कोच्चि: भरत माता कॉलेज छात्र गिरफ्तार, टेलीग्राम पर बेचीं मॉर्फ्ड तस्वीरें; हॉस्टल वीडियो भी मिले
सारांश
मुख्य बातें
कोच्चि के भरत माता कॉलेज के एक छात्र को शिक्षकों और छात्राओं की मॉर्फ्ड अश्लील तस्वीरें फैलाने और कथित तौर पर टेलीग्राम के ज़रिए बेचने के आरोप में 4 सितंबर को कक्कनाड पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में लड़कियों के हॉस्टल के कमरों की तस्वीरें और वीडियो मिलने से मामले ने एक गंभीर मोड़ ले लिया है।
मुख्य घटनाक्रम
भरत माता कॉलेज के द्वितीय वर्ष के बीबीए छात्र एस. श्रीहरि को कॉलेज प्रबंधन की शिकायत के बाद हिरासत में लिया गया। पुलिस की अनुमति से फोन की जांच करने वाले छात्रों को डिवाइस में बड़ी संख्या में मॉर्फ्ड तस्वीरें और वीडियो मिले, जिनमें छात्राओं की तस्वीरें भी शामिल थीं। इन तस्वीरों को बार-बार छेड़छाड़ कर अश्लील रूप दिया गया था।
जांच में सामने आया कि टेलीग्राम चैट के ज़रिए मूल तस्वीरें भेजी जाती थीं और उसी चैनल पर उनके मॉर्फ्ड संस्करण वापस मिल जाते थे — कथित तौर पर पैसे लेकर। विशेष ग्रुप बनाकर इन तस्वीरों को शिक्षकों और साथी छात्रों तक फैलाया जा रहा था।
हॉस्टल वीडियो और शिक्षकों की रिकॉर्डिंग
आरोपी के फोन की गैलरी में गर्ल्स हॉस्टल के कमरों की तस्वीरें और वीडियो मिलने से जांच में नई दिशा खुली है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या ये तस्वीरें हॉस्टल के भीतर छिपकर ली गई थीं और बाद में मॉर्फिंग के लिए इस्तेमाल हुईं। इसके अलावा, कक्षा में पढ़ा रहे शिक्षकों की तस्वीरें और वीडियो भी कथित तौर पर रिकॉर्ड किए गए और मॉर्फिंग में उपयोग किए गए।
गौरतलब है कि श्रीहरि कॉलेज के आधिकारिक कार्यक्रमों में फोटोग्राफी और वीडियो एडिटिंग का काम करता था, जिससे उसे शिक्षकों और छात्रों की तस्वीरों तक आसान पहुंच मिलती थी। यही पहुंच कथित अपराध की नींव बनी।
मामले का खुलासा कैसे हुआ
कॉलेज को इन कथित गतिविधियों की जानकारी पहली बार 1 सितंबर को मिली, जब एक पूर्व छात्र ने एक महिला शिक्षक को सतर्क किया। शुरुआती जांच में जानकारी की पुष्टि होने पर कॉलेज प्रबंधन ने श्रीहरि को निलंबित कर संस्थान से निष्कासित कर दिया।
इसके बाद स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के नेतृत्व में छात्रों ने प्रिंसिपल के कार्यालय के बाहर धरना दिया और मामले को संभालने के तरीके पर सवाल उठाए। इसी दबाव के बाद कक्कनाड पुलिस कैंपस पहुंची और श्रीहरि को हिरासत में ले लिया।
कानूनी कार्रवाई और जांच की स्थिति
पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67ए सहित कई गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल, कथित वित्तीय लेन-देन की जांच और अन्य संभावित आरोपियों की पहचान के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में डिजिटल यौन उत्पीड़न और एआई-सहायता प्राप्त मॉर्फिंग के मामलों में तेज़ी देखी जा रही है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं।