्तान सीमा के निकटवर्ती क्षेत्रों में साइबर जासूसी की घटनाओं पर सुरक्षा एजेंसियों की नज़र बढ़ी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और OTP-आधारित WhatsApp अकाउंट क्लोनिंग का यह तरीका परंपरागत जासूसी से अधिक पकड़ में न आने वाला है। विजयवाड़ा जैसे दूरस्थ शहर की पुलिस का सुराग देना बताता है कि यह नेटवर्क राज्यों की सीमाओं से परे फैला है। असली सवाल यह है कि ये अकाउंट वास्तव में किन गतिविधियों में इस्तेमाल हुए — जो जांच के अगले चरण में स्पष्ट होना चाहिए।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रक्सौल में पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का मामला क्या है?
बिहार के रक्सौल में पुलिस ने 27 अक्टूबर 2026 को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर भारतीय मोबाइल नंबरों पर आने वाले WhatsApp OTP पाकिस्तानी एजेंटों को भेजते थे। इसके बदले उन्हें नकद भुगतान मिलता था।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और इन पर क्या आरोप हैं?
गिरफ्तार आरोपियों के नाम आदित्य पांडेय और राजा कुमार हैं। दोनों पर आरोप है कि वे भारतीय मोबाइल नंबरों पर व्हाट्सऐप अकाउंट बनाने के लिए OTP पाकिस्तानी एजेंटों को उपलब्ध कराते थे, जिन अकाउंट का उपयोग कथित तौर पर भारत-विरोधी जासूसी गतिविधियों में किया जाता था।
इस मामले में विजयवाड़ा पुलिस की भूमिका क्या है?
आंध्र प्रदेश की विजयवाड़ा पुलिस एक अलग मामले की जांच के दौरान इस नेटवर्क के सुराग तक पहुँची और 25 अक्टूबर को रक्सौल थाना को सूचना दी। इसके बाद दोनों पुलिस बलों ने संयुक्त छापेमारी दल बनाकर कार्रवाई की, और आगे की जांच विजयवाड़ा पुलिस के पास है।
पाकिस्तानी एजेंट OTP का किस तरह इस्तेमाल करते थे?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, पाकिस्तानी एजेंट इन OTP से भारतीय मोबाइल नंबरों पर व्हाट्सऐप अकाउंट बनाते थे। अधिकारियों को आशंका है कि इन अकाउंट का उपयोग भारत-विरोधी जासूसी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया जाता था।
इस नेटवर्क की आगे की जांच में क्या सामने आ सकता है?
अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों और गतिविधियों के बारे में और तथ्य सामने आ सकते हैं। दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन का फोरेंसिक विश्लेषण जारी है और विजयवाड़ा पुलिस मामले की आगे की कड़ियाँ खंगाल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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