सीतामढ़ी में पाकिस्तान से कथित संपर्क के आरोप में दो गिरफ्तार, तीन मोबाइल जब्त; फॉरेंसिक जांच जारी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के सीतामढ़ी जिले में पुलिस ने 15 जुलाई 2026 को गाढ़ा थाना क्षेत्र के टकोर गांव में छापेमारी कर दो संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन में संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप, विदेशी नंबरों से संवाद और कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित नेटवर्क से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। हालांकि, इन साक्ष्यों की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
गिरफ्तारी का विवरण
सीतामढ़ी पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर गाढ़ा थाना क्षेत्र के टकोर गांव में कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. अखलाख (29 वर्ष) और मो. अरमान (28 वर्ष) के रूप में हुई है — दोनों टकोर गांव के निवासी बताए गए हैं। तलाशी के दौरान उनके पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए और विधिवत जब्त किए गए। इस मामले में गाढ़ा थाना कांड संख्या 78/26 दर्ज किया गया है।
डिजिटल साक्ष्य और प्रारंभिक जांच
पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच में संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप, विदेशी मोबाइल नंबरों से संपर्क और कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ी सामग्री सामने आई है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों में देश विरोधी गतिविधियों की योजना से संबंधित सामग्री मिली है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ये निष्कर्ष प्रारंभिक हैं और बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की विधिवत फॉरेंसिक एवं तकनीकी जांच अभी जारी है।
जांच का दायरा
पुलिस ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच विभिन्न स्तरों पर की जा रही है। इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही आगे की विधिसम्मत कार्रवाई तय की जाएगी। गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे बिहार के इस इलाके में इस प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों के आरोपों की जांच सुरक्षा एजेंसियों के लिए विशेष महत्व रखती है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने कहा कि डिजिटल साक्ष्यों की सत्यता की पुष्टि और आरोपियों के संभावित संपर्कों की विस्तृत पड़ताल जारी है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती जिलों में संदिग्ध डिजिटल नेटवर्क पर कड़ी नज़र रख रही हैं।