तमिलनाडु में आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया शुरू, 29 मई तक होगी पूरी
सारांश
Key Takeaways
- आरटीई के तहत दाखिला प्रक्रिया 20 अप्रैल से शुरू होगी।
- 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
- पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी स्कूलों को सीट संख्या प्रदर्शित करनी होगी।
- यदि आवेदन अधिक हों, तो लॉटरी के माध्यम से चयन होगा।
- समय पर प्रक्रिया शुरू होने से अधिक बच्चों को लाभ मिलेगा।
चेन्नई, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु में निजी विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के अंतर्गत एडमिशन प्रक्रिया आज से आरंभ हो गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए संपूर्ण शेड्यूल जारी किया है, जिसके अनुसार यह प्रक्रिया 29 मई तक समाप्त हो जाएगी।
इस बार दाखिला प्रक्रिया समय पर शुरू की जा रही है, क्योंकि पिछले वर्ष इसमें कई समस्याओं का सामना करना पड़ा था। 2 अप्रैल से सभी तैयारियों का काम प्रारंभ हो गया है। 6 अप्रैल को विभाग निजी स्कूलों को सूचित करेगा कि उन्हें आरटीई के तहत कितनी सीटें आरक्षित करनी हैं। यह आंकड़ा शिक्षा प्रबंधन सूचना प्रणाली (ईएमआईएस) के डेटा के अनुसार निर्धारित किया जाएगा।
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी पात्र निजी विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 7 अप्रैल से अपने परिसर में 25 प्रतिशत आरटीई कोटे के अंतर्गत उपलब्ध सीटों की संख्या प्रदर्शित करें। 15 अप्रैल को सभी स्कूलों की सीटों की एक संयुक्त सूची ऑनलाइन प्रकाशित की जाएगी, जिससे अभिभावक आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें।
एडमिशन के लिए आवेदन प्रक्रिया 20 अप्रैल से शुरू होगी और यह 18 मई तक चलेगी। इस दौरान अभिभावकों को आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। पूरी प्रक्रिया 29 मई तक समाप्त होगी।
आरटीई कानून के अंतर्गत निजी, गैर-अल्पसंख्यक विद्यालयों में एंट्री लेवल कक्षाओं (एलकेजी और कक्षा 1) में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। इस योजना के तहत हर वर्ष लगभग 85,000 बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलता है।
योग्यता के लिए स्पष्ट नियम भी निर्धारित किए गए हैं। प्राथमिकता उन बच्चों को दी जाएगी जो विद्यालय से एक किलोमीटर के दायरे में निवास करते हैं। एलकेजी में दाखिले के लिए बच्चों का जन्म 1 अगस्त 2021 से 31 जुलाई 2022 के बीच होना चाहिए। वहीं कक्षा 1 के लिए यह सीमा 1 अगस्त 2019 से 31 जुलाई 2020 के बीच तय की गई है।
यदि आवेदन की संख्या सीटों से अधिक होती है, तो 22 मई को लॉटरी प्रणाली के माध्यम से चयन किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
पिछले वर्ष समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत फंडिंग में समस्याओं के कारण दाखिला अक्टूबर तक टल गए थे, लेकिन इस बार समय पर प्रक्रिया आरंभ होने से अधिकारियों को उम्मीद है कि दाखिला सुचारु रूप से किया जाएगा और अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।