पाकिस्तानी गैंग को सिम OTP देने के आरोप में बीकानेर किसान गिरफ्तार, शहजाद भट्टी नेटवर्क से कनेक्शन की जांच
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के बीकानेर जिले के गौडू गांव निवासी किसान अनिल कुमार बिश्नोई को 28 जुलाई 2026 को जयपुर एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) और बीकानेर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उसने 17 जुलाई को एक भारतीय मोबाइल सिम कार्ड को सक्रिय करने के लिए आवश्यक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) साझा किया, जिसका उपयोग बाद में पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी गैंग से जुड़े एक व्यक्ति ने किया। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा माना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी गैंग से कथित तौर पर जुड़े एक व्यक्ति उज्जैर ने अनिल कुमार बिश्नोई से संपर्क किया और उसे एक भारतीय सिम कार्ड खरीदकर उसे सक्रिय करने के लिए OTP साझा करने के लिए तैयार किया। बज्जू थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) चंद्रवीर सिंह ने बताया, 'जांच में पता चला है कि बाद में उस सिम कार्ड को पाकिस्तान में सक्रिय कर इस्तेमाल किया गया। अब तक मिले सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।'
खुफिया जानकारी और पुलिस ऑपरेशन
यह गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों से प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। जयपुर ATS ने बीकानेर पुलिस के साथ इनपुट साझा किए, जिसके बाद बीकानेर पुलिस अधीक्षक मृदुल कछावा के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में बज्जू पुलिस की एक विशेष टीम ने ऑपरेशन चलाकर आरोपी को हिरासत में लिया।
शहजाद भट्टी गैंग से संबंध की जांच
जांचकर्ताओं को आशंका है कि इस सिम कार्ड का इस्तेमाल पाकिस्तान में गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया गया हो सकता है। शुरुआती जांच में शहजाद भट्टी गैंग और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े संगठनों के बीच संबंध होने के संकेत मिले हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सीमा-पार साइबर नेटवर्क के जरिए भारतीय दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है।
आगे की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या आरोपी ने पहले भी किसी पाकिस्तानी व्यक्ति को भारतीय सिम कार्ड, OTP या कोई अन्य संवेदनशील जानकारी साझा की थी। जांचकर्ता यह भी खंगाल रहे हैं कि क्या यह मामला किसी बड़े सीमा-पार नेटवर्क का हिस्सा है। आरोपी से पूछताछ जारी है।