क्या तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता बनेंगे बिहार विधानसभा में?
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पटना, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को कड़ी हार का सामना करना पड़ा है। शनिवार को महागठबंधन की बैठक आयोजित की गई, जिसमें एक बार फिर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव को राज्य विधानमंडल में गठबंधन का नेता चुना गया। इस निर्णय के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि विधानसभा में तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता होंगे।
असल में, पहले राजद और फिर महागठबंधन विधायक दल की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से नेता के रूप में चुना गया। बैठक के बाद राजद के विधायक भाई वीरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आज पहले राजद विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें तेजस्वी यादव को नेता के तौर पर चुना गया। इसके बाद महागठबंधन की बैठक हुई, जिसमें महागठबंधन विधायक दल का नेता भी चुना गया।
बिहार विधानसभा का सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। सत्र की रणनीति के बारे में उन्होंने कहा कि पांच दिन तक विधानसभा सत्र चलेगा। हम लोग सरकार की सभी गलत नीतियों के खिलाफ सदन में मजबूती से अपनी बात रखेंगे। संख्या कम है, पर मनोबल कम नहीं है।
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में महागठबंधन 35 सीटों पर सिमट गया। इनमें 25 विधायक राजद के हैं, जबकि कांग्रेस के छह उम्मीदवार ही चुनाव जीत सके। इसके अतिरिक्त, सीपीआई (एमएल) के दो और सीपीआई (एम) के एक उम्मीदवार विधानसभा में पहुंच सके। इंडियन इनक्लूसिव पार्टी ने एक सीट पर चुनाव जीती है। दूसरी ओर, एनडीए का इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन रहा। एनडीए ने 202 सीटों पर जीत दर्ज की।
भाजपा इस चुनाव में 89 सीटों पर जीत दर्ज कर प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनी है। इस चुनाव में महागठबंधन ने मुख्यमंत्री पद के लिए तेजस्वी यादव को ही उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत किया था। विधानसभा का यह सत्र केवल पांच दिन चलेगा और इसमें प्रोटेम स्पीकर नए विधायकों को शपथ दिलाएंगे। इसके अलावा, स्पीकर का चयन भी किया जाएगा।