नकवी का कांग्रेस पर हमला: 'अस्थिरता फैलाने वाले कभी सफल नहीं होंगे', SIR विवाद पर BJP का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच नकवी ने कहा कि देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करने वाले कभी अपने मकसद में कामयाब नहीं होंगे।
नकवी का सीधा हमला
नकवी ने विपक्षी प्रदर्शनों पर तंज कसते हुए कहा, 'जो लोग जनादेश में फिसड्डी रहकर जंतर-मंतर पर कबड्डी खेलकर देश में अस्थिरता, अराजकता और दंडता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, वे कभी सफल नहीं होंगे। न वे सफल होंगे और न ही उनके राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय निवेशक सफल होंगे। उन्हें सिर्फ निराशा ही हाथ लगेगी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के इस गणित को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिगाड़ दिया है क्योंकि जनता ने तीसरी बार उन्हें स्पष्ट जनादेश दिया है।
कांग्रेस पर 'पुराने रिवाज' का आरोप
नकवी ने आरोप लगाया कि किसी भी गैर-कांग्रेसी सरकार को अस्थिर करना कांग्रेस का पुराना चलन रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें किरदार नए हो सकते हैं, लेकिन कहानी और करतूत वही पुरानी है। उनके अनुसार विपक्ष हर तीन या छह महीने के अंतर पर नई कहानी लेकर आता है — 'राफेल से लेकर रिजीम चेंज तक, चौकीदार चोर है से चुनाव आयोग चोर है तक, और संविधान खतरे में है से संसद व सुप्रीम कोर्ट बर्बाद हो गए तक।' नकवी ने इसे देश के खिलाफ षड्यंत्र का हिस्सा बताया।
भारत की तुलना विदेशों से करने पर प्रतिक्रिया
विपक्षी प्रदर्शनों की तुलना विदेशों से किए जाने के सवाल पर नकवी ने दृढ़ता से कहा कि भारत को किसी से सीख लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, 'भारत न कभी जर्मनी बन सकता है, न बांग्लादेश, न पाकिस्तान और न ही नेपाल। भारत एक महान मुल्क है, कोई अस्थिर देश नहीं है।' यह टिप्पणी उन बयानों के संदर्भ में आई जिनमें भारत के राजनीतिक घटनाक्रम की तुलना अन्य देशों के परिवर्तनों से की जा रही थी।
आर.पी. सिंह की अपील — राष्ट्रीय एकता पर ज़ोर
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के दशहरा संबोधन का समर्थन किया, जिसमें मोदी ने देश के दुश्मनों के खिलाफ सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होने की अपील की थी। आर.पी. सिंह ने कहा, 'विदेशी ताकतें भारत की संस्कृति पर लगातार कुठाराघात कर रही हैं। जब 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसे नारे लगवाए जाते हैं, तो यह बहुत गंभीर मामला है।' उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि सियासी विरोध से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित में सरकार के साथ खड़े हों।
व्यापक राजनीतिक संदर्भ
यह तीखी बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति प्रक्रिया और मतदाता सूची के SIR को लेकर सड़क पर उतरे हुए हैं। गौरतलब है कि यह SIR विवाद पिछले कुछ हफ्तों से राजनीतिक गलियारों में गरमाया हुआ है। BJP और कांग्रेस के बीच यह मौखिक संघर्ष संसदीय लोकतंत्र में चुनावी संस्थाओं की स्वायत्तता के व्यापक सवाल को भी सामने लाता है। आगामी राज्य चुनावों को देखते हुए दोनों पक्षों की बयानबाज़ी और तेज होने के आसार हैं।