तमिलनाडु में 10वीं बोर्ड परीक्षाएं शुरू, 9 लाख से ज्यादा छात्र देंगे परीक्षा
सारांश
Key Takeaways
- तमिलनाडु में 10वीं बोर्ड परीक्षाएं 11 मार्च से 6 अप्रैल तक होंगी।
- इस वर्ष 9 लाख से अधिक छात्र परीक्षा में उपस्थित होंगे।
- परीक्षा के लिए 4,219 केंद्र बनाए गए हैं।
- नकल रोकने के लिए सख्त उपाय किए गए हैं।
- परिणाम 20 मई को घोषित होंगे।
चेन्नई, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु में राज्य बोर्ड के अंतर्गत कक्षा 10 की परीक्षाएं बुधवार से आरंभ होने जा रही हैं। इस वर्ष राज्य में 9 लाख से अधिक छात्र इन परीक्षाओं में भाग लेंगे। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, परीक्षाएं 11 मार्च से 6 अप्रैल तक आयोजित की जाएंगी।
पहले दिन छात्र भाषा का पेपर देंगे, जिसमें तमिल के साथ-साथ अन्य भाषाओं के विषय भी शामिल हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग ने जानकारी दी है कि परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए व्यापक तैयारियों की गई हैं। इस साल कुल 9,09,397 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होंगे। इसके लिए राज्य में 4,219 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें 12,467 स्कूलों के 8,82,806 छात्र, 26,196 निजी उम्मीदवार और 395 जेल में बंद कैदी शामिल हैं।
विभाग के अनुसार, 12,292 छात्र 'स्क्राइब' की सहायता से परीक्षा लिखेंगे। परीक्षा की निगरानी और व्यवस्था संभालने के लिए 49,542 शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक (रूम इनविजिलेटर) के रूप में नियुक्त किया गया है।
नकल और अन्य अनियमितताओं को रोकने के लिए राज्य भर में 4,954 फिक्स्ड और फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी दल भी बनाए गए हैं, जिसमें जिला कलेक्टर, मुख्य शैक्षिक अधिकारी और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के लिए सख्त इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, 300 प्रश्नपत्र भंडारण केंद्रों पर 24 घंटे सशस्त्र पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
छात्रों को परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें पीने का पानी, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, बिजली, वेंटिलेशन, रोशनी और शौचालय जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
छात्रों और परीक्षकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
छात्रों को केवल नीले या काले रंग की स्याही वाले पेन से उत्तर लिखने की अनुमति होगी, रंगीन पेन या पेंसिल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा छात्रों को यह निर्देश दिया गया है कि वे उत्तर पुस्तिका पर किसी भी तरह का कोड, नाम या परीक्षा नंबर नहीं लिखें।
हर उत्तर पुस्तिका के साथ एक कवर शीट होगी, जिसमें छात्र की फोटो, पंजीकरण संख्या और विषय की जानकारी होगी। छात्रों को इन विवरणों की जांच कर उस पर हस्ताक्षर करने होंगे, जबकि कक्ष निरीक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि उत्तर पुस्तिकाएं सही तरीके से अलग करके जमा की जाएं।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई छात्र नकल, किसी अन्य की जगह परीक्षा देना, परीक्षा अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार या उत्तर पुस्तिका से छेड़छाड़ जैसी गतिविधियों में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे मामलों में छात्र को तीन साल तक परीक्षा से प्रतिबंधित किया जा सकता है या स्थायी रूप से सार्वजनिक परीक्षाओं से अयोग्य भी घोषित किया जा सकता है। यदि किसी स्कूल की ओर से अनियमितताओं को बढ़ावा देने का मामला सामने आता है, तो उसकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
परीक्षाएं समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू होगा और परिणाम 20 मई को घोषित होने की योजना है।
छात्रों और अभिभावकों की सहायता के लिए, स्कूल शिक्षा विभाग ने एक परीक्षा नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है, जो सभी परीक्षा दिनों में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक कार्य करेगा। किसी भी प्रकार की जानकारी, शिकायत या सहायता के लिए 94983 83075, 94983 83076 नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा, विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 14417 भी उपलब्ध रहेगी।