तेजस्वी यादव का आरोप: भाजपा तोड़ रही लोकतांत्रिक संस्थाएँ, इंडी गठबंधन संसद से सड़क तक लड़ेगा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में इंडी गठबंधन की बैठक के बाद केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल संसद, सड़क और अदालत — हर मंच पर लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
मुख्य आरोप और घोषणाएँ
तेजस्वी ने कहा कि BJP ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया है और इसी कारण इंडी गठबंधन ने एकजुट होकर प्रतिरोध का संकल्प लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी एक राज्य या मुद्दे तक सीमित नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र की बुनियाद को बचाने की लड़ाई है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी एक अधिकारी के हटाए जाने से समस्या का समाधान नहीं होगा — जड़ें गहरी हैं और जनता को स्वयं आगे आना होगा।
चुनाव आयोग पर सवाल
तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि हाल के चुनावों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ हुई हैं और इसी विषय पर इंडी गठबंधन की बैठक में विस्तृत चर्चा हुई।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें बचाने के लिए कानून में बदलाव किए गए। तेजस्वी ने कहा कि पहले चुनाव आयोग की चयन प्रक्रिया में मुख्य न्यायाधीश की भूमिका थी, जिसे हटा दिया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतदान से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अवधि को एक वर्ष से घटाकर 45 दिन कर दिया गया है, ताकि कथित अनियमितताओं के साक्ष्य उपलब्ध न रह सकें। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि मतदान प्रतिशत के आँकड़े अब चुनाव के दिन शाम तक उपलब्ध नहीं होते और बाद में उनमें बदलाव दिखाई देता है — जो उनके अनुसार पारदर्शिता की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है।
बिहार में एसआईआर और पुनर्मतदान की माँग
तेजस्वी ने बिहार में लागू विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया। उनका कहना था कि इस प्रक्रिया को पहले बिहार में परखा गया और फिर देश के अन्य राज्यों में लागू किया गया। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल में दोबारा चुनाव कराने की माँग भी दोहराई।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं पर विपक्षी दलों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं और गठबंधन की बैठकें एक साझा रणनीति बनाने की कोशिश में जुटी हैं।
बिहार की कानून-व्यवस्था पर प्रहार
तेजस्वी यादव ने बिहार की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराधियों का दबदबा बढ़ा है और महिलाओं की सुरक्षा गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। उनके अनुसार, यदि BJP सत्ता में बनी रही तो बेरोज़गारी, महँगाई और अपराध की समस्याएँ जस की तस रहेंगी।
गौरतलब है कि बिहार में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव अपेक्षित हैं, और तेजस्वी यादव का यह आक्रामक तेवर उसी चुनावी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। इंडी गठबंधन की एकजुटता इस संदर्भ में राजनीतिक रूप से अहम है।