ईबीसी और ओबीसी को भाजपा सरकार ने सबसे अधिक अधिकारों से वंचित रखा: पप्पू यादव का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 19 अगस्त को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शासनकाल में आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को सबसे अधिक अधिकारों से वंचित रखा गया है। उन्होंने यह बात तीन अलग-अलग मुद्दों — आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी, झारखंड में 44 परीक्षाओं के रद्द होने और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ओबीसी संबंधी बयान — पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कही।
ओबीसी अधिकारों पर पप्पू यादव का रुख
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में कहा था कि यदि ओबीसी समाज अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरा, तो सरकार को झुकना पड़ेगा। इस पर पप्पू यादव ने कहा, 'इस सरकार के कार्यकाल में न तो ऊंची जातियों, न ही ईबीसी, न ही एसटी और न ही ओबीसी को सुरक्षा मिली है। इस सरकार ने ईबीसी और ओबीसी को सबसे ज़्यादा अधिकारों से वंचित रखा है।'
उन्होंने आगे कहा, 'चाहे वह ओबीसी और ईबीसी के लिए पिछली सरकारों द्वारा बनाए गए कानून हों, या जातिगत जनगणना और सत्ता में भागीदारी जैसे मुद्दे हों — ये वही सवाल हैं जो आज ओबीसी समाज उठा रहा है।' गौरतलब है कि जातिगत जनगणना और पिछड़े वर्गों की सत्ता में हिस्सेदारी का मुद्दा हाल के वर्षों में राष्ट्रीय राजनीति में केंद्रीय बहस बन चुका है।
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर सवाल
दिल्ली जल बोर्ड में कथित गड़बड़ी के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) द्वारा AAP के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर पप्पू यादव ने कहा, 'इस देश में कोई संस्था विश्वसनीय बची नहीं, सभी का राजनीतिककरण हो गया है। सत्येंद्र जैन पहले भी जेल जा चुके हैं। बार-बार किसी को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया अपनाना या राजनीतिक मकसद के लिए इसका इस्तेमाल करना सवालिया निशान खड़ा करता है।'
उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर भी निशाना साधते हुए कहा, 'भ्रष्टाचार की जड़ पर ध्यान नहीं दिया गया है। विपक्ष पर ईडी का हमला क्यों होता है?' उन्होंने आरोप लगाया कि BJP के अधिकांश नेता और पदाधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
झारखंड में परीक्षाएं रद्द होने पर चिंता
झारखंड में 44 परीक्षाओं के रद्द होने के मसले पर पप्पू यादव ने कहा, 'बातचीत ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। किसी भी सरकार को अपने लोगों को ध्यान में रखकर ही कानून और नियम बनाने चाहिए।' उन्होंने छात्रों पर किसी भी प्रकार के बल प्रयोग की निंदा करते हुए कहा कि 'देश के बच्चों से सिर्फ वार्ता कर ही समाधान निकाला जा सकता है।'
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ चल रही हैं और ओबीसी-ईबीसी वोट बैंक को लेकर सभी दल अपनी-अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं। पप्पू यादव के बयान पिछड़े वर्गों की राजनीतिक गोलबंदी के व्यापक रुझान को दर्शाते हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर संसद और सड़क — दोनों स्तरों पर बहस तेज होने के संकेत हैं।