तमिलनाडु में कक्षा 10 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन प्रारंभ, परिणाम 20 मई को आएंगे
सारांश
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चेन्नई, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु में कक्षा 10 (एसएसएलसी) की सार्वजनिक परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन आज से आरंभ हो गया है। अधिकारियों ने बताया है कि 20 मई को परिणाम घोषित होने की संभावना है।
तमिलनाडु राज्य बोर्ड के पाठ्यक्रम के अंतर्गत आयोजित कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाएं 11 मार्च से शुरू हुई थीं, जिसमें कुल 8,96,550 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें 8,82,806 नियमित स्कूल के छात्र और 13,744 निजी परीक्षार्थी शामिल हैं, जो राज्य में बड़े स्तर पर भागीदारी को दर्शाता है।
सरकारी परीक्षा निदेशालय (डीजीई) के आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन विभिन्न जिलों में स्थापित कई मूल्यांकन केंद्रों पर शुरू कर दिया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देशों में कहा गया है कि वे प्रत्येक जिले में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर मूल्यांकन केंद्रों का आवंटन करें ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया सुचारु और प्रभावी ढंग से चल सके।
अधिकारियों ने मूल्यांकन कार्य को बिना किसी देरी के पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। इसके लिए सभी योग्य और पात्र शिक्षकों को सक्रिय रूप से इस प्रक्रिया में भाग लेने का निर्देश दिया गया है।
विभाग ने सटीकता और एकरूपता बनाए रखने के लिए विषय-विशेष दिशानिर्देश भी जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार, तमिल माध्यम की कक्षाएं पढ़ाने वाले शिक्षक केवल तमिल भाषा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करेंगे, जबकि अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक केवल अंग्रेजी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करेंगे। इस कदम का उद्देश्य विषय विशेषज्ञता बनाए रखना और पूरे राज्य में निष्पक्ष व समान मूल्यांकन सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों ने बताया कि व्यवस्थित योजना और समयसीमा का सख्ती से पालन किया जा रहा है, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया में कोई लंबित कार्य न रहे। विभाग सभी केंद्रों पर प्रगति की लगातार निगरानी कर रहा है, जिससे तय समय के भीतर काम पूरा किया जा सके।
मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सरकारी परीक्षा निदेशालय 20 मई को परिणाम घोषित करने की योजना बना रहा है। तमिलनाडु राज्य में छात्र और अभिभावक परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं क्योंकि यह शैक्षणिक प्रगति और भविष्य के शैक्षणिक अवसरों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
शिक्षा विभाग ने मूल्यांकन और परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है और हितधारकों को समय पर और सटीक परिणाम देने का आश्वासन दिया है।